अन्ना हजारे और संप्रग सरकार के बीच जनलोकपाल की लड़ाई में अब एमएमएस वार भी शुरू हो गयी है। केंद्र सरकार और अन्ना हजारे इंटरनेट और मोबाइल फोन पर भी आमने-सामने आ गए हैं। अभी तक फेसबुक और ट्विटर जैसी सोशल नेटवर्किंग वेबसाइटों के जरिए जनता को जोड़ने में सफल रही टीम अन्ना का अनुसरण करते हुए कांग्रेस के समर्थकों ने भी इंटरनेट और मोबाइल फोन पर सिविल सोसाइटी के खिलाफ अभियान छेड़ दिया है।
लोगों के मोबाइल फोन और ई-मेल एकाउंट पर अब अन्ना के खिलाफ मुहिम तेज हो गई है। लोगों को मिल रहे एसएमएस में अन्ना पर अनशन के दौरान खाना, फल और पानी पीने के आरोप लगाए जा रहे हैं। कुछ संदेशों में अन्ना को हिटलर कहा जा रहा है। यह एसएमएस बाकायदा टेलीमार्केटिंग कंपनियों की ओर से भेजे जा रहे हैं। लोगों के निजी ई-मेल खातों में भी अन्ना के खिलाफ मेल का अंबार लग गया है। देशभक्त और जनता की आवाज नामक ई-मेल आईडी के जरिए अन्ना के खिलाफ संदेश भेजे जा रहे हैं। इनमें अन्ना के हवाले से कुछ कथित विवादित बयान पढ़ाए जा रहे हैं। इनमें अन्ना की ओर से कहा जा रहा है कि सब मुझे सुनते हैं और मैं किसी की नहीं सुनता। दूसरे संदेश में कहा गया है कि वह अपने अनशन के दौरान ग्लूकोज और इलेक्ट्रॉल लेने से परहेज नहीं करते। वहीं सोशल नेटवर्किंग वेबसाइटों पर भी अन्ना के खिलाफ अभियान शुरू किया जा रहा है। हालांकि कांग्रेस इस अभियान से पल्ला झाड़ रही है। पार्टी का कहना है कि इससे पार्टी का कोई लेना-देना नहीं।


