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निजी दुकानों से यूरिया की बिक्री को प्रशासन ने कसी कमर

फर्रुखाबाद, ०९ फरवरी,सहकारी क्षेत्र में यूरिया की कमी को देखते हुए जिला प्रशासन ने अब प्राइवेट दुकानों से वितरण की रणनीति बनायी है। जिला कृषि अधिकारी एके सचान ने ब्लाक वार वितरण के लिये तिथियां निर्धारित कर दी हैं।

श्री सचान ने बताय कि सहकारिता क्षेत्र की समितियों पर यूरिया की कमी को देखते हुए जिलाधिकारी के निर्देश पर इस आशय का निर्णय किया गया है। उन्होंने बताया कि बुधवार को विकास खंड मोहम्मदाबाद में कौशल खाद भंडार से किसानों को यूरिया का वितरण कराया गया। गुरुवार को विकास खंड कमालगंज में फौजी ट्रेडर्स की दुकान से यूरिया की बिक्री करायी जायेगे। कायमगंज में 11 फरवरी को सत्यम खांद भंडार से, शमसाबाद में 14 फरवरी को ब्रहमासरन नितेश कुमार की दुकान से, बढत्रपुj में 15 फरवरी को सांई फर्टिलाइजर से, राजेपुर में 16 फरवरी को सक्सेना खाद भंडार से और विकास खांड नवाबगंज में 17 फरवरी को त्रिदेव फर्टिलाइजर की दुकान से यूरिया का वितरण करायस जायेगां.

इतना हंगामा क्यों किया ? माया की जूती ही तो साफ की!

लखनऊ। उत्‍तर प्रदेश की मुख्‍यमंत्री मायावती हेलीकॉप्‍टर से उतरीं तो उनकी जूती पर धूल आ गई। अरे धूल किसकी जूती पर नहीं आती। डीसीपी पद्म सिंह ने अगर रुमाल निकाल कर बहनजी की जूती साफ कर दी, तो इसमें बड़ी बात क्‍या है। इस मुद्दे को मीडिया को उछालने की क्‍या जरूरत है, अरे ये तो राज्‍य की परिपाटी बन चुकी है। अगर कोई अधिकारी जूती साफ कर अपने आपको गौरवांवित महसूस कर रहा है, तो उसके पीछे कोई कारण भी तो हो सकते हैं।

आपको मायावती का जन्‍मदिन याद होगा। मंच पर जैसे की मायावती ने केक काटा, डीजीपी विक्रम सिंह ने उसका एक स्‍लाइस काटकर मायावती को मुंह में खिलाया। सच पूछिए तो वो भी चाटूकारिता का एक बड़ा उदाहरण ही तो है। अगर डीजीपी सीएम को केक खिला सकते हैं तो डीसीपी जूती क्‍यों नहीं साफ कर सकता?

इस घटना ने सिर्फ पद्म सिंह की चाटूकारिता ही नहीं झलक कर सामने आयी है, बल्कि मायावती के पूरे महकमे में चाटूकारों की भरमार है। उन्‍हीं के लीडर हैं राज्‍य के मुख्‍य सचिव शशांक शेखर जिन्‍हें हम नेक्‍स्‍ट टू सीएम मानते हैं। जब उन्‍हें पद्म सिंह की जूती साफ करने पर कोई ऐतराज नहीं तो जनता को क्‍यों। जब मुख्‍य सचिव खुद प्रेस कॉन्‍फ्रेंस करके चिल्‍ला चिल्‍ला कर कह रहे हैं, कि यह हमारी ड्यूटी है, तो आम जनता को क्‍या।

सही मायने में जनता को इस घटना से कोई फर्क नहीं पड़ा है, यह मीडिया ही है, जो इस मामले को उछाल रहा है। जनता की मानें तो उसे इस बात का अहसास हो चुका है कि राज तंत्र पूरी तरह प्रशासन पर हावी हो चुका है।

अंत में हम ये क्‍यों भूल जाएं कि मायावती ने इस साल से प्रदेश का सर्वोच्‍च सम्‍मान कांशीराम पुरस्‍कार जो घोषित किया है। ये पुरस्‍कार हमें या आपको तो मिलने से रहा, कहीं ये अधिकारी ही तो इस पुरस्‍कार को पाने की होड़ में तो नहीं हैं? अगर हां, तो इस साल पद्म सिंह का नाम सूची में सबसे ऊपर होगा। उनका पक्ष लेने वाले शशांक शेखर या सीएम को केक खिलाने वाले विक्रम सिंह भी इस दौड़ में आगे हो सकते हैं। अगर इनके अलावा और कोई भी है, तो जल्‍द ही वो भी अपनी चाटूकारिता का परिचय देते हुए मीडिया के कैमरे में कैद हो जाएगा।

