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स्टांप पर स्वीकारी पत्नी की शर्तें, अब सोता है प्लेटफार्म पर

प्यार में अंधे एक युवक ने शादी के पहले स्टॉम्प पेपर पर लिखित रूप में शर्ते स्वीकार कर लीं. शादी के बाद पत्नी ने शर्त के अनुसार शाम सात बजे के बाद आने पर उसे घर में नहीं घुसने दिया गया तो युवक ने पुलिस को फोन करके आत्महत्या की धमकी दे डाली. मामला राजधानी भोपाल के हबीबगंज थाने का है.

कोलार निवासी आशीष श्रीवास्तव (परिवर्तित नाम) ने हबीबगंज थाने के सीएसपी राजेश सिंह भदौरिया को फोन पर धमकी देते हुए कहा उसकी पत्नी उसे घर में घुसने नहीं दे रही है और वो पिछले दो दिनों से रेलवे स्टेशन पर सो रहा है.

यदि उन्होंने उसके मामले में हस्तक्षेप नहीं किया तो वो आत्महत्या कर लेगा. सीएसपी राजेश सिंह भदौरिया ने उसे सांत्वना देते हुए हबीबगंज थाने के परामर्श केंद्र पर पत्नी के साथ बुलाया.

जब दोनों की कांउसलिंग की तो पता चला आशीष और सुरभि (परिवर्तित नाम) ने वर्ष 2007 में लव मैरिज की थी. अफेयर के दौरान सुरभि ने कुछ शर्ते स्टॉम्प पेपर में लिखकर दी थीं और उन पर दस्तखत करने को कहा था. आशीष ने काउंसलर को बताया कि सुरभि से शादी करने के लिए उसने स्टॉम्प पेपर पर दस्तखत कर दिए.  उसे नहीं मालूम था कि शर्ते इतनी महंगी पड़ेगी.

सुरभि ने स्टांप पेपर पर लिखी शर्तो पर अमल करना शुरु कर दिया. सुरभि ने काउंसलर को बताया कि मैं भी आशीष से प्यार करती हूं पर उस पर मुझे भरोसा नहीं था कि वह जो कह रहा है उसे पूरा करेगा. यही सोचकर मैंने स्टॉम्प पेपर पर दस्तखत करवाए थे.

निकाल दिया घर से
आशीष ने बताया कि वह मल्टी नेशनल कंपनी में काम करता है और कई बार लेट हो जाता है तो सुरभि उसे घर में घुसने नहीं देती है. पिछले डेढ़ साल में कई बार वह प्लेटफार्म पर सोया है. यही नहीं वह घर वापस लौटने पर तुरंत मुंह सूंघ कर देखती है कि कहीं मैंने शराब तो नहीं पी. उसने बताया कि एक दिन तो सुरभि ने शक के आधार पर कि मैंने शराब पी है उसने पैथालॉजी ले जाकर ब्लड टेस्ट कराया. अल्कोहल की मात्रा चेक कराने हबीबगंज पुलिस पर भी दबाव बनाया.

सुरभि ने काउंसलर को बताया कि आशीष ने तीन साल में आठ बार शराब पी और उससे नहीं पूछा, जबकि आशीष ने बताया कि उसने कुल पांच बार शराब पी वो भी बताकर.

समझौता
हुआ
कविता मौर्या और दिशा जैन ने काउंसलिंग के बाद दोनों के बीच लिखित समझौता कराया. इसमें सुरभि को आशीष पर शक न करने, सात बजे के बाद घर के अंदर आने देने और बिना वजह दबाव न बनाने की समझाइश दी. इसके अलावा आशीष का अलग से अकाउंट भी खुलवाया गया,ताकि उसे आर्थिक स्वतंत्रता मिल सके. आशीष को सुरभि के साथ मिलजुल कर काम करने की समझाइश दी गई. दोनों ने लिखित रूप से स्वीकार किया वे अब आपस में झगड़ा नहीं करेंगे.

