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गुलाबी गैंग ने कोतवाली का घेराव कर 3 युवक छुड़वाए

फर्रुखाबाद:16 february|| लापरवाही का आरोप लगाने पर शहर कोतवाली की बौखलाई पुलिस ने बीती रात राजगौरव हत्याकांड में तीन युवकों को पकड़ लिया| गुलाबी गैंग ने मोहल्ले वालों के सहयोग से कोतवाली का घेराव कर तीनों युवकों को छुड़वा लिया| कोतवाली के घेराव व धरने के दौरान शहर कोतवाल के विरुद्ध मुर्दाबाद के नारे लगाकर रिश्वत लिए जाने आदि के गंभीर आरोप लगाए गए|

सोते समय दबोचे गए युवक

शहर कोतवाली पुलिस ने बीती रात ढाई से सवा तीन बजे तक घरों पर छापा मारा और सोते समय मोहल्ला कछियाना निवासी देशराज भुज्जी, संजू लोधी तथा नरखसा निवासी रोशन जाटव को दबोच लिया| तीनों युवकों को हवालात में बंद कर दिया| छपाई करने वाले तीनों युवकों को यह कहकर पकड़ा गया कि राज गौरव हत्याकांड के मामले में पूंछ-तांछ करनी है| गुलाबी गैंग की जिला कमांडर अंजली यादव की अगुवाई में करीब आधा सैकड़ा स्त्री पुरुष व बच्चे कोतवाली पहुंचे|

इंस्पेक्टर पर लापरवाही रिश्वतखोरी के आरोप

मृत राजगौरव के पिता आनंद व बाबा हरीराम ने इंस्पेक्टर पर आरोप लगाया कि उन्होंने धोखे से झूंठी रिपोर्ट लगवाकर निर्दोष ५ युवकों को जेल भेज दिया| इंस्पेक्टर से पूंछा कि यदि जेल भेजे गए युवक दोषी थे तो उनसे हत्याकांड का रहस्य क्यों नहीं उगलवाया गया| रिश्वत लिए जाने के कारण राजगौरव की प्रेमिका सीमा व सहेली निशी के साथ पूंछ-तांछ न करने आदि गंभीर आरोप लगाए| एसएस आई शिव शंकर शुक्ला सीमा को पकड़ने के लिए उसके गाँव भुलभुलईयापुर फ़ोर्स लेकर जीप से गए और वापस लौटने पर बताया कि सीमा गंगा स्नान करने गई है|

हंगामा देख बौखलाए इंस्पेक्टर

इंस्पेक्टर कृष्ण कुमार भीड़ व हंगामे को देखकर आपे से बाहर होकर बुरी तरह चीखने चिल्लाने लगे| उनकी अंजली यादव व पीड़ित परिजनों से तीखी झड़पें हुईं| इंस्पेक्टर ने पीड़ित परिजनों को हवालात में बंद युवकों से नहीं मिलने दिया| और सभी लोगों को जमीन पर चुप-चाप बैठने की हिदायत दी|

विवेचना बदलने की मांग

पीड़ित आनंद ने आरोप लगाया कि उन्हें इंस्पेक्टर की जांच पर अब कतई भरोसा नहीं है मुकद्दमे की जांच अन्य किसी इंस्पेक्टर व सीओ से कराई जाए तभी असलियत उजागर होगी| विवाद बढ़ने पर गुलाबी गैंग ने पुलिस अधीक्षक से मिलने की योजना बनायी जिसकी जानकारी होने पर इंस्पेक्टर ने सीओ सिटी डीके सिसोदिया को बुलवा लिया| सीओ ने विवेचना बदलवाने के लिए एसपी से मिलने की सलाह दी| उनके निर्देश पर पकड़े गए युवकों को उनके परिजनों के हवाले कर दिया गया|

इस दौरान मुचलके के नाम पर आरोपियों से सादा कागज़ पर हस्ताक्षर कराए गए| जिला कमांडर अंजली यादव ने बताया कि वह कल गुरूवार को एसपी से भेंटकर मुकद्दमे की विवेचना बदलवाने तथा एसओजी टीम को भी लगाए जाने की फ़रियाद करेंगे|