खाली घरों पर चोरों का राज, उड़ाई नगदी जेवरात

फर्रुखाबाद: अब घरों को खाली छोडने का मतलब है कि चोरों को घर से सामान चुराने की आजादी देना| चोर अक्सर उन्ही घरों को निशाना बना रहें हैं जिनमे कोई मौजूद नहीं होता|

शहर कोतवाली के मोहल्ला नाराकसा निवासी राजेश जाटव व उनकी पत्नी कलादेवी आदि परिजन सायं घर में ताला लगाकर सामूहिक विवाह समारोह में चले गए| जहां उनके छोटे बेटे रूपेश की शादी हुई|

शादी के बाद जब वह नयी बहू लेकर बड़ी खुशी के साथ घर पहुंचे तो घर का माहौल देखकर उदास हो गए| रात में चोर मेनगेट का टला तोड़कर चोर घर से २० हजार रपये नगद, मंगलसूत्र आदि जेवरात वा कीमती सामान निकाल ले गए|

चोरों ने मोहल्ला बढपुर विकास नगर में बंद पड़े श्रीमती पूजा देवी के मकान को निशाना बनाया| चोर बीते रात मकान से सीडी प्लेयर, बर्तन आदि सामान निकाल ले गए| वेवर रोड लालसिंह चौहान ने पुलिस को सूचना दी कि उनकी बहन पूजा व उनका बेटा अमित, ससुर श्रीपाल की ह्त्या के मुकद्दमे में जेल में हैं|

विक्षिप्त के मर जाने से घर वालों को राहत

फर्रुखाबाद: आग से झुलसे युवक नन्ह्के उर्फ़ आकाश की उपचार के दौरान सायं ३:५० बजे लोहिया अस्पताल में मौत हो गई| उसके मरने के बाद घर वालों ने राहत महसूस की|

नन्ह्के थाना मऊदरवाजा के मोहल्ला बहादुरगंज तराई निवासी श्यामराज बढ़ई का पुत्र था| उसे चचेरे भाई गौरव ने सुबह ८ बजे लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया था| गौरव ने बताया कि ६ साल से विक्षिप्त नन्ह्के के इलाज पर काफी रुपया खर्च हुआ| उसकी आग को बुझाने में बड़े भाई अनिल के हाँथ झुलस गए| परिजनों को इस बात का दुःख था कि २,३ दिन पूर्व राशन का कुल तीन लीटर ही मिट्टी का तेल मिला था जिसक नन्ह्के ने आग लगाने में खर्च कर दिया|

समझा जाए कि नन्ह्के ने अपनी जान देकर इलाज पर होने वाले खर्चे को बचाकर घरवालों को राहत दिलाई है|

हाँथ बांधकर जलाया गया था गीता को

फर्रुखाबाद: आखिरकार वही हुआ जिसकी संभावना थी कि गीता मर जायेगी| कोतवाली फतेहगढ़ के नवदिया निवासी गजेन्द्र जाटव की पत्नी गीता ने ११:५० बजे दम तोड़ दिया| उसे सुबह ७:५५ बजे लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया था| गीता की मौत के बाद उसके पति, ससुर आदि परिजन घर से गायब हो गए| शव के पास सास राधा बैठी रही|

गीता कन्नौज कोतवाली तालग्राम के ग्राम सकरहनी निवासी मन्नीलाल की पुत्री थी| वहां जयदेवी ने रोते हुए आरोप लगाया कि दामाद ने बेटी को मिट्टी तेल से आग लगाई थी| मरने से पहले बेटी ने बताया था कि जब वह चारपाई पर लेटी थी तब घरवालों ने उसके चारपाई से हाँथ बाँध दिए थे| जिसकी ६ माह की पुत्री व डेढ़ वर्ष के पुत्र जतिन को गायब कर दिया गया था|

बताया गया कि गजेन्द्र ने कम दहेज़ मिलने के कारण शादी के दौरान वहां मिले बेड को गुस्से में तोड़ दिया था| वह दहेज़ के लिए आयेदिन सामान की मांग करता था|

आरुषि के माता-पिता पर चलेगा बेटी की हत्‍या का मुकदमा

गाजियाबाद|| आरुषि हत्याकांड में राजेश तलवार और नुपुर तलवार को तगड़ा झटका लगा है। गाजियाबाद में सीबीआई की विशेष अदालत ने कहा है कि इन पर हत्‍या का शक जाता है तो इनके खिलाफ मुकदमा चले।

