फर्रुखाबाद:(नगर संवाददाता) जनपद का प्रमुख थोक खाद्य सामग्री बाजार लिंजीगंज इन दिनों अतिक्रमण की गंभीर समस्या से जूझ रहा है। हालत यह है कि बाजार में दुकानें कम और सड़क पर सजा सामान अधिक दिखाई देता है। दुकानदारों द्वारा नाली से बाहर तक माल रखने के कारण सड़क का बड़ा हिस्सा घिर जाता है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि दोनों ओर आधी-आधी सड़क पर सामान सजाने से अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है। ठेला चालकों, तांगा चालकों और छोटे-बड़े वाहनों को निकलने में काफी मशक्कत करनी पड़ती है। कई बार जाम के चलते कहासुनी और धक्का-मुक्की तक की नौबत आ जाती है।
लिंजीगंज बाजार थाना कोतवाली और थाना कादरीगेट की सीमा में आता है। क्षेत्राधिकार को लेकर स्पष्टता न होने के कारण पुलिस द्वारा प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पा रही है। यही वजह है कि अतिक्रमण करने वालों के हौसले बुलंद हैं। करीब दो वर्ष पूर्व तत्कालीन सिटी मजिस्ट्रेट दीपाली भार्गव और अधिशासी अभियंता रवींद्र कुमार के नेतृत्व में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया था। उस समय व्यापारियों को सख्त चेतावनी दी गई थी कि नाली के बाहर सामान रखने पर चालान किया जाएगा। व्यापारियों ने नियमों का पालन करने का आश्वासन भी दिया था।
हालांकि अधिकारियों के तबादले के बाद स्थिति फिर से पहले जैसी हो गई है। कई व्यापारियों का कहना है कि प्रतिस्पर्धा के कारण वे भी मजबूरी में सड़क पर सामान रखते हैं, क्योंकि यदि वे ऐसा न करें तो ग्राहक पड़ोसी दुकानों की ओर रुख कर लेते हैं। सबसे अधिक अतिक्रमण लालसराय क्षेत्र से बाजार में प्रवेश करते ही देखने को मिलता है। विशेषकर गुड़ और चना के थोक विक्रेता सड़क तक माल फैला देते हैं। वहीं 6 नंबर गोदाम से बड़े ट्रकों के निकलने के दौरान स्थिति और गंभीर हो जाती है। उस समय पैदल निकलना भी चुनौती बन जाता है।
स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि होली पर्व से पूर्व प्रशासन विशेष अभियान चलाकर लिंजीगंज बाजार को अतिक्रमण मुक्त कराए, ताकि बाजार में सुचारू आवागमन बहाल हो सके। अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारी इस समस्या पर कब तक संज्ञान लेते हैं।
लिंजीगंज बाजार में अतिक्रमण से हाल बेहाल, राहगीरों का निकलना हुआ दूभर


