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JNI की तरफ से हैप्पी एंड मेरी क्रिसमस…

सही तो है प्यार, अपनापन की पहचान ये त्यौहार अपनों को और करीब ले आता है। तो देर किस बात की आप भी गिले-शिकवे भूलकर अपनों के और करीब आ जाइये और एक-दूसरे को गले लगाकर, क्रिसमस केक खाईये। गॉड एक है, उसने किसी के साथ कोई नाइंसाफी नहीं की है। हर किसी को उसने एक सा बनाया है इसलिए किसी के साथ भी कोई भेदभाव नहीं करना चाहिए। यही संदेश तो लेकर आया है क्रिसमस। जीं हा दोस्तो यीशु के प्रेम के दिन क्रिसमस ने दस्तक दे दी है। हर तरफ केवल खुशियां ही खुशियां दिख रही है। मैरी क्रिसमस पर सांता क्लॉज, क्रिसमस ट्री, प्रार्थना, मोमबत्तियों व सितारों की चमक, घंटों की खनक, सुन्दर सजावट, बिजली के जगमगाते बल्ब, ग्रीटिंग कार्ड, केक, पेस्ट्री, गीत-संगीत, महकते फूल और चहकते बच्चे। इन सबने मिलकर जता दिया कि बड़ा दिन आ गया है, यीशु का जन्म हो चुका है।

इस अवसर पर ईसाई समुदाय के लोग केक काट कर एक-दूसरे को मैरी क्रिसमस की बधाइयाँ देकर अपनी खुशी का इजहार करते है। सेंटा क्लॉज बच्चों के प्यारे प्यारे गिफ्ट देकर खुश करते है। क्रिसमस के दिन प्रभु यीशु का जन्म गौशाला में हुआ था इसलिए गौशाला की झाँकी का बड़ा महत्व होता है। क्रिसमस की खुशी पकवानों के बिना अधूरी होती है। हर घर में रम केक, जिंजर वाइन, डोनल्ड, सलोनी, मीठा, नमकीन सहित तरह-तरह के पकवान बनाएँ और खिलाएँ जाते हैं। गौशाला में जन्म लेने वाले यीशु को बाद में चरनी में रखा जाता है ताकि सभी लोग प्रभु के दर्शन कर सकें।

इस शुभ मौके पर जहां देशवासी एक-दूसरे को गले लगा रहे है वहीं देश की प्रथम महिला राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील ने भी राष्ट्र को इस पावन पर्व की बधाई देते हुए देशवासियों से ‘समाज में एकता और सौहार्द’ कायम करने की दिशा में काम करने का आग्रह किया। पाटील ने अपने संदेश में कहा, “क्रिसमस के खुशियों भरे मौके पर मैं देशवासियों को शुभकामनाएं और बधाई देती हूं।”
आप सभी का आने वाला जीवन मंगलमय हो ऐसी कामना हमारी पूरी टीम भी करती है। इसलिए जे ऍन आई भी आप सभी को कहता है  हैप्पी एंड मैरी क्रिसमस……

भ्रष्टाचार के सूत्रधारो पर कारवाही क्यूँ नहीं?

सवाल बड़ा और सीधा है कि जनपद स्तर पर सरकारी योजनाओ और नियमित सरकारी कामो में फर्जीवाड़े और भ्रष्टाचार के खुलासे के बाद भी जिम्मेदार सरकारी कर्मचारी और अधिकारिओं पर कारवाही क्यूँ नहीं होती| क्यूँ नहीं फर्जीवाड़े के तहत लाभ उठाने वाले घोटालेवाजों के खिलाफ जिला प्रशासन मुकदमा चलाता| इस सवाल का जबाब सिर्फ और सिर्फ जिले का मुखिया दे सकता है क्योंकि भारतीय लोकतान्त्रिक सविधान में भ्रष्टाचार रोकने जिम्मेदारी भले ही हम सभी की हो मगर कारवाही का अधिकार सिर्फ जिले के जिलाधिकारी के पास ही है|

