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तमंचे के शौक ने छात्र को जेल पहुंचाया, ग्रामीण भी फंसा

फर्रुखाबाद: तमंचा रखना छात्र गौरव अग्निहोत्री को काफी महँगा पड़ा| पुलिस ने बीती रात नवदिया निवासी स्वर्गीय रमेश चन्द्र के पुत्र गौरव अग्निहोत्री, अमित कटियार तथा पुरानी घटियाघाट निवासी राजू को हिरासत में लिया था| पुलिस ने गौरव से ३१५ बोर का तमंचा व २ कारतूस बरामद किये|

गौरव मेजर एसडी कालेज में बीएससी का छात्र है| उसकी माँ सत्यवती बैंक में कर्मचारी है| पकड़े जाने पर गौरव ने बताया कि मुझे घटियाघाट निवासी राघव मिश्रा ने रखने के लिए तमंचा दिया था| पुलिस ने अमित व राजू को शांतिभंग करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया|

* उधर नखास चौकी पुलिस ने बीती रात कोतवाली मोहम्दाबाद के ग्राम गढ़ी बनकटी निवासी रामसेवक जाटव से १२ बोर तमाचा व ४ कारतूस बरामद किये| पुलिस ने तमंचे में पकडे गए दोनों आरोपियों का चालान कर दिया | अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया|

टप्पेबाजों ने प्रधान पति के डेढ़ लाख रुपये उड़ाये

फर्रुखाबाद: टप्पेबाजों ने प्रधान पति अवधेश सिंह यादव की बाइक से डेढ़ लाख रुपये उड़ा दिए|

कोतवाली मोहम्दाबाद के ग्राम ज्योता निवासी प्रधान सावित्री देवी के पति अवधेश सिंह ने आज दिन के ३ बजे ग्रामीण बैंक मोहम्दाबाद से १ लाख ५१ हजार रूपये निकाले|

१ हजार रुपये जेब में रखने के बाद डेढ़ लाख रुपयों का बैग अपनी बाइक नंबर यूपी ७६ एम १७३२ की डिग्गी में रख दिया| पशु चिकित्सालय के निकट सेक्रेटरी विनय चौहान से वार्तालाप करने के बाद जब वर्षा रेस्टोरेंट पहुंचे तो उन्होंने बाइक की डिग्गी खुली देखी डिग्गी में रुपयों का थैला न होने पर उनके होश उड़ गए|

अवधेश ने बताया कि बैग में चेक बुक आदि जरूरी कागजात भी थे| रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए पुलिस को तहरीर दे दी है|

आनलाइन होगा बीएड कालेजों का कच्चा चिट्ठा

फर्रुखाबाद, 10 फरवरी, शिक्षकों के नाम पर बीएड महाविद्यालयों द्वारा किये जा रहे फर्जीवाड़े पर नकेल कसने के लिये लखनऊ विश्वविद्यालय अब इन महाविद्यालयों के अध्यापकों का व्योरा इंटरनेट पर आनलाइन सार्वजनिक किये जाने पर विचार कर रहा है।

विदित है कि मानकों के अनुसार बीएड कॉलेज में 100 सीटों पर 7 शिक्षक और एक प्राचार्य की नियुक्ति अनिवार्य है। आम तौर पर मान्यता के समय यह सारी औपचारिकतायें केवल कागजों पर ही पूर्ण कर ली जाती है। एक ही डि्ग्री धारक शिक्षक के कागज कई कई महाविद्यालयों की फाइलों का पेट भर देते हैं, और कक्षायें सूनी पड़ी रहती हैं।

हाल ही में नगर के सिटी पब्लिक स्कूल महाविद्यालय में तो बालक और बालिकाओं के लिये अलग अलग मान्यता वाले बीएड कालेजों मे जिलाधिकारी के निर्देश पर कराई गयी मजिस्ट्रेटी जांच में 300 से अधिक छात्रों पर मात्र दो शिक्षक ही नियुक्त होने का राज खुला। हद तो यह कि छात्रों ने मजिस्ट्रेट के सामने दोनों महा विद्यालयों की कक्षायें एक ही हाल (कक्ष) में संचालित होने का भी खुलासा किया।

नई व्यवस्था के अंतर्गत बीएड शिक्षकों का पूरा नाम, शैक्षणिक योग्यता, फोटो, नियुक्ति की तिथि, आदि विवरण लविवि की वेबसाइट पर उपलब्ध होगा। अभी यह सूचना चाहने वालों को सूचना के अधिकार का उपयोग करना पड़ता है। क्योंकि संबंधित महाविद्यालय और यूनिवर्सिटी के बाबू तो आसानी से यह सूचना देते नहीं हैं। शिक्षा के नाम पर बीएड कॉलेजों द्वारा चलाये जा रहे खेल को रोकने के लिये विश्चविद्यालय यह कदम उठाने जा रहा है।