नकल माफिया का हंटरः एक भी विद्यालय ने नहीं दिया शिक्षकों का ब्योरा

फर्रुखाबाद, 16 फरवरीः नकल के लिये कुख्यात जनपद में नकल माफिया के चाबुक का कितना खौफ है, इस का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि, अगामी 17 मार्च से प्रारंभ हो रही बोर्ड परीक्षा के लिये परीक्षा डयूटी में लगने वाले अध्यापकों का ब्योरा अंतिम तिथि गुजर जाने के बावजूद अभी तक जनपद के एक भी विद्यालय ने जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में उपलब्ध नहीं कराया है।

बोर्ड की परीक्षा 17 मार्च से शुरू हो रही हैं। मंगलवार को निजी कॉलेजों की ओर से जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में शिक्षकों का ब्योरा देने का अंतिम दिन था। जनपद में करीब 186 निजी कॉलेज हैं लेकिन अभी तक एक भी विद्यालय ने ही शिक्षकों की सूचना उपलब्ध नहीं करायी है। हालांकि जिला विद्यालय निरीक्षक आरके शर्मा का कहना है कि अभी पर्याप्त समय है, हमारी तैयारियां पूरी हो जाएगी। कक्ष निरीक्षकों की नियुक्ति हर साल विवादों में घिरी रहती है। परीक्षा के निकट आने पर निजी कॉलेज मनमाने ढंग से कक्ष निरीक्षक की नियुक्ति का खेल खेलते हैं। नकल रोकने के लिए बोर्ड ने इस बार निजी कॉलेज से शिक्षकों का ब्योरा उपलब्ध कराने का निर्देश जारी किया था। विद्यालयों को शिक्षकों का नाम, पता, फोटो, उम्र, विषय बताने के निर्देश था। ब्योरा पहुंचाने की अंतिम तिथि के बाद भी सूचनाओं को दबा कर नकल माफियाओं ने अपना दांव चल दिया है। परीक्षा निकट आने पर हड़बड़ी में कक्ष निरीक्षकों का निर्धारण कर दिया जाता है। इससे परीक्षा के दौरान कई खामियां सामने आती हैं।

जपनद में कुल 186 माध्यमिक विद्यालय है इनमें 4 राजकीय विद्यालय भी सम्मिलित हैं। इस वर्ष कुल 62 विद्यालयों के अतिरिक्त केंद्रीय कारागार को भी परीक्षा केंद्र बनाया गया है। नियमानुसार केंद्र बने विद्यालयों में बोर्ड परीक्षा में डयूटी पर आधे शिक्षक सम्बंधित विद्यालय के और शेष शिक्षक दूसरे विद्यालयों से लगाने का प्राविधान है। बोर्ड परीक्षा के लिये कुल लगभग 3000 कक्ष निरीक्षकों की आवश्यकता पड़ेगी।

किसानों की उम्मीदों पर गिरे ओले

फर्रुखाबाद: पिछले दिन हुई हल्की वर्षा की खुशी किसानों के चेहरे पर ज्यादा देर तक नहीं रह सकी। आज सुबह पड़े ओलों ने फसल को चौपट कर उसकी आशाओं पर तुषारापात कर दिया। ओलों से सरसों की पकी खड़ी फसल के तबाह होने और अन्य आलू, गेहूं, जौ आदि में आंशिक नुकसान होने का अंदेशा है।

आज सुबह हुई हल्की बारिश के साथ पड़े ओलों ने किसानों की सरसों को थमने को मजबूर कर दिया। मंगलवार को हुई हल्की बारिश से आई किसानों के चहरे की खुशी बुधवार को गम में बदल गई। अचानक घिरे बादलों से ओले पड़ने लगे, देखते ही देखते सरसों की पकी खड़ी फसल पूरी तरह से तबाह हो गई। जबकि आलू, लहसुन, मटर, गेहूं, जौ की फसल में नुकसान हुआ है।