थाने में एक प्रकरण आया था जिसमें एक युवक ने पत्नी की हरकतों से तंग आकर आत्महत्या करने की धमकी दी थी. युवक ने लव मैरिज की थी और उसने शादी के पहले स्टॉम्प पेपर पर शर्तो को लिखित रुप में स्वीकार किया था. वर्तमान में उन्हीं शर्तो की वजह से आपस में झगड़ा हो रहा है. दोनों की काउंसलिंग करवाकर समझौता कर दिया गया है.-राजेश सिंह भदौरिया,सीएसपी,हबीबगंज थाना

क्या थीं शादी की शर्ते
एक समय का खाना मैं बनाऊंगी और एक समय तुम.शाम को सात बजे के पहले घर आ जाओगे नहीं तो बाहर सोओगे.रात को नौ बजे के बाद घर में टीवी नहीं चलेगा.पे अकाउंट में मेरे साथ संयुक्त रुप से होगा.घर खर्च में पहले तुम्हारे रुपयों का उपयोग होगा.जो मकान खरीदोगे उसकी रजिस्ट्री मेरे नाम पर होगी.मोबाइल पर तुरंत बात करोगे, टालोगे नहीं.शराब पूछ कर पीओगे.मां से मिलने नहीं जाओगे.

जिला पंचायत अध्यक्ष तहसीन ने ली शपथ: किया विकास का वायदा

फर्रुखाबाद: तहसीन सिद्दीकी को आज जिन्दगी की सबसे बड़ी खुशी मिल गई| जिलाधिकारी मिनिस्ती एस ने उन्हें आज जिला पंचायत अध्यक्ष पद की शपथ ग्रहण करा दी| समर्थकों ने तहसीन का बैंड बाजा एवं फूल-मालाओं से जोरदार स्वागत किया| स्वागत से गदगद तहसीन ने आभार व्यक्त करते हुए विकास कराने का वायदा किया|

जिला पंचायत कार्यालय के बाहर शपथ ग्रहण समारोह के लिए विशाल पांडाल लगाया गया था| काफी भीड़ हो जाने पर अव्यवस्था फ़ैल गई लोगों को बैठने के लिए मंच के सामने बेंचे डलवाई गयीं| जगह न मिलने के कारण अनेकों लोग खड़े रहे|

मंच पर जिलाधिकारी मिनिस्तीएस, पुलिस अधीक्षक डॉ के एजिलरशन, मुख्य विकास अधिकारी सीपी त्रिपाठी,  सूबे के स्वास्थय मंत्री अनंत कुमार मिश्र अन्टू, जिलापंचायत अध्यक्ष तहसीन सिद्दीकी विधायक कुलदीप गंगवार, ताहिर हुसैन सिद्दीकी, एमएलसी मनोज अग्रवाल, एमएलसी सतीश जाटव, जिलाध्यक्ष रामानंद प्रजापति, विधायक पद के घोषित प्रत्याशी नागेन्द्र सिंह शाक्य, गंगाराम जाटव, नागेन्द्र सिंह, ब्लाक प्रमुख पति गुरूदेव यादव, ब्लाक प्रमुख अखिलेश कटियार, संजय आनंद, राहुल कुशवाह आदि बसपा नेता मौजूद रहे|

बसपा नेताओं ने अधिकारियों का तथा एक-दूसरे का फूल-मालाओं से स्वागत किया| जिलाधिकारी ने मंत्री अनंत कुमार मिश्र व जिला पंचायत अध्यक्ष तहसीन सिद्दीकी को पुष्प भेंट किये|

जिला पंचायत सदस्य राघवेन्द्र मिश्रा नवीन, राम विलास राजपूत, अभय प्रदीप गंगवार, अतुल गंगवार, द्रुग्पाल सिंह यादव बाबी, रावेन्द्र यादव छुन्नू, सरोजनी देवी कुशवाह, मंजू यादव, गुड्डी यादव, सिया देवी, निर्मला राठौर, ममता चतुर्वेदी आदि सदस्यों को भी शपथ ग्रहण कराई गई|

शपथ ग्रहण समारोह में वरिष्ठ भाजपा नेता अरुण प्रकाश तिवारी ददुआ, व्यापारी नेता मुजफ्फर हुसैन रहमानी, बसपा नेता युनुस अंसारी, व्यापारी सुधांशु अग्रवाल आदि सैकड़ों समर्थक मौजूद रहे|