युगल प्रेमी ने पहली रात चांदपुर दोस्त के घर बिताई

फर्रुखाबाद: युगल प्रेमी शैलेन्द्र व श्रुति ने पहली रात शहर कोतवाली के गाँव चांदपुर में गरीब दलित के घर बिताई थी| जबकि पुलिस उस दौरान उन्हें शिकोहाबाद में ढूंढ रही थी| एसओजी टीम ने युगल प्रेमी को पनाह देने वाले छात्र वीरू जाटव व उसके पिता रामप्रकाश को हिरासत में ले लिया है|

वीरू क्रिश्चियन कालेज में कक्षा १० का छात्र है| जब वह बीते वर्ष माह जून में गुरसहायगंज रिश्तेदारी में गया था तभी उसकी कोचिंग करने वाले शैलेन्द्र भारद्वाज से गहरी दोस्ती हो गयी थी दोनों का एक-दूसरे के घर आना जाना था| जब रामप्रकाश को पता चला कि शैलेन्द्र श्रुति को भगाकर लाया है तो वह घबड़ा गए| वह शाम को प्रेमी युगल को बस पर बिठाने गए रोडवेज बस स्टेशन गए थे| शैलेन्द्र को इलाहाबाद जाना था रास्ते में गुरसहायगंज पड़ने के कारण वह लीडर बुक डिपो की बस पर सवार नहीं हुआ बल्कि बस से शाहजहांपुर गया|

रामप्रकाश प्रेमी युगल को शाहजहांपुर में इलाहाबाद जाने वाली ट्रेन पर बिठा आये थे| एसओजी टीम ने जब शैलेन्द्र की काल डिटेल खंगाली तब उन्हें वीरू के बारे में पता चला| यह जानकारी मिलने पर शहर कोतवाली पुलिस अपना माथा पीट रही है| पुलिस ने शैलेन्द्र की माँ मधु को भी हिरासत में ले लिया है| श्रुति के पिता इंद्रकुमार ने पुत्री के अपहरण के मामले में उसके प्रेमी शैलेन्द्र व उसके पिता नंदकिशोर व माँ मधु के विरुद्ध बीती रात रिपोर्ट दर्ज करा दी|

रिपोर्ट के मुताबिक़ शैलेन्द्र ने अपने मोबाइल नंबर 9044858561 से श्रुति के फोन नंबर 9044922095 पर बात करके बाहर आने को कहा था तभी बीएस गार्डन में मौजूद श्रुति शैलेन्द्र के साथ चली गई| गुरसहायगंज के अनमोल गुप्ता ने शैलेन्द्र भारद्वाज व उसके पिता नंदकिशोर को टाटा सूमो में श्रुति को ले जाते हुए देखा था| जबकि पुलिस ने ५ फरवरी की रात से ही नंदकिशोर को हिरासत में ले रखा है|

इंद्रकुमार ने ७ फरवरी को पुत्री की गुमसुदगी दर्ज कराई थी जबकि उन्हें श्रुति के गायब होने वाली रात ५ फरवरी को ही पता चल गया था कि पुत्री को शैलेन्द्र ले गया है|

यूपी का स्वास्थ्य महकमा- भरपेट कागजी भोजन और भूखे मरीज

फर्रुखाबाद: स्वास्थय विभाग के सयुंक्त निदेशक डॉ यूसी सिन्हा व डॉ वीरेंद्र को लोहिया अस्पताल के निरीक्षण के दौरान भूखे मरीजों के अलावा गंदगी व अनियमिताएं मिलीं|

सयुंक्त निदेशक की टीम ने काफी गहराई से जांच-पड़ताल की जिससे अस्पताल की खामियां उजागर हो गयीं|

हमले में घायल विवेक लोधी राजपूत व उसके पिता कालका सिंह को बीते दिन दिनों से भर्ती होने के बाद भोजन नहीं दिया गया| रिकार्ड खंगालने पर उनको भोजन देना दर्शाया गया था|

इमरजेंसी कक्ष में जंग से क्षतिग्रस्त अलमारी और बेड पर फटी गंदी चादर के अलावा स्थानों पर गन्दगी मिलने से नाराजगी जाहिर की| गंदे फर्स की घिसाई करने, फियूज टियूब लाइट को बदलने मच्छरों की रोकथाम के लिए जाली लगवाए जाने आदि के आवश्यक निर्देश दिए|