आज सबेरे ही अचानक घिरे बादलों से किसानों को कतई यह उम्मीद नहीं थी कि यह बादल उनकी फसल पर पत्थर बनकर बरसेंगे। किसान बादलों को देख खुश थे कि अगर बारिश हो गई तो एक सिंचाई बच जायेगी। आकाशीय पानी को महावट के नाम से रबी की फसल के लिए वरदान माना जाता है। उसके लिए कहा जाता है कि सोना बरस रहा है, परंतु वही सोना ओलों के रूप में किसानों के लिए पत्थर बन गया।

देखते ही देखते खेतों में पकी खड़ी सरसों की फसल पूरी तरह से चौपट हो गई। जबकि आलू की फसल में कुछ नुकसान हुआ है। लहसुन की फसल में भी 10-15 प्रतिशत नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा है।

मार्च तक सात फीसदी पर आ जाएगी मुद्रास्फीति, वृद्धि दर 8.5 प्रतिशत

नई दिल्ली|| प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इलेक्ट्रानिक मीडिया के सम्पादकों को सम्बोधित करते हुए आज यहां कहा कि सरकार आर्थिक वृद्धि को प्रभावित किए बिना मुद्रास्फीति से निपटने की कोशिश कर रही है।

उन्होंने इस बात पर विश्वास जताया कि मुद्रास्फीति मार्च तक 7 प्रतिशत के स्तर पर आ जाएगी और चालू वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि 8.5 प्रतिशत रहेगी। उन्होंने कहा कि वैश्विक गतिविधियों का असर महंगाई दर पर प़ड रहा है।

सरकार का इन पर कोई नियंत्रण नहीं है लेकिन इसके बावजूद हम आर्थिक वृद्धि और मुद्रास्फीति के बीच संतुलन साधने का प्रयास कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने मुद्रास्फीति विशेषकर खाद्य वस्तुओं की कीमतों में हाल के महीनों में हुई वृद्धि पर चिंता जाहिर की।

जनवरी के अंतिम सप्ताह में खाद्य मुद्रा स्फीति 13.07 फीसदी पर आने से पहले यह 15 फीसदी के आसपास बनी हुई थी। मनमोहन सिंह ने कहा कि हमारा अन्तर्राष्ट्रीय घटनाओं पर कोई नियंत्रण नहीं है। पिछले महीने मिस्र में जो कुछ हुआ है उससे कच्चे तेल की कीमत बढ़ी है, खाद्य वस्तुओं की कीमत भी बढ़ रही है।

16 फरवरी: फर्रुखाबाद की अपराधिक घटनायें

हादसे में सर्राफ घायल


फर्रुखाबाद: हादसे में कोतवाली कायमगंज के ग्राम अताईपुर जदीद निवासी ४५ वर्षीय सर्राफ सुरेश चन्द्र घायल हो गए| उन्हें कायमगंज से रिफर कराकर लोहिया अस्पताल लाया गया|

सुरेश की शमसाबाद गंगा रोड पर सर्राफ की दुकान है| वह मोटर साइकिल से इमादपुर मंदिर के निकट से गुजर रहे थे तभी सामने से आ रहे बाइक चालक ने टक्कर मार दी|

पौने दो लाख शिक्षा मित्रों का भविष्य फिर अधर में

फर्रुखाबाद, 16 फरवरीः पदेश में विभिन्न परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षा मित्रों का भविष्य एक बार फिर अधर में लटक गया है। बेसिक शिक्षा मंत्री ने उनके स्थायीकरण के सवाल के जवाब में साफ कर दिया है कि शिक्षा मित्रों को नियमित किये जाने की कोई योजना नहीं है।

विधान सभा में प्रश्न काल के दौरान विधायक अनुग्रह नारायण सिंह और सुरेश खन्ना के सवाल के लिखित जवाब में बेसिक शिक्षा मंत्री धर्म सिंह सैनी ने स्पष्ट कर दिया कि कि शिक्षामित्रों को नियमित शिक्षकों की भांति वेतन भत्ता तथा अन्य सुविधाएं देने की अभी कोई नीति निर्धारित नहीं है।