समारोह स्थल पर सुरक्षा के नाम पर खानापूरी की गयी| काफी लोगों के पहुँच जाने के बाद मेटल डिटेक्टर लगाया गया| खुफिया विभाग के कर्मचारी कुर्सियों पर बैठकर मौजमस्ती तथा पुलिस कर्मियों के साथ भुने आलू की दावत उड़ाते रहे|

अनेको लोग शस्त्र लेकर समारोह स्थल पर पहुँच गए| एक समर्थक बन्दूक लेकर जा रहा था जा उसकी फोटो खींची गयी तब गुप्तचर विभाग के कर्मचारी हरकत में आये और बन्दूक धारी को वापस लौटा दिया|

आलू की रखवाली करने में जान गई

फर्रुखाबाद: आलू की रखवाली करने में युवक नन्हे की जान चली गई|

बागीश उर्फ़ नन्हे थाना राजेपुर के ग्राम गांधी नौसारा निवासी महिपाल सिंह कुशवाह का २० वर्षीय पुत्र था| वह गाँव के बाहर अपने खेत में रखे आलू के ५ बोरों की रखवाली करने के लिए वहां अकेला ही लेटा था|

नन्हे के सिर में कोई बजन दार सामान मारकर ह्त्या की गई| मरने से पूर्व नन्हे ने हमलावरों से संघर्ष भी किया| उसके शोर की आवाज सुनकर रात करीब १ बजे पड़ोस के खेत में रखवाली करने वाले धर्मेन्द्र ने मोबाइल फोन पर महिपाल को जानकारी दी|

जब परिजन खेत पर पहुंचे तो नन्हे का शव आलू के बोरों के निकट गेंहूं के खेत में पड़ा था| अविवाहित नन्हे दो दिनों से खेत पर ही लेट रहा था| उसके बाप ने खेत में लेटने से मना भी किया था| अपर पुलिस अधीक्षक बीके मिश्र व एसओ एके पाण्डेय ने मामले की जांच-पड़ताल की| कोई रंजिश न होने के कारण आशंका व्यक्त की जा रही है कि प्रेम-प्रसंग की रंजिश में नन्हें की ह्त्या की जा सकती है|

झुलसी महिला के मरने पर परिजनों ने मचाया हंगामा

फर्रुखाबाद: आग से झुलसी द्रोपदी की आज सुबह ८:१५ बजे उपचार के दौरान लोहिया अस्पताल में मौत हो गई| गुस्साए परिजनों ने हंगामा मचाया|

द्रोपदी पड़ोसी जिला कन्नौज थाना तालग्राम के ग्राम मदनापुर निवासी लाल सिंह की ४० वर्षीय पत्नी थी| उसका १२ वर्ष पूर्व विवाह हुआ था| वह ३ पुत्रियाँ व १ पुत्र छोड़ गई| लाल सिंह पत्नी के साथ अलग रहकर मजदूरी करके गुजारा करता था|

अपने हिस्से की जमीन न मिलने से द्रोपदी का आये दिन सास कुन्ती से विवाद होता रहता था|थाना ठठिया के ग्राम फतुआपुर निवासी भाई मिथिलेश ने आरोप लगाया कि द्रोपदी ३ जनवरी को चूल्हे पर खोया बना रही थी उसी समय उसकी सास ने डीजल डालकर आग लगा दी थी|

नपुंसक’ MLA की धमकी,बाहर निकलने के बाद सबको देख लूंगा

बांदा|| बीएसपी के ‘नपुंसक’ विधायक पुरुषोत्तम द्विवेदी की बलात्कार के आरोप में बीते दिन गिरफ्तारी हो गई। गिरफ्तारी के बाद उन्होंने धमकी दी है कि वह बाहर आते ही सबको देख लेंगे। द्विवेदी से जब मीडिया ने पूछा कि रेप के आरोप में गिरफ्तारी पर उनकी क्या प्रतिक्रिया है ? इसपर उन्होंने धमकी भरे लहजे में कहा, ‘ मैं बाहर निकलते ही सबको देख लूंगा।