लिपिक जननी सुरक्षा योजना के तहत प्रसव करने वाली महिलाओं को बांटा गया अनुदान धनराशि की सही जानकारी नहीं दे सका उन्होंने तुरंत ही सही रिपोर्ट देने का निर्देश दिया|

इस दौरान मौजूद मुख्य चिक्तिसाधिकारी डॉ पीके पोरवाल, मुख्य चिकित्साधीक्षक मुकेश रस्तोगी व डॉ सुमन सिंह ने कर्मचारियों को आवश्यक हिदायत दी|

मायावती के खिलाफ मानहानि का मुकदमा

प्रतापगढ़||  प्रतापगढ़ जिले में ब्लाक प्रमुख के चुनाव के दौरान सत्तारूढ़ बहुजन समाज पार्टी समर्थित प्रत्याशी पर हमले समेत कई आरोपों में गिरफ्तार निर्दलीय बाहुबली विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया के साथ निरुद्ध विधान परिषद सदस्य अक्षय प्रताप सिंह ने आज राज्य की मुख्यमंत्री मायावती के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया।

सूत्रों के मुताबिक सिंह ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मंजुला सरकार की अदालत में मानहानि का मुकदमा दायर कर मुख्यमंत्री को सजा देने की गुजारिश की है।

अदालत में पेश अभियोग पत्र में सिंह ने मुख्यमंत्री मायावती द्वारा गत चार फरवरी को लखनऊ में संवाददाताओं को दिए गए उस बयान को मानहानि बताया है, जिसमें उन्होंने समाजवादी पार्टी को राजा भैया गुण्डा पार्टी कहते हुए दावा किया था कि गुण्डों, बदमाशों और माफियाओं का समर्थन करने वालों को जनता चुनाव में जवाब देगी।

सपा के विधान परिषद सदस्य सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री ने सपा तथा राजा भैया की छवि खराब करने के लिए जानबूझकर वह बयान दिया है और इससे जनता में सपा के सदस्यों तथा राजा भैया को गुंडा समझा जाने लगा है। अदालत ने इस याचिका पर विचार के लिए 23 फरवरी की तिथि नियत की है।

जिलास्तर पर विभागों के मुखियों के बुरे हाल!

आखिर किसी भी जिले में जिला स्वस्थ्य अधिकारी, बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, मुख्य विकास अधिकारी के लिए पोस्टिंग की बड़ी रकम खर्च करने को तैयार रहते है| ये लाखो करोडो की रकम चुका कर जिलों में पहुचे अधिकारी बस जाँच और कमियों को दूंढ़ कर घूस वसूलते है व्यवस्था सही नहीं करते|

जिले में मनरेगा योजना में 55 प्रतिशत जॉब कार्ड फर्जी है, ये बात मुख्य विकास अधिकारी से लेकर ग्राम सचिव तक जानता है कभी किसी अधिकारी ने पहल की इसे सही करने के लिए? शायद नहीं| और करेगा भी नहीं| जिले में कुल 82 हजार जॉब कार्ड धारको में से केवल लगभग 25 हजार के बैंक खाते है बाकि का भुगतान नगद होता है इन्ही में से आधे से ज्यादा फर्जी है| खाते इसीलिए नहीं खोले जाते क्यूंकि फिर घोटाला करना मुश्किल हो जायेगा और प्रधान/सचिव से लेकर अवैध माल चलते हुए मुख्य विकास अधिकारी तक कैसे आएगा| जबाब किसी के पास नहीं अगर है तो दो साल से केंद्र सरकार चिल्ला रही है कि जॉब कार्ड धारको के बैंक खाते खुलवाओ मगर आज तक नहीं खुले|

अगर ये अधिकारी खाते दो साल में भी नहीं खुलवा सकते तो घर क्यूँ नहीं चले जाते| वेतन जनता की गाढ़ी कमाई के टैक्स से मिलता है इसे क्यूँ लूट रहे हो बिना अपने कर्तव्यों का पालन किये| चर्चा तो यहाँ तक है कि एक बड़े साहब अपने बाबुओं पर विश्वास नहीं करते सीधे घूस की रकम खुद लेते है| विकास भवन के गलियारों में ये चर्चा आम है|

क्यूँ लटका है मिड डे मील बनाने के लिए एनजीओ का चयन ?

