झांसी। स्वाभिमान यात्रा की शुरूआत करने वाले बाबा रामदेव ने एक टीवी चैनल से बातचीत करते हुए कहा कि उन्हें अब अपनी सफाई में कुछ नहीं कहना है। ना तो वो किसी पार्टी का नाम लेने वाले हैं और ना ही कुछ सफाई पेश करने वाले हैं। उनकी लड़ाई कालेधन के खिलाफ कल भी थी और आज भी है। अक्सर सरकार उनके बारे में कहती है कि चंद लोगों के सहारे बाबा रामदेव ने इतराना शुरू कर दिया है। लेकिन इस यात्रा से दूध का दूध और पानी का पानी हो जायेगा। मुझे किसी पार्टी विशेष से परमिशन लेने की जरूरत नहीं है क्योंकि जिनके चरित्र खुद साफ नहीं है वो भला मुझे क्यों प्रमाणपत्र देगें। बाबा मे कहा कि कल के झांसी योग शिविर में बच्चे और बुजुर्ग थे लेकिन आज के योग शिविर में जवान और गांवे के लोग थे जिससे स्पष्ट होता है कि लोग उन्हें समझते हैं।
आपको बता दें कि आज यानी मंगलवार से एक बार फिर बाबा रामदेव ने काले धन के खिलाफ अपना बिगुल फूंक दिया है। अनशन में बुरी तरह से फ्लाप होने वाले बाबा रामदेव से स्वाभिमान यात्रा की शुरूआत की है। यह यात्रा झांसी से शुरू होकर तीन राज्यों तक पहुंचेगी। बाबा रामदेव योग के बहाने लोगों को काले धन के खिलाफ जागरूक करेगें। बाबा रामदेव ने चुनौती देते हुए कहा कि ये यात्रा उनकी अपनी है इसलिए उन्हें किसी भी राजनैतिक पार्टी के चरित्र प्रमाणपत्र की जरूरत नहीं है। क्योंकि किसी राजनैतिक पार्टी का अपना कोई चरित्र ही नहीं है। बाबा रामदेव ने कहा कि योग सीखाना कोई गुनाह नहीं है। रामदेव ने झांसी से शुरूआत करने के पीछे कारण बताया कि झांसी ही वो धरती है कि जहां से रानी लक्ष्मीबाई ने अंग्रेजों के खिलाफ बिगुल फूंका था इसलिए उन्होंने ने झांसी की धरती को चुना।
अपने करीबी बालकृष्णन पर लगे आरोपों को निराधार बताते हुए बाबा रामदेन ने कहा कि उनके खिलाफ साजिश हुई है। सरकार उनकी आवाज को दबाना चाहती है इसलिए वो ऐसा कर रही है। रामदेव ने कहा कि विदेशी बैंकों में करीब चार सौ लाख करोड़ रुपये जमा हैं। उस धन को देश के विकास के लिए वापस लाना होगा। बाबा रामदेव की यात्रा तीन राज्यों से होकर गुजरेगी।