उल्लेखनीय है कि प्रदेश के विभिन्न परिषदीय विद्यालयों में 1 लाख 77 हजार 475 शिक्षा मित्र कार्यरत हैं। शिक्षा मित्रों के लखनऊ में हुए प्रदेश स्तरीय आंदोलन के बाद प्रदेश सरकार ने शिक्षामित्रों को स्थायी करने का भरोसा दिया था। स्नातक शिक्षा मित्रों के विषय में विवरण भी जनपदों से मांगा गया था। इस बाबत कई बैठकों के बाद शासन में सहमति भी बन गई थी। परंतु मंगलवार को विधानसभा में बेसिक शिक्षा मंत्री ने यह कहकर चौंका दिया कि शिक्षामित्रों को स्थायी करने की सरकार की कोई योजना नहीं है। बेसिक शिक्षा मंत्री के बयान के बाद से शिक्षा मित्र अपने को ठगा सा महसूस कर रहे हैं।

शिक्षा मित्र संघ के मंडल अध्यक्ष ओमवीर यादव ने बताया कि इस संबंध में प्रदेश अध्यक्ष गाजी इमाल आला ने आपात बैठक बलाई है। विचार विमर्श के उपरांत आगे की रणनीति बनायी जायेगी।

आग से झुलसी महिला ने तोड़ दिया दम

फर्रुखाबाद:16 february|| आग से बुरी तरह झुलसी महिला बिटाना की आज सुबह उपचार के दौरान लोहिया अस्पताल में मौत हो गई| वह नगर के मोहल्ला खडियाई निवासी रमेश कँहार की ४० वर्षीय पत्नी थी|

रमेश ने बताया कि पत्नी बिटाना २ फरवरी को जलती कुप्पी में मिट्टी तेल डाल रही थी उसी समय आग लग जाने से जल गई थी|

पड़ोसी जिला हरदोई थाना व कस्बा अरवल निवासी मिन्कूलाल की पुत्री बिटाना से २५ वर्ष पूर्व विवाह हुआ था जिससे ५ बच्चे हैं| महिला के मर जाने के गम में उसका पति व बच्चे आदि परिजन बुरी तरह बिलखते रहे| पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया|

इस आजाद भारत के ये बदनसीब बच्चे

फर्रुखाबाद: सरकार बच्चों के बेहतर भविष्य के लाख दावे करे लेकिन जमीनी हकीकत कुछ ओर ही बयां करती है। आजाद भारत में आज भी ऐसे बदनसीब बच्चे हैं जिन्होंने ठीक से चलना भी नहीं सीखा है। उनका बचपन मजदूरी करने में ही निकल गया। उनकी आंखें खुलती हैं तो उन्हें रोटी के सिवाय कुछ नजर नहीं आता।

जिन बच्चों के हाथों कॉपी किताब होनी चाहिए, उनमें बारूद थमाए जा रहे हैं। जिन्हें स्कूल में होना चाहिए, उनसे पहाड़ियों पर विस्फोट कराए जा रहे हैं और नन्हें मासूम बच्चों के सहारे व्यापारी अपनी तिजोरी भर रहे हैं। हैरानी की बात तो ये है कि सबकुछ प्रशासन की नाक के नीचे हो रहा है और सरकार हाथ पर धरे हादसे का इंतजार कर रही है।

कुछ ऐसे ही बदनसीब बच्चे हैं, जिन्होंने अपना बचपन रेस्टोरेंट, रेहड़ियों, ढाबों पर खत्म कर दिया है। यूपी-नेपाल के बार्डर के पास से आया प्रेम कई माह से दिल्ली रोड पर फाटक के पास एक ढाबे पर काम कर रहा है। पिछले दो सप्ताह में श्रम विभाग करीब 35 बच्चों को पकड़ चुका है। पकड़े गए बच्चों में 50 प्रतिशत बच्चे नेपाल और शेष बच्चे बिहार, यूपी, उड़ीसा से हैं। इस अभियान में करीब दो दर्जन दुकानों के चालान भी काटे गए हैं।

प्रशासनिक अधिकारी चाइल्ड लेबर को रोकने के लाख दावे करे, सप्ताह मनाए, पर इनकी हकीकत यह है किखुद सरकारी कार्यालय भी इससे अछूते नहीं हैं।
चाहे दफ्तर, होटल, या फिर बड़े लोगो के बंगले लोगों की चाकरी करते हुए ये नन्हे मासूम बच्चे मिल ही जायेंगे.