बात बहुत पुरानी नहीं करेंगे पिछले दो माह में आये चर्चित मामलों को ले लें| पंचायत चुनाव का पहला चरण शुरू होने से पहले मतदाता सूची में गंभीर अनिमियताओं की शिकायते आम ग्रामीण जनता द्वारा की गयी| तमाम शिकायतों में तत्कालीन जिलाधिकारी ने जाँच कराने की टिपण्णी करने के बाद शिकायती पत्र को ज्यादातर उसी के पास जाँच के लिए भेज दिया जो परोक्ष या अपरोक्ष रूप से उस कार्य के लिए जिम्मेदार था| नतीजा ज्यादातर मामलों में कुछ भी नहीं हुआ और तमाम जगह जनता चुप बैठ गयी| मगर इसी दौरान एक मामला राजेपुर ब्लाक के अमैयापुर ग्रामसभा बड़ा चर्चित हुआ| इस ग्रामसभा में बड़े पैमाने पर फर्जी मतदाता सूची लेखपाल और प्रधान के सहयोग से बनाने की शिकायत उसी गाँव के कुलदीप ने डीएम् से की थी मगर नतीजा कुछ नहीं निकला| कुलदीप हार नहीं माना और कमिशनरी से लेकर आयोग तक गया और आखिरकार चुनाव प्रेक्षक ने मामले को गंभीरता से लिया तब तत्कालीन डीएम् की जमकर फटकार लगायी| फिर क्या था चुनाव से ठीक पहले तत्कालीन एडीएम, एसडीएम, एएसपी, लेखपाल और तहसीलदार के साथ गाँव में चौपाल लगाकर जाँच की और लगभग एक सैकड़ा वोट फर्जी पाए| वो वोट ज्यादातर उस वक़्त के प्रधान के दूसरे जिलों में रह रहे रिश्तेदारों के थे| ये वोट काटे गए और फिर चुनाव हो गया मगर इस सब गोलमाल के लिए जिम्मेदार के खिलाफ कोई कारवाही नहीं हुई|

क्या बिना फार्म के वोट बन गए थे|

**उन वोटों की जाँच की जिम्मेदारी लेखपाल और तहसीलदार की थे| उसी तहसीलदार की जिसमे प्रथम जाँच में शिकायतकर्ता को ही झूठा बता दिया था और बाद में वही वोट काटने पड़े| क्या उनके खिलाफ कारवाही नहीं होनी चाहिए? या फिर सिर्फ जाँच करने में ही सरकार अपना वक़्त बार बार जाया करती रहेगी|

दूसरा मामला वर्तमान में काशीराम आवास योजना के माकन आवंटन घोटाले का है| इसमें लगातार जाँच में फर्जी आवंटी मिल रहे है| आखिर क्या उन फर्जी आवंटियों के खिलाफ कोई अपराध पंजीकृत नहीं करना चाहिए| झूठे हलफनामे लगाकर उन्होंने गरीबो और जरूरतमंदों के मकान हथिया लिए थे| क्या उन सरकारी कर्मियों के खिलाफ कारवाही नहीं होनी चाहिए जिन्होंने झूठे प्रपत्र जारी कर इस घोटाला करने में सहभागिता निभाई| जाँच रिपोर्ट लगाने वाले कर्मचारियो से लेकर अधिकारी तक क्या इस गड़बड़ी के जिम्मेदार नहीं है|

सरकार की कोई भी योजना हो भ्रष्टाचार के जिन्न और घोटालेबाज हमेशा सेंध लगाते है, शिकायत होती है पकड़ में आते है मगर हर बार किस वजह से वक्श दिए जाते है?

