34 पीएचसी पर स्वास्थ्य मेले में 1651 मरीजों का उपचार

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फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरों) ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को उनके नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर ही बेहतर चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से रविवार को जिले की 34 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर स्वास्थ्य मेले आयोजित किए गए। मेलों में कुल 1651 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें चिकित्सकीय परामर्श, आवश्यक जांच और दवाएं उपलब्ध कराई गईं।स्वास्थ्य मेले में सामने आए रोगवार आंकड़ों के अनुसार 358 मरीज बुखार, 206 गैस्ट्रो, 194 डायबिटीज, 62 हाइपरटेंशन तथा 411 मरीज त्वचा संबंधी रोगों से पीड़ित पाए गए। इसके अलावा 658 मरीज अन्य बीमारियों से संबंधित रहे। चिकित्सकों ने मरीजों की जांच कर उनकी स्थिति के अनुसार उपचार और आवश्यक परामर्श दिया।स्वास्थ्य मेलों की व्यवस्थाओं पर नजर रखने के लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने विभिन्न प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण किया। उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. दीपक कटारिया एवं एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. रणधीर सिंह ने पीएचसी सबलपुर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सरवर इकबाल ने पीएचसी कुइनयाँखेरा और पीएचसी फैजबाग (शमसाबाद) का निरीक्षण किया। उन्होंने मंडी समिति शमसाबाद स्थित बाढ़ चौकी की व्यवस्थाएं भी परखीं।उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. परीक्षित सफीर ने पीएचसी नियमातपुर ठाकुरान (कमालगंज) एवं पीएचसी जहांनगंज का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जहांनगंज बाढ़ चौकी पर उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं और आवश्यक तैयारियों की जानकारी ली। डॉ. अनुनय कुटार ने भी डॉ. परीक्षित सफीर के साथ जहांनगंज क्षेत्र की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय ने स्वयं पीएचसी खिमसेपुर और धीरपुर (मोहम्मदाबाद) पहुंचकर स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत परखी। उन्होंने मरीजों को मिल रही चिकित्सकीय सुविधाओं, जांच, दवा वितरण तथा स्वास्थ्यकर्मियों की उपस्थिति सहित अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। सीएमओ ने स्वास्थ्यकर्मियों को मरीजों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और प्रत्येक मरीज को समय से उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।सीएमओ ने कहा कि स्वास्थ्य मेलों के जरिए ग्रामीणों को उनके घर के नजदीक ही आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों और स्वास्थ्यकर्मियों को निर्देश दिए कि मेले में आने वाले किसी भी मरीज को उपचार, जांच या दवा के लिए परेशानी न उठानी पड़े।स्वास्थ्य विभाग की ओर से आयोजित इन मेलों में जहां बड़ी संख्या में मरीजों को उपचार मिला, वहीं बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की तैयारियों को भी परखा गया। अधिकारियों ने बाढ़ चौकियों का निरीक्षण कर किसी भी आपात स्थिति में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने को लेकर व्यवस्थाओं की समीक्षा की।

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