आरुषि के पिता राजेश तलवार ने सीबीआइ की क्‍लोजर रिपोर्ट के खिलाफ अपील की थी। इसी अपील पर सुनवाई करते हुए अदालत ने यह फैसला दिया।

कल सीबीआई की क्लोज़र रिपोर्ट के खिलाफ राजेश तलवार की याचिका पर अदालत में सुनवाई हुई थी। इस दौरान सीबीआई ने कहा था कि हत्‍या के वक्‍त घर पर तलवार दंपती के अलावा कोई नहीं था। इसलिए उनके अलावा किसी पर शक नहीं जाता है।

अदालत ने सीबीआई की क्‍लोजर रिपोर्ट को खारिज कर दिया। रिपोर्ट को एक तरह से तलवार दंपती के खिलाफ आरोपपत्र में बदलते हुए अदालत ने उन पर मुकदमा चलाने के लिए कहा।

सीबीआई ने इस मामले में गत वर्ष २९ दिसंबर को क्लोज़र रिपोर्ट फाइल की थी। राजेश तलवार ने क्लोज़र रिपोर्ट के खिलाफ याचिका दर्ज की थी। सीबीआई के काउंसल आर के सैनी ने इसका विरोध किया था जिसकी सुनवाई बीती २५ जनवरी को हुई थी।

२५ जनवरी को हुई सुनवाई में सैनी ने दलील दी थी कि इस केस में अब कुछ बचा नहीं है और आगे जांच करने का भी कोई मतलब नहीं है। परिस्थितिजन्य जो भी सबूत मिले है वे सभी तलवार दंपती को शक के दायरे में खड़ा करते हैं।

दूसरी ओर, तलवार के वकील सतीश तामता ने कहा कि सीबीआई द्वारा की गई जांच में कई खामियां हैं। उन्होनें कोर्ट में एक तकिया कवर भी पेश किया और कहा कि यह आरुषि के तकिए का है पर सीबीआई ने इसे जांच के लिए ज़ब्त नहीं किया। हालांकि कवर पर खून के कोई धब्बे नहीं थे। उन्होनें ये भी कहा कि अभी और जांच की आवश्यकता है और आरुषि के पलंग और तकिए कवर की भी जांच होनी चाहिए।

14 वर्षीय आरुषि को १६ मई २००८ को नोएडा के जलवायु विहार में अपने घर में मृत पाया गया था। उसकी हत्या किसी धारदार चीज़ से गला काट कर दी गई थी। अगले दिन घर के नौकर हेमराज को भी छत पर मृत पाया गया था।

हटाए गए कानपुर के मंडलायुक्त

कानपुर|| उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती के निर्देश पर कानपुर मंडल के आयुक्त को हटा दिया गया है। आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि कानपुर के मंडलायुक्त वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अमित कुमार घोष को हटा कर उन्हें प्रतीक्षा सूची में रख दिया गया है।

गौरतलब है कि मंगलवार को कानपुर जिले में विकास कार्य के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने कमियां पाई थीं। इस पर उन्होंने शिथिल पर्यवेक्षण औरर्यर्य में उदासीनता बरतने पर मंडलायुक्त घोष को तत्काल स्थानान्तरित करने के निर्देश दिये थे।

मजदूरी न मिलने से भटक रहे हैं मनरेगा श्रमिक

फर्रुखाबाद: मजदूरी न मिलने से करीब एक दर्जन मजदूर बीते एक माह से मजदूरी के लिए भटक रहे हैं|

यह घटना ब्लाक बढपुर ग्राम पंचायत गंगोली की है| गाँव के फद्दन शाक्य, संतोष शाक्य, रामसेवक आदि करीब एक दर्जन मजदूरों ने गाँव के तालाब खुदाई की मजदूरी की|

मजदूर मजदूरी लेने के लिए शहर की पंजाब नॅशनल बैंक में गए तो मैनेजर ने यह कहकर वापस लौटा दिया कि अभी तुम्हारे खाते में मजदूरी के पैसे नहीं आये| उधर प्रधान मोतीलाल शाक्य ने तंग हाल मजदूरों की मदद करने से हाँथ खड़े कर दिए हैं|

ग्राम पंचायत अधिकारी शशिदेव सिंह ने बताया कि इन मजदूरों के बैंक में खाते नहीं खुले हैं जबकि कई दिन पहले खाता संबंधी प्रपत्र पंजाब नॅशनल बैंक में जमा के दिए है| खाता खोलने पर मजदूरों के खाते में मजदूरी के रुपये जमा किये जायेंगें तभी उनको भुगतान मिलेगा|