ये तो एक बानगी मात्र है चारो तरफ हर रोज कोई न कोई शिकायतकर्ता फर्जीवाड़े की आवाज लेकर जिला मुख्यालय पर आता है| कभी फर्जी राशन कार्ड की तो कभी नरेगा में फर्जी जॉब कार्ड की| मगर जब उसे इस पर माकूल जबाब नहीं मिलता तो बेचारा खामोश होकर बैठ जाता है|

जबाब का इन्तजार हम करेंगे इसी लेख में आपकी टिपण्णी के साथ-

जेल में कैदियों की भूख हड़ताल

फर्रुखाबाद: जिला जेल में कैदियों ने भूख हड़ताल की घोषणा के साथ जेल का खाना लेने से इंकार कर दिया। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कैदियों की शिकायत खराब खाने और अवैध वसूली को लेकर है। जबकि जेल प्रशासन इसमें बाहर के खाने पर रोक और मुलाकात में सख्ती को कारण बता रहा है।

जेल सूत्रों के अनुसार शुक्रवार सायंकाल कैदियों ने खाना लेने से इंकार कर दिया। काफी प्रयास के बावजूद भी कैदी खाना लेने को राजी नहीं हुए। सूत्रों का दावा है कि ऐसा कैदी जेल में भ्रष्टाचार के विरोध में कर रहे हैं। खाने की गुणवत्ता खराब होने, समय से खाना वितरित न किये जाने और मुलाकात में वसूली को लेकर शिकायतें बतायी गयी हैं। कैंटीन में उपलब्ध खाद्य पदार्थो की बिक्री बढ़ाने के लिए जानबूझकर खाना देर से बांटने की भी शिकायत बतायी गयी।

जेल अधीक्षक कैलाश चन्द्र का कहना है कि उन्होंने इसी माह कार्यभार ग्रहण किया है। जेल की व्यवस्था सुधारने के लिए उन्होंने बाहर के खाने को अंदर लाने और निर्धारित से अधिक संख्या में मुलाकात पर रोक लगा दी है। इसी से घर का खाना खाने के आदी हो चुके चंद माफिया टाइप के अपराधी भूख हड़ताल का नाटक कर रहे हैं। बाहर का खाना और मुलाकात पर प्रतिबंध लगते ही उनको जेल में भ्रष्टाचार नजर आने लगा है। उन्होंने कहा कि वह अनुशासन टूटने नहीं देंगे और बाहर का खाना जेल में ले जाने की अनुमति नहीं दी जायेगी।

मैडम ने स्कूल में चूना लगाया..

फर्रुखाबाद: उत्तर प्रदेश में सरकार और उसके प्रशासनिक नुयामंदो को दिल्ली में भ्रष्टाचार के हो रहे खुलासे पर बिलकुल अचम्भा नहीं हो रहा है| कई बार तो टिपण्णी मिल जाती है, जरा यहाँ आकर तो देखो कुछ भी खोदना और ढूँढना नहीं पड़ेगा यहाँ सब कुछ खुला खेल फर्रुखाबादी है तभी तो देश के कर्णधार सरकारी स्कूलों के कई मास्टर नहीं जानते उन्हें बच्चो को पढ़ाना क्या है और मैडम जी स्कूल की वार्षिक पुताई का सफ़ेद सीमेंट हड़प कर चूने से पुताई कराती मिल जाएँगी|

द्रश्य१- स्थान- प्राइमरी पाठशाला निसवी, ग्रामसभा खंडौली ब्लाक राजेपुर जनपद फर्रुखाबाद-