फर्रुखाबाद: १० फरवरी| मिड डे मील प्राधिकरण की इस रिपोर्ट के बाद कि एनजीओ जो वर्तमान में खाना बना रही है न केवल अनिमियतता से परिपूर्ण चयनित है बल्कि गैर नियम के तहत भुगतान भी पाती है| गुणवत्ता पूर्ण खाना बनाने और उसे नहिहालो को खिलने में भी फिस्सडी निकले थे| ये रिपोर्ट गत वर्ष सितम्बर में ही आ गयी थी| जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और जिलाधिकारी दोनों को पत्र भेजा गया था| मगर मामले में उस जाँच के बाद कोई कारवाही नहीं हुई आखिर क्यूँ ये बड़ा सवाल मुह बाए खड़ा है कोई अधिकारी इसका जबाब नहीं दे सकता|

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी खुद जाँच के समय थे उनकी तो बोलती ही बंद हो गयी थी मगर उस वक़्त जिलाधिकारी के कार्यालय में जो चिठ्ठी आई वो क्यूँ दबी रही| क्या नौनिहालों के खाने के साथ फरेब कोई मामूली मामला था| वो चिठ्ठी नयी जिलाधिकारी के आने के बाद दौड़ी| मगर दिसंबर माह में विज्ञापन के बाद जनवरी २०११ से नयी चयनित एन जी ओ को खाना बनाने के लिए लगाया जाना था उसकी फाइल विकास भवन के गलियारों में क्यूँ धुल फाक रही है| वही चोर एनजीओ खाना बना रहे है और चर्चा है कि उसके गोलमाल का एक बड़ा हिस्सा विकास भवन के कर्णधारो के पास चडावे में जा रहा है| पंडितजी गूढ़ खा रहे है मगर गुलगुले से परहेज बता रहे है|

बीएड में अवैध वसूली की जिम्मेदार सरकार और प्रशासन

उत्तर प्रदेश में सरकार और प्रशासन दोनों ही छात्रो से प्रदेश भर में महाविद्यालयों द्वारा वसूली जा रही अवैध वसूली के लिए जिम्मेदार है| सत्र शुरू होते ही हंगामा शुरू हुआ था| महाविद्यालयों के प्रबन्धक अधिक से अधिक अवैध कमाई की जुगत में छात्रो का मानसिक उत्पीडन कर रहे थे| फर्रुखाबाद में उस समय जिलाधिकारी धनलक्ष्मी तक बात पहुची थी मगर मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया| कानपुर में बात उठी मामला आयुक्त तक पंहुचा और सत्ता के गलियारों से चुप रहने की खामोश इशारो के बाद बात दब गयी मगर चिंगारी बुझी नहीं थी भ्रष्टाचार के खिलाफ|

उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जनपद के पीडी महिला डिग्री कॉलेज की छात्राओं ने जिलाधिकारी को शिकायत की थी कि प्रबन्धन बिना अतिरिक्त फीस लिए दाखिला देने को तैयार नहीं है| उस वक़्त तत्कालीन जिलाधिकारी ने जाँच की खाना पूर्ती के लिए शिकायती पत्र को जिला विद्यालय निरीक्षक को सौप दिया जिन्होंने मामले की लीपापोती कर पत्र को जिलाधिकारी को जाँच से सम्बन्धित पत्र वापस करना भी मुनासिब नहीं समझा| जिला विद्यालय निरीक्षक तो इन कॉलेज के अहसानों के तले दबे थे सो जाँच छात्रो के हित में क्या करते| मायावती की रेली के लिए इन्ही कॉलेज से बसे जो ली थी| (जेएनआई के पास सारे सबूत है हवा में नहीं लिखा जा रहा है)| बेचारी छात्राएं बेबसी में चुप बैठ गयी और आज भी उनका मानसिक उत्पीडन अवैध फीस वसूल कर किया जा रहा है, तमाम तरह के शुल्क वसूल कर|

लगभग पूरे प्रदेश में शिक्षा का व्यापार करने वालों का यही हाल है| जो छात्राएं किसी जुगाड़ से अवैध फीस देने से बच गयी उन्हें गुणवत्ता विहीन अध्यापको से पढ़वाया जाता है| सभी शिक्षक तो इनके यहाँ मानको पर हैं नहीं| चौदह हजार की तनख्वाह की जगह इन्हें 5 से 6 हजार दिए जाते है और दस्खत पूरे पर कराये जाते है| शर्म नहीं आती है एनजीओ बनाकर समाज सेवा का ढोंग करते है और जनता को लूटते है| अगर सच नहीं तो बताये बिना किसी उद्योग लगाये इतने करोड़ कहाँ से आये| और सरकार और प्रशासन अपना हिस्सा वसूल जनता को उसके हाल पर छोड़ लोकतंत्र की धज्जियाँ उडवा रही है|