‘नरैनी के विधायक को बांदा अदालत से सामने से गिरफ्तार कर लिया। उनके दो साथियों को बुधवार रात को ही गिरफ्तार कर लिया गया था। चौथा अभियुक्त रावण गर्ग अब भी फरार है और उसकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। बुधवार रात गिरफ्तार अभियुक्तों राजेन्द्र शुक्ला और सुरेन्द्र को अदालत में पेश किया गया और अदालत ने दोनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।

सीबीसीआइडी की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद बुधवार को पुरुषोत्तम नरेश द्विवेदी और उनके 3 साथियों के खिलाफ रेप का मुकदमा दर्ज हो गया था। इसके बाद गिरफ्तारी का आदेश जारी होते ही विधायक फरार हो गए थे। सीबीसीआइडी की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद विधायक पुरुषोत्तम नरेश द्विवेदी, राजेंद्र शुक्ला, सुरेश नेता और रावण गर्ग के खिलाफ पीड़ित की तहरीर पर बांदा सदर कोतवाली में दफा 376, 354, 323, 504 और 506 के तहत मुकदमा किया गया है।

लेकिन पार्टी ने अभी तक विधायक को निष्कासित नहीं किया है, हालांकि वे 2 जनवरी को निलंबित हो चुके हैं।

इसी बीच कांग्रेस, बीजेपी और सीपीएम ने मांग की है कि पीड़ित लड़की को जेल से तत्काल रिहा किया जाए।

भगवान श्रीराम ने भी उड़ाई थी पतंग!!

मकर संक्रांति के अवसर पर पतंग महोत्सव भी मनाया जाता है। देशभर में इस मौके पर पतंग उड़ाकर मनोरंजन करने की परंपरा है। मकर संक्रांति पर पतंग उड़ान की परंपरा पर चलन में आई इसका कोई इतिहास तो नहीं है लेकिन श्री रामचरित मानस में वर्णित एक प्रसंग के अनुसार भगवान श्रीराम भी पतंग उड़ाई थी। इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि पतंग उड़ानी की परंपरा काफी पुरानी है-
जब हनुमानजी बालरूप में थे तब वे प्रभु श्रीराम के दर्शन के लिए अयोध्या आए। उस दिन मकर संक्रांति थी। श्रीराम अपने भाइयों के साथ पतंग उड़ा रहे थे। प्रभु राम की पतंग उड़ते हुए देवलोक जा पहुंची।

राम इक दिन चंग उड़ाई।
इंद्रलोक में पहुंची जाई।।

उस पतंग को देखकर इंद्र केपुत्र जयंत की पत्नी बहुत आकर्षित हो गई और सोचने लगी कि जिसकी पतंग इतनी सुंदर है वह स्वयं कितना सुदंर होगा।

जासु संग अस सुंदरताई।
सो पुरुष जग में अधिकाई।।

यह सोचकर जयंत की पत्नी ने पतंग पकड़ ली। जब पतंग दिखाई नहीं दी तो श्रीराम ने हनुमान को पतंग का पता लगाने के लिए भेजा। तब हनुमान देवलोक जा पहुंचे। हनुमान को देखकर जयंत की पत्नी ने पूछा कि ये पतंग किसकी है? हनुमान ने बताया कि यह पतंग भगवान राम की है। तब जयंत की पत्नी ने उनके दर्शन करने की इच्छा प्रकट की। हनुमानजी ने यह बात आकर प्रभु राम को बताई। तब श्रीराम ने कहा कि वे चित्रकूट में अवश्य ही दर्शन देंगे। हनुमान ने यह बात जाकर जयंती की पत्नी को बताई तब उसने श्रीराम की पतंग छोड़ दी।
तिन सब सुनत तुरंत ही,
दीन्ही छोड़ पतंग।
खेंच लइ प्रभु बेग ही,
खेलत बालक संग।।

कक्षा २ के छात्र ने की आत्महत्या

दिल्ली में मां की डांट से परेशान होकर आठ साल के एक बच्चे ने आत्महत्या कर ली.