आधा सत्र बीत जाने के बाद भी नहीं मिली किताबे

दोपहर ३ बजे स्कूल इंचार्ज महेश सिंह और शिक्षा मित्र पूजा सोमवंशी लगभग २० बच्चो को घेरे बैठे है| कक्षा १ से ४ तक संचालित इस स्कूल में कुल नामांकित ६५ बच्चो में से आधे से भी कम की उपस्थिति होती है| वर्ष २०१०-११ का दो तिहाई सत्र बीत जाने के बाद भी इन बच्चो के बस्ते में मुफ्त मिलने वाली सभी पुस्तके नहीं पहुची है| मास्टर महेश ने बताया की कक्षा ४ में कुल ४ किताबे मिलती है| जबकि सर्व शिक्षा अभियान के अनुसार कक्षा ४ में कुल ६ किताबे होनी चाहिए| इन बच्चो में किसी को एक कार्यपुस्तिका तो किसी को कुछ भी नहीं मिला है| ये हाल तब है जब कुल नामांकित बच्चो में ५० प्रतिशत ही उपस्थिति होती है| हालाँकि मुख्यालय के लेखानुसार किताबे तो कबकी आई और बट गयी और ये बात दिल्ली मानव संसाधन मंत्रालय तक पहुच भी गयी है| मगर शायद ये बात दिल्ली तक नहीं पहुची कि बटने वाली किताबो को कौन बीच में हड़प कर गया क्यूंकि दिल्ली तो राजा और राडियाओ के चक्कर में घनचक्कर बनी हुई है, गरीब नौनिहालों कि सुध लेने की फुर्सत उसे कहाँ? मगर सच्चाई ये है कि नौनिहालों के बस्ते तो दिसम्बर माह में भी कई किताबो से आज भी मरहूम है| हाँ गाँव वाले बताते है कि नए डीएम् और एसपी के आने के बाद मास्टरों की उपस्थिति तो स्कूल में बढ़ गयी है मगर बेचारे गाँव वाले नहीं जानते कि उन्हें और क्या क्या सरकार ने भेजा है| अभिवाभाक संघ क्या होता है इसकी जानकारी मास्टर और शिक्षा मित्र नहीं दे सके तो बना कहाँ से होगा|

द्रश्य-२: अपर प्राइमरी विद्यालय चाचुपुर जटपुरा, ब्लाक राजेपुर जनपद फर्रुखाबाद-

सफ़ेद सीमेंट की जगह चुने से हुई पुताई-

शाम ४ बजे स्कूल में वार्षिक पुताई चल रही है| दो पेंटर सड़ासड़ हाथ में ब्रुश किये चूना पोतते दिख गए| हेड मैडम ने जो दिया सो लगा दिया पुताई करने वालो की गलती| उसे क्या मालूम की स्कूल की रंगाई सफ़ेद सीमेंट से किये जाने का प्राविधान है और इसी का पैसा आता है| बेचारे बड़े ही मासूमियत से मैडम की गलती पर पर्दा डालते नजर आये कि बाढ़ ग्रस्त इलाका है यहाँ सीमेंट टिकता नहीं है इसलिए सीमेंट के ऊपर चुना लगा रहे है| मौके पर मौजूद सहायक मैडम अपनी हंसी छुपाने को कपडा मुह पर लगा कैमरे के फ्रेम से बाहर हो गयी|

गुस्साये भाकियू ने जेई को बंधक बनाया

फर्रुखाबाद: भारतीय किसान यूनियन के जिला प्रभारी श्री किशन शुक्ला की अगुवाई में दर्जनों महिलाओं व पुरूषों ने ब्लाक कार्यालय पर दिन के १ बजे धरना दिया| वार्ता के लिए गए बिजली विभाग के जेई राजीव गंगवार को जबरन बंधक बनाया|

आला अधिकारियों के न पहुँचने पर गुस्साये कार्यकर्ताओं ने सायं ४ बजे रेलवे रोड पर जाम लगा दिया| सायं ५ बजे उप जिलाधिकारी अनिल धींगरा, सीओ अभय कुमार गुप्ता के साथ पहुंचे|

किसानों ने १४ घंटे विधुत की आपूर्ति किये जाने, बालू की अबैध बिक्री बंद किये जाने, सदरियापुर चकबंदी कार्यालय में सीओ की रिश्वतखोरी को बंद कराये जाने, रामपुर माझ गाँव में फूंके विधुत ट्रांस फार्मरों को बदलवाए जाने, राजीपुर गाँव की क्षतिग्रस्त विधुत लाईनों को बदलावाये जाने की मांग की|

