उप्र विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता और बसपा प्रदेश अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने पार्टी मुखिया मायावती द्वारा एसपीजी की सुरक्षा मांगे जाने को सर्वथा उचित
बताते हुए कहा कि प्रदेश में सपा के गुंडाराज में मायावती के लिए एसपीजी सुरक्षा और भी जरूरी हो गई है।
मौर्य ने शुक्रवार को संवाददाताओं से बातचीत में क हा कि वर्ष 1995 की दो जून को मीराबाई मार्ग स्थित अतिथि गृह में तब सपा गठबंधन में रहीं बसपा मुखिया मायावती पर हुए हमले को नहीं भूलना चाहिए। सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के शासनकाल में मायावती पर जानलेवा हमला किया गया था। मौर्य ने सपा की तुलना आतंकवादियों से करते हुए कहा है कि जिस पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष मुख्यमंत्री रहते मायावती पर जानलेवा हमला करा सकता हो तो ऐसे में आतंकवादी की परिभाषा कुछ और नहीं होती।
बसपा प्रदेश अध्यक्ष ने महिलाओं के साथ छिनैती और लूट की बढ़ती घटनाओं पर चिंता जताते हुए आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ‘गांधी जी के तीन बंदरों’ की तरह काम कर रहे हैं, मगर ऐसा चलने वाला नहीं है। उधर, बसपा के आरोपों से तिलमिलाई सपा के प्रदेश प्रवक्ता राजेन्द्र चैधरी ने कहा है कि विक्षिप्त आदमी रात के अंधेरे में रस्सी को भी सांप समझकर चीखने लगता है। नेता विरोधी दल विधानसभा स्वामी प्रसाद मौर्य की भी वही हालत है। डेढ़ माह की सपा सरकार की सूची बनाने से पहले मौर्य को अपने जमाने के दिनों की भी सूची बना लेनी चाहिए।