केंद्र सरकार ने वर्ष 1986 से कानून पास कर 14 साल से कम उम्र के बच्चों से काम कराने पर प्रतिबंध लगा रखा है। इसके तहत बच्चों से फैक्टरियों, कारखानों, खदानों और अन्य कार्य कराना कानून अपराध है। इसका उल्लंघन करने पर तीन माह से लेकर एक साल तक की सजा का प्रावधान है। इसके अलावा 20 हजार रुपए तक जुर्माना भी हो सकता है। किसी विशेष स्थिति में सजा की अवधि 6 माह से दो साल तक भी बढ़ाई जा सकती है।

बावजूद इसके बच्चे ढाबे, रेस्टोरेट, होटल, कैंटीन, दुकानें व अन्य जगह काम करते नजर आएंगे। हालांकि विभाग के अधिकारियों का दावा है कि ऐसी स्थिति सामाजिक परिस्थितियों के चलते पैदा होती है। लोगों में जागरुकता आए और अभिभावक मेहनत कर अपने बच्चों को शिक्षित करें तो बाल श्रम को खत्म किया जा सकता है।

वी डे के दिन बीते रे भइया, अब स्लेप डे आयो रे

वैलेंटाइन वीक गया और अपने साथ प्यार के कुछ अनमोल लम्हें भी ले गया। इस प्यार भरे हफ्ते के बाद बारी आई है प्यार से छुटकारा पाने के वीक की। यानी लव-शव ज्यादा हो गया है या फिर अपने पार्टनर से ब्रेकअप करना है. तो हाजिर है ब्रेकअप वीक। 15 से 21 फरवरी तक चलने वाले इस वीक में सेलिब्रेट करें अपने गुस्से को।

गाल होंगे लालवैसे अगर गांधी जी की बात को ध्यान में रखें तो एक गाल पर थप्पड़ पड़े तो दूसरा गाल भी आगे कर देना चाहिए। लेकिन ‘स्लैप डे’ पर ऐसा ही होना चाहिए यह जरूरी नहीं। अगर आपके पार्टनर ने वैलेंटाइन वीक अच्छी तरह से सेलिब्रेट नहीं किया तो स्लैप देकर बिलेटेड स्लैप डे विश कर सकते हैं।

मेरा कुछ सामान तुम्हारे पासपिछले लव वीक में अगर पार्टनर ने काफी खर्चा करवा दिया है और अभी भी रिलेशन टाइम पास ही चल रहा है तो ‘गिफ्ट वापस डे’ सबसे अच्छा मौका है यंगस्टर्स के लिए। डीएवी-10 के स्टूडेंट गुरप्रीत इस डे से काफी खुश हैं और अपनी गर्लफ्रेंड से वॉच और जीन्स वापस लेना चाहते हैं, क्योंकि इनकी गर्लफ्रेंड अब इन्हें वक्त नहीं देती है। गुरप्रीत ने बताया कि इस दिन वह गिफ्ट वापस डे का मैसेज तो अपनी गर्लफ्रेंड को जरूर करेंगे। गिफ्ट मिले चाहे न मिले।

आ देखें जराबहुत दिनों से अगर आपके पार्टनर के साथ आपकी लड़ाई नहीं हुई है तो ‘लड़ाई डे’ पेश है। वैसे कहा जाता है कि प्यार को मजबूत करने के लिए रिलेशनशिप में छोटे-मोटे झगड़े होते रहने चाहिए। इसलिए लड़ाई डे सेलिब्रेट करें और अपने रिश्ते मजबूत बनाएं। फिर चाहे लड़ाई पति से, पत्नी से, दोस्त से, बॉस। प्यार में तकरार जरूरी है।