बच्चे के इस कदम ने न सिर्फ पुलिस व इलाके के लोगों को झकझोर दिया है, बल्कि यह सवाल भी खड़ा कर दिया है कि आखिर इतनी कम उम्र में उसके दिमाग में यह बात कहां से आई.

पुलिस ने बताया कि बच्चे का नाम शुभम था, जो दूसरी कक्षा का छात्र था. शुभम अपने माता-पिता व बड़ी बहन के साथ ई ब्लॉक, छतरपुर में रहता था. जिस बिल्डिंग में वे रहते हैं, उसी में शुभम के पिता रामेश्वर केयर टेकर के तौर पर कार्यरत हैं. इनका पूरा परिवार प्रथम मंजिल पर रहता है.

शुभम सुबह खेलने के लिए नीचे जाने लगा, तो उसकी मां ने उसे रोका. लेकिन, इस पर भी जब शुभम नहीं माना तो मां ने उसे डांट दिया और कहा कि वह नहाने व नाश्ता करने के बाद ही खेलने जाए. मां की डांट से शुभम काफी गुस्सा हो गया और नाराज होकर दूसरे कमरे में चला गया.

बच्चे की नाराजगी को भांपते हुए उसकी मां ने उसे खुश करने के लिए उसकी पसंद की मिठाई बनाई. सुबह लगभग 11.30 बजे वह शुभम के लिए मिठाई लेकर दूसरे कमरे में गई तो देखा कि दरवाजा अंदर से बंद है. इसके बाद उसने कई बार दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं आया.

खिड़की से झांकने पर देखा तो पाया कि शुभम पंखे से चुन्नी के सहारे फांसी पर लटका है. यह देखकर उसकी चीख निकल गई, जिसे सुनकर आसपास के लोग एकत्र हो गए तथा बच्चे के पिता रामेश्वर भी आ गए.

तुरंत ही दरवाजा तोड़ कर शुभम को नीचे उतारा गया और नजदीक ही स्थित मैक्स अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. रामेश्वर ने पुलिस को बताया कि शुभम उनका इकलौता बेटा था, जो बड़ी मन्नतों के बाद पैदा हुआ था. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सुरक्षित रखवा दिया है.

मायावती जन्मदिन पर बांटेंगी जनता को उपहार

लखनऊ|| लखनऊ में मुख्यमंत्री मायावती के 55वें जन्मदिन के लिए पुराने लखनऊ में होर्डिंग लगाकर पूरा शहर नीला कर दिया है|
उम्मीद की जा रही है कि जन्मदिन पर मुख्यमंत्री प्रदेश की जनता पर उपहारों की बारिश करने वाली है. प्रदेश में अगले वर्ष विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. मुख्यमंत्री मायावती के जन्मदिन पर नवाबों की नगरी लखनऊ ‘नीले’ रंग मे नहाई हुई है.

जन्मदिन के अवसर पर लखनऊ के लोगों को मुख्यमंत्री ‘सजाधजा नवविकसित हजरतगंज और लालबाग’ भेंट करेगी.

जिसके सौदर्यीकरण प्रक्रिया में राजधानी के इस हृदयस्थल में दीपावली और नववर्ष गर्दोंगुबार में ही गुजर गए.

इसके अतिरिक्त कई और उपहारों से प्रदेश की जनता को नवाजेगी.

जिसमें केंद्र सरकार के ‘सूचना का अधिकार’ (आरटीआई) की तर्ज पर प्रदेश में ‘जनहित गारण्टी’ कानून बनाए जाने की घोषणा भी शामिल है.

आधिकारिक सूत्रों ने बताया है, मुख्यमंत्री अपने जन्मदिन पर कल जहां एक ओर कई योजनाओं का शुभारम्भ और लोकार्पण करने वाली है, वही वह राज्य के प्रशासनिक तंत्र को आम जनता के प्रति उत्तरदायी बनाने के लिए ‘उत्तर प्रदेश जनहित गारंटी कानून’ लागू किए जाने की भी घोषणा करेगी.

