फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) कालिंदी एक्सप्रेस के प्रस्तावित मार्ग परिवर्तन के विरोध में बुधवार को फर्रुखाबाद विकास मंच के जिला अध्यक्ष भईयन मिश्रा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लोगों ने फर्रुखाबाद रेलवे स्टेशन पहुंचकर स्टेशन अधीक्षक मनोज कुमार को ज्ञापन सौंपा।ज्ञापन में मुख्य रूप से मांग की गई कि नई दिल्ली से फर्रुखाबाद होकर कानपुर जाने वाली कालिंदी एक्सप्रेस का मार्ग परिवर्तन कर शिकोहाबाद–इटावा के रास्ते कानपुर ले जाना पूरी तरह गलत है। वक्ताओं ने कहा कि यह ट्रेन पिछले लगभग 40 वर्षों से फर्रुखाबाद के लिए जीवनरेखा बनी हुई है और दिल्ली से जुड़ने वाली एकमात्र सीधी ट्रेन है। यदि इसका मार्ग बदल दिया गया तो जिले के यात्रियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा।प्रतिनिधिमंडल ने सुझाव दिया कि यदि तकनीकी कारणों से बदलाव आवश्यक हो तो ट्रेन को कन्नौज होते हुए मंधना तक चलाया जाए। बताया गया कि मंधना से अनवरगंज के बीच एलिवेटेड ट्रैक तैयार होने के कारण इस रूट में बदलाव की बात कही जा रही है। ऐसे में कम से कम ट्रेन को मंधना तक जारी रखा जाए या पूर्व की भांति फर्रुखाबाद तक संचालन बरकरार रखा जाए।भईयन मिश्रा ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कालिंदी एक्सप्रेस को फर्रुखाबाद से हटाया गया तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी रेलवे विभाग की होगी। उन्होंने कहा कि इस संबंध में उच्च अधिकारियों से वार्ता कर जनभावनाओं से अवगत कराया जाएगा।स्टेशन अधीक्षक मनोज कुमार ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि वे इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उच्च अधिकारियों से वार्ता करेंगे और प्रयास करेंगे कि ट्रेन का संचालन पूर्व की भांति जारी रहे।अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद के जिला महामंत्री अंगद पांडेय उर्फ कोमल पांडे ने कहा कि इस ट्रेन से सबसे अधिक फर्रुखाबाद, कन्नौज, हरदोई और मैनपुरी के लोग यात्रा करते हैं। हजारों व्यापारी प्रतिदिन दिल्ली आते-जाते हैं, ऐसे में इस ट्रेन का मार्ग परिवर्तन जनहित के खिलाफ होगा।ज्ञापन के दौरान नीतीश दुबे (पूर्व सभासद), उमेश जाटव (सभासद), महेश अग्निहोत्री (पूर्व सभासद), नितिन गुप्ता (अध्यक्ष व्यापार मंडल, पटरी दुकानदार संगठन), राजीव पाल, सनी बाथम, ओमनिवास पाठक, राजीव वर्मा, रजत वर्मा, आशू मिश्रा, आलोक मिश्रा, मलखान सिंह राजपूत, लकी गुप्ता, शिवांग बाजपेई, आशुतोष मिश्रा सहित कई लोग मौजूद रहे।
कालिंदी एक्सप्रेस के मार्ग परिवर्तन के विरोध में सौंपा गया ज्ञापन





