फरियादी के सामने जिलाधिकारी बने मूक वधिर

फर्रुखाबाद: जिला मुख्यालय पर उस समय लोग आश्चर्य चकित रह गये जब एक व्यक्ति अपनी फरियाद लेकर आया तो डीएम मुथुकुमार स्वामी मूक वधिर बन गये। जी हां चौंकिये मत दर असल वह व्यक्ति कोई सामान्य व्यक्ति नहीं वल्कि स्वयं मूक वधिर था। जनपद के मूक वधिर संस्था से पढ़ने के बाद उसने जिलाधिकारी से फरियाद की कि उसे जनपद में ही कोई नौकरी दिलायी जाये। इतना ही नहीं 30 वर्षीय मूक वधिर युवक ने नौकरी न मिलने पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर लेने की भी धमकी दी।

जिलाधिकारी मुथुकुमार स्वामी बुधवार को उस समय परेशानी में फंस गये जब एक मूक वधिर व्यक्ति लाखन सिंह उनके कार्यालय में आकर अपनी भाषा में नौकरी की मांग करने लगा। युवक कोई बात न कहकर जोर जोर बड़बड़ा रहा था व इशारे कर रहा था व जिलाधिकारी उसकी तरफ टकटकी लगाकर देख रहे थे। लेकिन जिलाधिकारी को समझने में देर न लगी कि युवक मूक वधिर है। फिर क्या था जिलाधिकारी भी युवक से मूकवधिर बनकर इशारों में बात करने लगे। युवक ने इशारों ही इशारों में जिलाधिकारी को अपनी आत्महत्या कर लेनेे तक की धमकी दे डाली।
जिलाधिकारी ने तत्काल मूक वधिर विद्यालय फोन कर प्रधानाचार्य से पूछा कि क्या आपके यहां कोई सफाईकर्मी की जगह खाली है। इस पर उन्होंने कहा कि वहां पर कोई जगह खाली नहीं है। जिलाधिकारी ने पिछड़ा वर्ग एवं विकलांग कल्याण अधिकारी रामअनुराग वर्मा को मौके पर बुलाया और कहा कि इसे ले जाकर जहां भी जगह खाली हो नौकरी दिला दो। तब कहीं जाकर मामला सुलट पाया।