अब प्रशासन और सरकार के इस गठजोड़ पर भ्रष्टाचार का पेड़ लगा है जिसके फल ये कॉलेज वाले देश के भविष्य छात्रो से कर रहे है| इतना ही नहीं इन कॉलेज वालो ने उच्च न्यायालय के आदेशो की न केवल जमकर धज्जियाँ उड़ाई बल्कि उच्च न्यायालय में छात्रो के पक्ष में अपना तर्क भी ठीक से प्रस्तुत नहीं किया गया| ये छलावा सरकार ने छात्रो से किया| मीडिया पर उच्च शिक्षा मंत्री का बयान केवल वाहवाही लूटने के लिए आया था मगर असल में इन्ही कॉलेज से होने वाली चुनावी चंदे की चादर में छात्रो का भविष्य गिरवी रख दिया| और अधिकांश नौकरशाह केवल वेतन पाने और अधिक से अधिक घूस की रकम कमाने के प्रयास में लगे रहते है जनता के हित में नौकरी नहीं करना चाहते|

बीएड फीस पर सरकार चुप क्यूँ?

सरकार और प्रशासन नियम को गजट और प्रसारित क्यूँ करती नहीं ताकि पता चले कि छात्रो को किता पैसा देना है| मायावती और उनके मंत्रियों के फोटो वाले बड़े बड़े बैनर तमाम योजनायों के लगे है एक होर्डिंग इसका भी जिला मुख्यालय पर इसका क्यूँ लगवाती| मामला गंभीर है इसके कारण छात्र अक्सर उग्र हो जाते और साथ में शरारती तत्व उन्हें भड़का कर राजनीती भी कर लेते है| इससे कानून व्यवस्था भी बिगडती है और विकास कार्य प्रभावित होता है| जिलों में जिलाधिकारी इसे सरकार से पूछ कर स्पष्ट करें ताकि छात्रों और कॉलेज प्रबन्धन के बीच भ्रम न फैले और कानून व्यवस्था में भी दिक्कत न आये| कॉलेज प्रबधन पुराने और भर्मित अदालती आदेशो को दिखा कर वसूली तो जमकर कर ही रहे है|

10 फरवरी: फर्रुखाबाद की अपराधिक घटनायें

आग से पति पत्नी सहित ५ झुलसे
फर्रुखाबाद: नगर के मोहल्ला खैराती खां निवासी सलमान की पत्नी अंजुम गैस पर खाना बनाते समय बुरी तरह झुलस गई जिसको बचाने में पति के भी हाँथ झुलस गए|

अंजुम का ७ माह पूर्व ही निकाह हुआ था| पति पत्नी जरदोजी कार्य से गुजारा करते हैं| घायलों को लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है|

शहर कोतवाली के ग्राम खानपुर निवासी वीरसिंह की २० वर्षीय पत्नी विनीता ९५ % झुलस गई| उसे जेठ रामसनेही ने लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया|

थाना जहानगंज के ग्राम जैतपुर निवासी दीपेन्द्र की २२ वर्षीय पत्नी उरशी देवी ८५ % झुलस गई| उसे पति ने लोहिया अस्पताल पहुंचाया|

दुर्घटना में बच्ची सहित ५ घायल
फर्रुखाबाद: दुर्घटना में ६ साल की कामिनी सहित ५ लोग घायल हो गए|

पड़ोसी जिला काशीराम नगर कोतवाली अलीगंज के ग्राम सदेरा निवासी ओमवीर की २४ वर्षीय पत्नी नीलम अपनी बीमार पुत्री कामिनी को दिखाने के लिए टैम्पो से जा रही थीं| बढपुर मार्ग पर वाहन की टक्कर लगने से टैम्पो पलट गया|

नीलम व् उनकी पुत्री के अलावा कन्नौज मकरंद नगर निवासी दालमोठ व्यापारी लक्ष्मीकांत भी घायल हो गए| घायलों को लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया|

दुर्घटना में थाना राजेपुर के ग्राम गांधी निवासी ३५ वर्षीय प्रमोद कुमार तथा डबरी के वृद्ध राजबहादुर सिंह घायल हो गए उन्हें लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया|

रामगंगा पुल के निकट राजबहादुर पैदल जा रहे थे तभी बाइक चालक प्रमोद ने उन्हें टक्कर मार दी|