फर्रुखाबाद:(नगर संवाददाता) शहर के आवास विकास स्थित लोहिया मैदान में सकल हिन्दू सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें संविधान, सामाजिक व्यवस्था और सांस्कृतिक मुद्दों पर वक्ताओं ने अपने विचार रखे।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता अश्वनी उपाध्याय रहे। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि संविधान का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा अब तक पूर्ण रूप से लागू नहीं हो सका है। उन्होंने ऐतिहासिक संदर्भों का उल्लेख करते हुए कहा कि अतीत में कई धार्मिक स्थलों के नाम और स्वरूप बदले गए, जिन्हें पुनः पूर्व नामों से बहाल किए जाने की आवश्यकता है।
उन्होंने समाज में “प्रखर हिंदू” और “पाखंडी हिंदू” की अवधारणा का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रखर हिंदू राष्ट्र और समाजहित में मुखर होकर कार्य करता है। साथ ही उन्होंने विभिन्न मुद्दों—घर वापसी, स्थानों के पुराने नामों की बहाली के लिए कानून, समान शिक्षा व्यवस्था, नशाबंदी, तथा हिंदू समाज में व्याप्त जाति प्रथा समाप्त कर समान अवसर की व्यवस्था—पर चर्चा की। मुख्य अतिथि ने यह भी कहा कि समाज को अपने क्षेत्र के सांसदों और विधायकों पर इस विषय में जनदबाव बनाना चाहिए ताकि संसद और विधानसभा में इन मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जा सके।
कार्यक्रम में डॉ. सुबोध वर्मा, दीपिका राजपूत एवं हर्षवर्धन कटियार ने भी अपने विचार व्यक्त किए। सम्मेलन की अध्यक्षता दूर्वाषा ऋषि आश्रम के महंत ईश्वर दास महाराज ने की, जबकि संचालन धनंजय कुमार ने किया।
इस अवसर पर वीरेंद्र सिंह राठौर, जितेंद्र सिंह राठौर, लक्ष्मी कान्त मिश्रा हिन्दू महासभा के युवा प्रदेश अध्यक्ष विमलेश मिश्रा, सौरभ मिश्रा, डॉ. अविनाश पाण्डेय सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
सकल हिन्दू सम्मेलन, संविधान व सांस्कृतिक मुद्दों पर हुई चर्चा