अधिकारियों ने कार्रवाई किये जाने का आश्वाशन देकर जाम खुलवाया|

निरीक्षण में गाँव के घटिया विकास कार्यों की पोल खुली

फर्रुखाबाद: कानपुर मंडल पंचायती राज के उपनिदेशक राम चन्द्र ने ब्लाक मोहम्दाबाद की ग्राम पंचायत दुल्लामई एवं ब्लाक नवाबगंज की ग्राम पंचायत फतेहपुर परियूली का व्यापक निरीक्षण किया| निरीक्षण में अधूरे व घटिया तरीके से बनाए गए स्वच्छ शौंचालयों की पोल खुल गयी|

दुल्लामई में बीपीएल के 90 एपीएल के 10 तथा फतेहपुर में बीपीएल के 65 व एपीएल के 10 शौंचालय बनाने का लक्ष्य था| जिसमे दुल्लामई में 17 तथा फतेहपुर में 26 अधूरे शौंचालय पाए गए| अधिकांस शौंचालय में दरवाजे व सीटे तक नहीं लगी थी|

उपनिदेशक को निरीक्षण के दौरान सीसी रोड, नाली, खडंजा का कार्य भी अधूरा व घटिया मिला| उपनिदेशक ने नाराजगी जाहिर करते हुए दुल्लामई के सेक्रेटरी अमित शुक्ला व अदियूली के सेक्रेटरी अशोक कुमार को चेतावनी दी की हर हालत में 31 दिसंबर तक सभी कार्य पूरे करा लिए जाएँ|

उपनिदेशक राम चन्द्र ने तेरवें वित्त आयोग की कार्य योजना के प्रस्ताव न भेजे जाने पर भी नाराजगी जाहिर कर शीघ्र ही भेजे जाने की चेतावनी दी| डीपी आरओ देवेन्द्र कुमार मिश्रा व खंड विकास अधिकारियों को निर्माण कार्य की गुणवत्ता की निगरानी करने की हिदायत दी गयी|

विभागीय समीक्षा के दौरान ब्लाक कमालगंज, शमसाबाद एवं कायमगंज के एडीओ नहीं पहुंचे उप निदेशक ने इन कर्मचारियों का एक दिन का वेतन काटने का निर्देश दिया|

5 दिन तक अधिवक्ता नहीं करेंगे चकबंदी के मुकद्दमे

फर्रुखाबाद|| दीवानी न्यायालय में 31 दिसंबर तक सर्दियों का अवकाश घोषित कर दिया गया है| एक जनवरी को नये वर्ष में अदालतों के खुलने पर न्यायिक कार्य शुरू होगा।

जिला बार एसोसिएशन ने पांच दिन तक न्यायिक कार्य बंद रखने की घोषणा की है। एसोसिएशन के अध्यक्ष विश्राम सिंह यादव एवं महासचिव संजीव पारिया ने बताया कि दीवानी न्यायालयों में अवकाश होने के कारण अधिवक्ता चकबंदी अदालतों में न्यायिक कार्य नहीं करेंगे।

अटल जी के 87वें जन्‍मदिन पर 87 किलो का लड्डू

लखनऊ||  भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी के 87वें जन्म दिन को भारतीय जनता पार्टी पूरे प्रदेश में धूमधाम से मना रही है जिसमें पार्टी के प्रमुख नेता विभिन्न स्थानों पर अटल जी के जन्म दिन के कार्यक्रमों में भाग ले रहे हैं।

लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में पार्टी के राज्य सभा में नेता प्रतिपक्ष अरूण जेटली भाग लेंगे। 25 दिसम्बर को लखनऊ में राज्य सभा में प्रतिपक्ष के नेता अरूण जेटली जी भी अटल जी का जन्‍मदिन मनाने पहुंचेंगे।

