फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) पोषण, स्वास्थ्य शिक्षा, टीकाकरण, मातृ-शिशु देखभाल सहित केंद्र व राज्य सरकार की अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं को जमीनी स्तर पर सफलतापूर्वक क्रियान्वित करने के बावजूद आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को आज तक पूर्णकालिक सरकारी कर्मचारी का दर्जा नहीं मिल सका है। न ही उन्हें वैधानिक सामाजिक सुरक्षा एवं सम्मानजनक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जिसे लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं में गहरा आक्रोश है।
आंगनबाड़ी व सहायिका संघ की ओर से बताया गया कि इससे पूर्व भी कई बार अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सरकार को सौंपे जा चुके हैं, लेकिन आज तक कोई ठोस व सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया। संगठन ने यह भी स्मरण कराया कि सितंबर माह में मुख्यमंत्री द्वारा सार्वजनिक रूप से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में वृद्धि और उच्च गुणवत्ता के मोबाइल फोन उपलब्ध कराए जाने की घोषणा की गई थी, लेकिन यह घोषणाएं अब तक केवल कागजों और वक्तव्यों तक ही सीमित हैं।
इन परिस्थितियों से बाध्य होकर 29 जनवरी 2026 को उत्तर प्रदेश के समस्त जिला मुख्यालयों पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं बड़ी संख्या में एकत्र होकर जिलाधिकारी के माध्यम से सरकार को संबोधित ज्ञापन सौंपेंगी। संगठन ने स्पष्ट किया कि यह कार्यक्रम पूर्णतः शांतिपूर्ण, अनुशासित एवं लोकतांत्रिक तरीके से आयोजित किया जाएगा, जिसकी पूर्व सूचना सर्कुलर के माध्यम से संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को दे दी गई है।
आंगनबाड़ी संघ ने प्रशासन से मांग की है कि उनकी वास्तविक समस्याओं और मांगों को गंभीरता से लेते हुए शासन स्तर तक प्रभावी रूप से प्रेषित किया जाए। संगठन की ओर से यह मांगें भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार के समक्ष पुनः रखी गई| आंगनबाड़ी व सहायिका संघ की जिलाध्यक्ष प्रीति गुप्ता, नीरज गंगवार, सुलेखा गंगवार, रचना देवी, साधना प्रजापति सहित बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं उपस्थित रहीं।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन



