फर्रुखाबाद: आशा बहुओं के जनपद स्तरीय सम्मेलन में भाग लेने पहुंचे मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 राकेश कुमार ने कहा कि जनपद में आये मुझे अभी कुछ ही दिन हुए हैं लेकिन इतने ही दिनों में मैने समझ लिया कि जनपद की स्वास्थ्य व्यवस्था बहुत ही खराब है। उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्था को ठीक कराने के लिए आशा बहुओं का विशेष योगदान होने की बात भी कही।
मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 राकेश कुमार ने आशाओं को संबोधित करते हुए कहा कि जनपद में चल रहीं स्वास्थ्य व्यस्थाओं में आशा बहुओं का विशेष व अहम योगदान है। क्योंकि अधिकारी हर जगह नहीं जा सकता लेकिन आशा बहुएं गांव-गांव जाकर गर्भवती महिलाओं को समय पर टीकाकरण कराकर सुरक्षित प्रसव कराने में सहायक सिद्ध होती हैं। उन्होंने एएनएम व आशाओं पर शिकंजा कसते हुए कहा कि जो एएनएम या आशा गर्भवती महिलाओं को निजी चिकित्सालयों में भर्ती कराने के लिए ले जाती हैं उन पर कठोर कार्यवाही की जायेगी।
मुख्य चिकित्साधिकारी के बोलते समय आशाओं ने दबी जुबान से मानदेय न मिलने की बात उठायी। भीड़ में खड़े होकर कुछ आशाओं ने कहा कि उन्हें तकरीबन दो वर्ष से मानदेय नहीं दिया गया। जिस पर वहां मौजूद जिलाधिकारी ने कहा कि अपने स्थान पर बैठ जाइए। बाद में सभी की समस्याओं का समाधान किया जायेगा।
इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी ईश्वरीय प्रसाद ने आशाओं को संबोधित करते हुए कहा कि स्वस्थ मां से ही स्वस्थ शिशु का जन्म होता है। आशाओं को चाहिए कि वह अपने आस पड़ोस की महिलाओं को समुचित आहार, आयरन की गोलियां व बच्चों की देखभाल के सुझाव समय-समय पर दें। संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य आर पी गुप्ता ने भी आशा बहुओं का स्वास्थ्य योजनाओं में विशेष योगदान होने की बात कही। एसीएमओ चन्द्रशेखर ने कहा कि आशा बहुएं स्वास्थ्य योजनाओं व आम जनता के बीच की कड़ी हैं और यह कड़ी टूटनी नहीं चाहिए। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्र में घरेलू प्रसव होने की बात पर चिंता व्यक्त की और कहा कि आशाओं के होते हुए इस तरह के कार्य बिलकुल गलत हैं। इस दौरान एसीएमओ डा0 राजवीर ने कहा कि नवजात शिशुओं की मृत्युदर कम करने के लिए समय पर टीकाकरण कराना आशाओं का ही दायित्व है। इसका वह निर्वहन करें। जिला क्षयरोग अध्णिकारी डा0 एम एम अग्रवाल ने कहा कि जनपद में 16 जगह बलगम जांच केन्द्र खोले गये हैं। उन्होंने जिलाधिकारी के विषय में कहा कि जिलाधिकारी के आने से जनपद में पहले से कहीं अधिक बदलाव हुआ है। क्षेत्रीय आयुर्वेद अधिकारी डा0 डी के अग्रवाल ने गर्भवती महिलाओं को हरी सब्जी व आयरन की गोली समय-समय पर क्षेत्रीय सामुदायिक स्वास्थ्यकेन्द्र पर जांच कराने की सलाह दी।