.. दि एन्डगर्लफ्रेंड काफी खर्चा करवाती है या फिर बॉयफ्रेंड टाइम नहीं देता.. तो टाइम फॉर ब्रेकअप। अपने पार्टनर की गलतियों से परेशान हैं तो ऐसे लोगों के लिए ‘ब्रेकअप डे’ मनाया गया है। जीसीजी-11 की स्टूडेंट सपना काफी दिनों से सोच रही थीं कि अपने बॉयफ्रेंड से ब्रेकअप कर ले लेकिन कोई बहाना या फिर दिन नहीं मिल रहा था। जब से इन्हें ब्रेकअप डे के बारे में पता चला है तब से अच्छे-अच्छे ब्रेकअप मैसेज ढूंढ रही हैं जो इस दिन अपने बॉयफ्रेंड को कर सकें।

कोई मिल गया तू नहीं तो कोई और सही. यह डायलॉग तो बॉलीवुड मूवीज में काफी सुना है लेकिन अब बारी है सच में इस पर अमल करने की। ब्रेक-अप वीक की मानें तो आखिरी दिन है ‘दूसरा ढूंढो डे’ का। यानी प्यार हो गया, फिर लड़ाई भी हो गई और ब्रेकअप भी हो गया तो अब बारी है नया रिलेशनशिप ढूंढने की। इसके लिए शहर के एफएम चैनल आपकी मदद कर सकते हैं या फिर सोशल नेटवर्क साइट्स जिंदाबाद।

अपना डे चुनें15 फरवरी- स्लैप डे16 फरवरी- गिफ्ट वापस डे17 फरवरी- किक डे18 फरवरी- लड़ाई डे19 फरवरी- मनाने की कोशिश डे20 फरवरी- ब्रेकअप डे21 फरवरी- दूसरा ढूंढो डे

सवाल पूंछते ही पीएम का गला सूखा

जैसे ही हमारे देश के प्रधान मंत्री से पत्रकारों ने सवाल दागने शुरू किये वैसे ही पीएम का गला सूख गया| अब जाहिर है जब गला सूख जाएगा तो पानी की जरूरत तो पड़ेगी| सवाल जेपीसी जांच से संबंधित जो था।

सवाल के जवाब में पीएम ने बोला कि मैं किसी जांच से नहीं डरता हूं। हर कमीशन के सामने पेश होने के लिए तैयार हूं। मैने पहले भी कहा था कि मैं पीएसी के सामने पेश होने के लिए तैयार हूं।

गौरतलब है कि पीएम आज अपनी सफाई पेश कर रहे हैं। टीवी संपादकों के साथ बातचीत कर रहे हैं।  प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह अपनी सरकार पर एक के बाद लग रहे भ्रष्टाचार के आरोपों पर अपनी सफाई में बोले की भारत को घोटालों का देश कहना गलत है।

पीएम ने बताया कि घोटाले में संलिप्त लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। 2-जी स्पेक्ट्रम घोटाले पर पीएम ने बताया कि हमने ए.राजा को पत्र लिखा था। पहले आओ, पहले पाओ नीति में मेरे से बात नहीं हुई थी।

जेपीसी की मांग के बीच प्रधानमंत्री ने कहा है कि वह किसी भी जांच के लिए तैयार है। हर जांच के सामने पेश हो सकते हैं। मैने पहले भी कहा था और अब भी कह रहा हूं।
गठबंधन की मजबूरी के चलते राजा मंत्री बने। राजा डीएमके कोटे से मंत्री बने। गठबंधन की कुछ मजबूरियां है जैसा मैं चाहूं वैसा ही तो नहीं हो सकता है।

अपनी सरकार की तारीफ करते हुए पीएम ने कहा कि अलगाववादियों से बातचीत जारी है। उल्फा का उदाहरण देते हुए पीएम ने बताया कि उल्फा नेतृत्व से बातचीत सकारात्मक चल रही है। और उन लोगों ने हिंसा छोड़ने का भरोसा दिया है।