स्वदेशी शिक्षा से सशक्त भारत का निर्माण संभव: डॉ. सौरभ मालवीय

फर्रुखाबाद:(नगर संवाददाता) सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, श्याम नगर में विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के तत्वावधान में आयोजित ‘प्रधानाचार्य कार्य योजना बैठक’ का समापन हुआ। समापन सत्र को संबोधित करते हुए क्षेत्रीय मंत्री डॉ. सौरभ मालवीय ने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था को भारतीय मूल्यों और स्वदेशी विचारधारा पर आधारित करना समय की आवश्यकता है। इसी के माध्यम से एक मजबूत और विकसित राष्ट्र का निर्माण किया जा सकता है।उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों का दायित्व केवल शिक्षा प्रदान करना नहीं, बल्कि समाज की अपेक्षाओं को पूरा करना भी है। विद्या भारती के कार्यों का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि देशभर में संस्था के हजारों विद्यालय संचालित हो रहे हैं, जिनमें बड़ी संख्या में शिक्षक और विद्यार्थी जुड़े हुए हैं। इसके पूर्व छात्र देश-विदेश में विभिन्न क्षेत्रों में योगदान दे रहे हैं।डॉ. मालवीय ने भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा की चर्चा करते हुए कहा कि लंबे समय तक पराधीन रहने के बावजूद देश की सांस्कृतिक पहचान मजबूत बनी रही है। उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका को गंभीरता से निभाएं। डॉ. मालवीय ने कहा कि किसी भी विद्यालय की छवि उसके प्रधानाचार्य से जुड़ी होती है, इसलिए उन्हें अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ करना चाहिए।कार्यक्रम का संचालन रत्नेश अवस्थी ने किया, जबकि अंत में संभाग निरीक्षक शिव करन ने सभी अतिथियों के प्रति आभार जताया। उत्कृष्ट प्रधानाचार्यों का हुआ सम्मान कार्यक्रम के दौरान बेहतर कार्य करने वाले प्रधानाचार्यों को अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इनमें राघवेन्द्र पाण्डेय, प्रियंका सिंह, गजेन्द्र सिंह, सोमेश, विक्रम बहादुर सिंह, अनिल कुमार मिश्र और नवीन कुमार अवस्थी शामिल रहे।