सांसद एवं वरिष्ठ नेता लालजी टण्डन के नेतृत्व में अटल जी के 87वें जन्मदिन के अवसर पर आयोजित जन्मदिवस कार्यक्रम पर तहरी भोज तथा 87 किग्रा0 का लड्डू बनाया गया है जो अमीनाबाद हनुमान जी के मंदिर के पार्क में बांटे जाने के कार्यक्रम में भाग लेंगे। तहरी भोज कार्यक्रम में हजारों की संख्या में लोगों के भाग लेने की संम्भावना है।

पीड़ित घायलों ने पुलिस मुख्यालय पर सुनाई व्यथा

फर्रुखाबाद: कोतवाली मोहम्दाबाद पुलिस के पक्षपात पूर्ण रवैये से पीड़ित ग्रामीण पुलिस कार्यालय पहुंचे वहां से उन्हें कार्रवाई के लिए कोतवाली भेजा गया|

ग्राम सहबाबाद निवासी देवीदयाल लोधी अपने बेटे राम निवास, विपिन व पत्नी नीलम, राजकुमार, सर्वेश के साथ पुलिस कार्यालय पहुंचे| देवी दयाल की बांह टूटी थी तथा अन्य लोग भी लहूलुहान थे|

देवीदयाल ने बताया कि परिजन साजे के नलकूप व ट्रैक्टर की सम्पत्ति पर अकेले कब्जा करना चाहते हैं| इसी बात को लेकर कल विवाद होने पर पुलिस दोनों पक्षों को कोतवाली बुला ले गयी थी| दरोगा आरपी सिंह ने विरोधियों को छोड़ दिया और हम लोगों को काफी देर बाद जाने दिया|

हम लोग जब गाँव के पास पहुंचे तो बांकेलाल व उनके पुत्र आसाराम, रामपाल, रामशरण, रिंकू उर्फ़ सुशील ने लाठियों से हमला कर दिया|

एसपी के न मिलने पर पेशकार ने पीड़ितों को वापस कोतवाली भेज दिया| इंस्पेक्टर विजयबहादुर सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों की एनसी आर दर्ज कर घायलों को डाक्टरी परीक्षण के लिए लोहिया अस्पताल भेजा गया है|

7 डिग्री तापमान ने बड़ा दी कपकपी

फर्रुखाबाद|| दिसंबर का अंतिम सप्ताह आते-आते न्यूनतम तापमान का आंकड़ा भी गिरकर सात डिग्री तक पहुंच गया है। यात्रियों और रिक्शा चालकों की सुविधा के लिए प्रशासन ने सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलवाने शुरू कर दिये हैं।

पछुआ हवाओं के कांधों पर सवार होकर आयी ठिठुरन और कोहरे में नये साल की आमद की दस्तक सुनाई देने लगी है। दिसंबर के अंतिम सप्ताह में मौसम की करवट से पारा लुढ़ककर 7.1 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। सर्दी में देर रात्रि निकलने वाले यात्रियों और गरीब रिक्शा चालकों को राहत देने के लिए प्रशासन ने सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलवाना शुरू कर दिये हैं। फर्रुखाबाद में घुमना, चौक, रेलवे स्टेशन व बस स्टेशन पर और फतेहगढ़ में मिलेट्री चौराहा, रेलवे स्टेशन और बस स्टेशन पर अलाव जलाये जाने की जानकारी दी गयी है।

मुख्य राजस्व लेखाकार रामसरन ने बताया कि अलाव जलाने के लिए 50-50 हजार रुपये तीनों तहसीलों को भेज दिये गये हैं। शासन ने जनपद के लिए 30 हजार कंबल आवंटित किये हैं। कंबलों की निगम व यूपी हैंडलूम के माध्यम से खरीददारी की जायेगी|