सूत्रों ने बताया है कि जनहित गारंटी अधिनियम में जनता को किसी भी विभाग से उससे जुड़ी जानकारी एवं संबद्ध दस्तावेज तय समय के भीतर प्राप्त करने का अधिकार होगा.

यदि किसी को लगता है कि कोई अधिकारी जानबूझ कर उसे उसके अधिकारों से वंचित कर रहा है तो वह उसके विरुद्ध संबद्ध विभाग के वरिष्ठ अधिकारी से ‘अपील’ कर सकता है, जिसे दोषी अधिकारी पर समुचित जुर्माना लगाने का अधिकार प्राप्त होगा.

जनकल्याणकारी दिवस के रूप में अपना जन्मदिन मना रहीं मुख्यमंत्री मायावती अपने पिछले जन्मदिन पर शुरू की गई ‘महामाया गरीब आर्थिक मदद योजना’ के तहत 31 लाख शहरी गरीबों को मिलने वाले मासिक 300 रुपए की सहायता में 100 रुपए की बढ़ोत्तरी कर उसे 400 रुपए किए जाने की भी घोषणा करेगी.

सूत्रों के मुताबिक अपने जन्मदिन पर मुख्यमंत्री द्वारा दूरदराज इलाकों में रहने वाले लोगों को चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने के लिए चलित चिकित्सा इकाइयों के गठन की घोषणा करेगी.

यह पहले चरण में प्रदेश के 15 जिलों में शुरू की जाएगी, जिनमें नक्सल प्रभावित जिलों के अलावा बुंदेलखंड अंचल के सातों जिले शामिल किए जाएंगे.

उन्होंने बताया कि जिन जिलों में चलित चिकित्सा इकाइयां बनाई जाएंगी उनमें बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा, जालौन, झांसी, ललितपुर, सोनभद्र, मिरजापुर, चंदौली, गाजीपुर, कुशीनगर, देवरिया, मऊ तथा बलिया शामिल है. यह योजना राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तहत वित्तपोषित होगी.

मकर संक्रान्ति: कहीं लोहड़ी तो कहीं पतंगों की धूम

मकर संक्रान्ति हिन्दुओं का प्रमुख पर्व है। मकर संक्रान्ति पूरे भारत में किसी न किसी रूप में मनाया जाता है। पौष मास में जब सूर्य मकर राशि पर आता है जब इस पर्व को मनाया जाता है । यह त्योहार जनवरी माह के तेरहवें, चौदहवें या पन्द्रहवें दिन ( जब सूर्य धनु राशि को छोड़ मकर राशि में प्रवेश करता है ) पड़ता है । मकर संक्रान्ति के दिन से सूर्य की उत्तरायण गति प्रारम्भ होती है । इसलिये इसको उत्तरायणी भी कहते हैं। तमिलनाडु में इसे पोंगल नामक उत्सव के रूप में मनाते हैं जबकि कर्नाटक, केरल तथा आंध्र प्रदेश में इसे केवल ‘संक्रान्ति’ कहते हैं।

भारत में मकर संक्रान्ति के विविध रूप

हरियाणा और पंजाब में इसे लोहड़ी के रूप में मनाया जलाता है। इस दिन अंधेरा होते ही आग जलाकर अग्नि पूजा करते हुए तिल, गुड़, चावल और भुने हुए मक्के की आहुति दी जाती है। इस सामग्री को तिलचौली कहा जाता है। इस अवसर पर लोग मूंगफली, तिल की गजक, रेवड़ियाँ आपस में बांटकर खुशियां मनाते हैं। बहुएं घर घर जाकर लोकगीत गाकर लोहड़ी मांगती हैं। नई बहू और नवजात बच्चे के लिए लोहड़ी का विशेष महत्व होता है। इसके साथ पारंपरिक मक्के की रोटी और सरसों की साग का भी लुत्फ उठाया जाता है।

