आठ घंटे में 5 सेमी. घटा गंगा का उफान, निचले इलाकों में प्रशासन की नजर

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फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने बुधवार को कलेक्ट्रेट परिसर स्थित बाढ़ आपदा नियंत्रण कक्ष व राजस्व अभिलेखागार का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने नियंत्रण कक्ष में उपलब्ध संचार सुविधाओं, अभिलेखों के रखरखाव और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय व्यवस्था का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि बाढ़ से संबंधित प्रत्येक सूचना पर तत्काल कार्रवाई की जाए और नियंत्रण कक्ष चौबीसों घंटे सक्रिय रखा जाए। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जलस्तर, राहत एवं बचाव कार्यों तथा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से जुड़ी सूचनाओं को नियमित रूप से संकलित किया जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके। उन्होंने कहा कि यदि किसी बाढ़ पीड़ित का फोन आता है तो संबंधित ग्राम प्रधान, लेखपाल व उप जिलाधिकारी से तत्काल संपर्क स्थापित कर प्रभावित व्यक्ति को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया जाए। स्वास्थ्य विभाग और पशुपालन विभाग को निर्देश दिए गए कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रत्येक तीन दिन के अंतराल पर शिविर आयोजित किए जाएं। इसके अलावा बेसिक शिक्षा विभाग को भी प्रभावित गांवों में बच्चों की पढ़ाई की वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।इसके बाद जिलाधिकारी ने राजस्व अभिलेखागार का निरीक्षण किया और रिकॉर्ड के संरक्षण, रखरखाव तथा डिजिटलीकरण की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अभिलेखागार में साफ-सफाई बनाए रखने, नियमित रूप से कीटनाशकों का छिड़काव कराने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए।डॉ. अंकुर लाठर ने कहा कि राजस्व अभिलेख शासन और आम नागरिकों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। इसलिए इनके रखरखाव में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था के तहत दो होमगार्ड तैनात करने के भी निर्देश दिए।इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अरुण कुमार सिंह, उप जिलाधिकारी सदर संजय कुमार, नायब नाजिर महेंद्र कुमार आदि रहे | गंगा 8 घंटे में 5 सेमी. घटी दरअसल सुबह आठ बजे गंगा का जल स्तर 136.85 मीतर दर्ज किया गया था, जबकि शाम 4 बजे यह पैमाना 136.80 मीटर पर आ गया, जबकि खतरे का निशान पांचाल घाट लोहिया सेतु पर 137.10 मीटर पर दर्ज हैँ | गंगा में नरौरा बांध से 99297 क्यूसेक पानी छोड़ा गया |

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