हमारे बारे में

जेएनआई की स्थापना वर्ष 12 नवम्बर 2009 में की गयी थी जब आज के सोशल मीडिया का बोलबाला नहीं था| समाचार और सूचनाओ को दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रो तक पहुचाने के सीमित माध्यम थे| गाँव में टीवी गिनेचुने घरो में होते थे और बिजली की समस्याओ की वजह से पहुच भी सीमित हो जाती थी| अख़बार, जो आज भी शहरो के पास के गाँव तक ही पहुच पाते है, उन दिनों में ये संख्या बहुत ही कम थी| राजधानी और जिला मुख्यालय पर सरकार के जारी आदेश ग्रामीण जनता तक पहुच ही नहीं पाते थे| उस समय jni news के टाइटल से कीपेड वाले मोबाइल पर sms के द्वारा त्वरित गति से समाचार पहुचाने के लिए जॉइंट न्यूज़ ऑफ़ इंडिया की कल्पना साकार हुई थी| जिला स्तर की खबरों को लखनऊ दिल्ली से लेकर खेत खलिहान तक पहुचाने का एक ताकतवर माध्यम मोबाइल पर SMS के माध्यम से पहुचाने का काम JNI ने शुरू किया था|

आज 16 वर्ष की यात्रा के बाद बहुत बदलाव हो चुका है| सोशल मीडिया के सैकड़ो माध्यम बाजार में आ चुके है| मोबाइल और कैमरा हर हाथ में है| सोशल मीडिया अब पैसा कमाने का माध्यम हो चुका है| खबरों की पहुच पर अब कोई रोक नहीं है मगर एक बात की जो सबसे ज्यादा कमी आई है वो है विश्वसनीयता की| जो कंटेंट आप सोशल मीडिया पर देख पढ़ रहे है उस पर कितना विश्वास करें? जो सूचना आपको मिली वो कितनी सही है? और इस कमी को आज भी jni का ब्रांड पूरा करता है|

खबर है क्या? – जो आपको नहीं मालूम- किसी सूचना के छिपे हुए तथ्य ही दरअसल में खबर होती है| जो तथ्य छुपाये जाते है वही खबर होती है, बाकी तो सब इश्तहार है| जो फोटो आपको भेजे जाते है, जो बुलाकर बताया जाता है वो सब प्रचार/इश्तहार होता है| जो छुपाया जाता है वही खबर होती है| JNI की कोशिश थी कि आपको खबर मिले इसीलिए JNI स्थापित हुआ था|

आज भी JNI के पास विश्वसनीय सूत्रों का एक बड़ा खजाना है, जिसके माध्यम से प्रयास है कि सही और सटीक सूचना जनता तक पहुचे|

पंकज दीक्षित – संस्थापक (पूर्व संवाददाता ETV, ZEE NEWS, IBN, NDTV, TIMES NOW, INDIA TV)