गुजरात-राजस्थान-उत्तर प्रदेश में मकर संक्रान्ति पर उड़ायी जाती हैं पतंगे

उत्तर प्रदेश में यह मुख्य रूप से ‘दान का पर्व’ है । इलाहाबाद में यह पर्व माघ मेले के नाम से जाना जाता है। 14 जनवरी से इलाहाबाद मे हर साल माघ मेले की शुरुआत होती है। 14 दिसम्बर से 14 जनवरी का समय खर मास के नाम से जाना जाता है। और उत्तर भारत मे तो पहले इस एक महीने मे किसी भी अच्छे कार्य को अंजाम नही दिया जाता था। मसलन शादी-ब्याह नही किये जाते हैं। माघ मेला पहला नहान मकर संक्रान्ति से शुरू होकर शिवरात्रि तक यानी आख़िरी नहान तक चलता है। संक्रान्ति के दिन नहान के बाद दान करने का भी चलन है।

बागेश्वर में बड़ा मेला होता है। वैसे गंगास्नान रामेश्वर, चित्रशिला व अन्य स्थानों में भी होते हैं। इस दिन गंगा स्नान करके , तिल के मिष्ठान आदि को ब्राह्मणों व पूज्य व्यक्तियों को दान दिया जाता है। इस पर्व पर भी क्षेत्र में गंगा एवं रामगंगा घाटों पर बड़े मेले लगते है। समूचे उत्तर प्रदेश में इस व्रत को खिचड़ी के नाम से जाना जाता है तथा इस दिन खिचड़ी सेवन एवं खिचड़ी दान का अत्यधिक महत्व होता है। इलाहाबाद में गंगा, यमुना व सरस्वती के संगम पर प्रत्येक वर्ष एक माह तक माघ मेला लगता है।

मकर संक्रान्ति का ऐतिहासिक महत्व

माना जाता है कि इस दिन भगवान भास्कर अपने पुत्र शनि से मिलने स्वयं उसके घर जाते हैं। चूंकि शनिदेव मकर राशि के स्वामी हैं, अत: इस दिन को मकर संक्रांति के नाम से जाना जाता है। महाभारत काल में भीष्म पितामह ने अपनी देह त्यागने के लिए मकर संक्रांति का ही चयन किया था। मकर संक्रांति के दिन ही गंगाजी भगीरथ के पीछे-पीछे चलकर कपिल मुनि के आश्रम से होकर सागर में जा मिली थीं।

धूप खिलने से सर्दी से कुछ राहत

लखनऊ|| राजधानी लखनऊ सहित समूचे उत्तर प्रदेश में सर्दी का प्रकोप जारी है। दिन में हालांकि धूप खिलने से लोग सर्दी से कुछ राहत महसूस कर रहे हैं।

दिन और रात के तापमान में थो़डी वृद्धि दर्ज की गई है। राजधानी लखनऊ में शुक्रवार सुबह घना कोहरा छाया रहा, लेकिन दिन बढ़ने के बाद धूप खिल गई जिससे लोग स़डकों, पार्को और घर की छतों पर आकर धूप का आनंद लेते नजर आये। पिछले 24 घंटों के दौरान सुल्तानपुर प्रदेश में सबसे सर्द स्थान रहा, जहां का न्यूनतम तापमान चार डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से करीब पांच डिग्री कम है।

इसके अलावा इलाहाबाद का न्यूनतम तापमान 7.3 डिग्री सेल्सियस, बहराइच का 4.6 डिग्री सेल्सियस रहा। राजधानी लखनऊ का न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से दो डिग्री कम था। मौसम विभाग के निदेशक जे. पी. गुप्ता ने संवाददाताओं को बताया कि चौबीस घंटे बाद प्रदेश में शीतलहर के प्रकोप में कमी के आसार हैं। उन्होंने कहा कि सुबह और रात में घना कोहरा छाए होने से लोगों को परेशानी का सामना करना प़डेगा लेकिन दिन में धूप खिलेगी, जिससे लोगोंको सर्दी से थो़डी राहत मिलेगी।

उधर, सर्दी और कोहरे ने राज्य में रेल और हवाई यातायात को प्रभावित किया है। राज्य में सर्दी से मरने वालो की संख्या बढ़कर 117 हो गई है। गुरूवार को गोंडा में चार, सीतापुर में दो और गोरखपुर में एक व्यक्ति की मौत हो गई।