गायब छात्रा स्वाति की तलाश में एसओजी सक्रिय

फर्रुखाबाद: गायब छात्रा स्वाति गुप्ता को तलाशने के लिए एसओजी की टीम सक्रिय हो गई है| काफी प्रयास करने के बावजूद कोतवाली फर्रुखाबाद पुलिस स्वाति को तलाश नहीं कर सकी|

स्वाति पड़ोसी जिला कन्नौज गुरसहायगंज जीटी रोड निवासी इंद्र कुमार गुप्ता की पुत्री तथा स्थानीय नगरपालिका अध्यक्ष राममूर्ति गुप्ता की नातिन है| छिबरामऊ के कालेज कक्षा ११ में पढने वाली स्वाति ५ फरवरी को फर्रुखाबाद के बीएस गार्डन में आयोजित विवाह समारोह में शामिल हुई थी और वहीं से गायब हो गई| इससे पूर्व वह रेलवे स्टेशन स्थित बेकरी मालिक के यहाँ रिश्तेदारी में ठहरी थी|

बेकरी मालिक का पुत्र अनायास ही लगे इस कलंक को धोने के लिए स्वती को तलाश करवाने में रात-दिन लगा है|

परिजनों ने गुरसहायगंज के मोहल्ला रामगंज निवासी नंदकिशोर भारद्वाज के बेटे शैलेन्द्र पर स्वाति को बहला-फुसलाकर ले जाने का आरोप लगाया था| कादरीगेट चौके प्रभारी प्रमोद पाण्डेय ने घटना वाली रात ही शैलेन्द्र के बाप नंदकिशोर को दबोच लिया और उसे लेकर स्वाति को तलाश करने शिकोहाबाद गए थे|

पुलिस ने शैलेन्द्र के मोबाइल फोन की काल डिटेल के आधार पर कानपुर के ज्वैलर्स के यहाँ काम करने वाले उसके दोस्त अंकित को उठाया और उसकी निशादेही पर गोरखपुर तक स्वाति को तलाश किया है|

एसओजी टीम बीते दिन ही कायमगंज के चर्चित प्रिया हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में सफल हुई है| पुलिस कप्तान ने स्वाति के मामले की जांच भी एसओजी टीम को सौंप दी है| एसओजी टीम ही ऐसे केसों को वर्क आउट कर सकती है स्थानीय पुलिस नहीं|

अवैध फीस बसूली के विरोध में छात्रों का पुनः प्रदर्शन

फर्रुखाबाद: अवैध फीस बसूली की वापसी न होने से गुस्साए सिटी पब्लिक स्कूल बीएड के सैकड़ों छात्राओं ने आज पुनः तीसरे दिन ही जिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष धरना दे दिया|

इस आन्दोलन में राजा हरिश्चंद्र महाविद्यालय के छात्र भी शामिल हो गए| स्थित की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी मिनिस्ती एस ने तीन घंटे के अन्दर मजिस्ट्रेट जांच रिपोर्ट तलब की है|

आज सिटी पब्लिक स्कूल के सैकड़ों बीएड छात्र आन्दोलन करने जिला मुख्यालय पहुंचे| आनन्-फानन में पुलिस व पीएसी बल ने गुस्साए छात्रों की जिलापूर्ति कार्यालय के सामने घेराबंदी कर ली|

छात्रों ने पुलिस मुर्दाबाद के नारे लगते हुए फ़ोर्स के साथ धक्का-मुक्की की और जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर एकत्र हो गए| छात्रों ने नगर मजिस्ट्रेट को देखते ही उनके विरुद्ध भी नारे लगाए| छात्रों ने आरोप लगाया कि नगर मजिस्ट्रेट का बेटा भी बीएड कर रहा है वह कालेज के प्रवन्धक का समर्थन कर रहे हैं उनसे न्याय की कोई उम्मीद नहीं हैं|

सुरेन्द्र सिंह सोमवंशी, दीपक द्विवेदी आदि अनेकों अधिवक्ता छात्रों के समर्थन में पहुँच गए| जिन्होंने जिलाधिकारी से भेंटकर छात्रों की मांग को जायज बताते हुए न्याय दिलाये जाने की वकालत की| डीएम ने उपजिलाधिकारी रवींद्र वर्मा को तीन घंटे में जांच रिपोर्ट देने को कहा| उनके सहयोग के लिए मजिस्ट्रेट सीपी उपाध्याय को भी लगाया गया| छात्र मजिस्ट्रेट जांच के इतजार में डटे रहे|