पब्लिसिटी या समर्थन? चौक पर जाम लगाकर चिल्लाये- अन्ना तुम संघर्ष करो….

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फर्रुखाबाद: चिलचिलाती धूप में बच्चे स्कूल से घर लौट रहे थे, कुछ बीमार डॉक्टर के पास जाना चाह रहे थे वो चौक पर जाम के कारण बिलबिला रहे थे| अन्ना के कथित समर्थक शहर के चौक बाजार पर आज दोपहर जनक्रांति पार्टी के झंडे लिए और पार्टी की टोपी लगाये आना तुम संघर्ष करो हम तुम्हारे साथ है नारे लगाते हुए अखबारों और मीडिया के लिए फोटो खिचवा रहे थे| महिला मोर्चा ने पार्टी की टोपी पहनी और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का पुतला फूक दिया| चौक पर चले इस विरोध प्रदर्शन से लम्बा जाम लगा और जनता परेशान हो गयी| शायद ये अन्ना का समर्थन नहीं क्यूंकि अन्ना कोई आन्दोलन ऐसा नहीं करते जिसमे जनता को परेशानी हो|

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एक तरफ भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग लड़ रहे है अन्ना हजारे जनता के हित को मद्देनजर रखते हुए आहिंसा व सोहार्द के साथ आपना आन्दोलन और आनशन जारी रखे हुए है| वही इस मामले को राजनीतिक मुदा बनाकर कुछ नेता इसे अपनी पब्लिसिटी का माध्यम बना रहे है| उनका लक्ष्य सिर्फ गलियों में व चोराहो पर जाम लगाकर अपना प्रचार व प्रसार करवाने तक ही सीमित रह गया है ऐसा ही कुछ आज शहर के चौक बाज़ार पर देखनो को मिला| जहाँ आज राष्टीय जन क्रांति पार्टी की महिला मोर्चा अध्यक्ष शकुंतला श्रीवास्तव अपनी कुछ महिला साथियों के साथ चौक बाज़ार पे खड़े हो कर नारेबाजी करने लगी| जब इन्हें अपना प्रदर्शन हलके में नज़र आया तो इन महिला नेताओं ने सड़क पर जाम लगा दिया जिससे बाज़ार में जबरदस्त जाम लग गया| मौके पर मोजूद पुलिस वालों ने जब वाहनों के आवागमन को शुरू करवाने का प्रयास किया तो ये महिलाए पुलिस पर भी आँखे टेडी करने से नही चूकी| इस प्रदर्शन को देखकर जाम के झाम में फंसे हर नागरिक की जुबान से यही सुना गया की ये कैसा प्रदर्शन| यहाँ तो अन्ना जी के समर्थन कम और राजनीति ज्यादा नज़र आती है|

सुबह सुबह एक खबर ये भी आई की कुछ महिलाओं ने रेल रोक दी| अब रेल रोकने और चौक पर जाम लगाने वाले अन्ना के समर्थक तो कतई नहीं हो सकते| अभी तक अन्ना ने ऐसा करने को बिलकुल नहीं कहा है| दूसरी बात ये पार्टी के कार्यकर्ता थे जिनके पास एक भी राष्ट्रीय झंडा नजर नहीं आया| न सर पर अन्ना के समर्थन वाली या गाँधी टोपी|

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