मातृ-भूमि पर मर मिटने की कसम खाकर 109 रणबांकुरे बने थल सैनिक

0
203

फर्रुखाबाद: फतेहगढ़ स्थित राजपूत रेजीमेंट के करयप्पा काम्पलेक्स पर आयोजित कसम परेड में सोमवार को ब्रिगेडियर एस के भनोट ने प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके 109 रिक्रूटों कोदेश पर मर मिटने की कसम खिलाकर भारतीय सेना में सम्मिलित कर लिया। इस अवसर पर उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पांच रिक्रूटों को पदक टांक कर सम्मानित भी किया। उन्होंने सैनिकों को उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।

[adrotate banner="3"]

फतेहगढ़ राजपूत रेजीमेंट में आज कसम परेड का आयोजन किया गया| जिसमे राजपूत रेजीमेंट के109 जवान जो अपनी अपनी ट्रेनिंग पूरी कर चुके थे,  ने हाँथ उठाकर देश पर मर मिटने की कसमें खाईं| इस दौरान जवानों की आँखों में जो देश भक्ति की भावना देखी गयी उसे देखकर के वहां मौजूद उनके परिजनों व अन्य दर्शकों की आँखें भर आयीं|

जवानों को देखकर लग रहा था कि उनमे देश की सेवा का सपना आज राजपूत रेजीमेंट की कसम परेड के दौरान पूरा हो गया| जवानों ने परेड करने के दौरान ब्रिगेडियर एसके भनोट को सलामी दी| ब्रिग्रेडियर ने गाडी पर खड़े होकर राजपूत रेजीमेंट के जवानों की परेड का निरीक्षण भी किया| ब्रिगेडियर ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पांच सैनिकों के सीने पर पदक भी लगाए| जिससे जवानों का सर फख्र से ऊंचा हो गया|

इस अवसर पर ब्रिगेडियर भनोट ने पूरी ईमानदारी के साथ देश की सेवा मर मिटने व राजपूत रेजीमेंट की गौरवशाली परंपरा पर  किसी तरीके की आंच नहीं आने देने का आह्वान किया| परेड के दौरान सैनिकों के सर पर गर्व से लाल पगड़ी ऐसी लग रही थी मानों हजारों सूर्य एक साथ राजपूत रेजीमेंट में उग आये हों|

[adrotate banner="2"]