फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) यूजीसी नियमावली के नियम 3(C) के विरोध में बार एसोसिएशन फतेहगढ़ एवं अधिवक्ता संघ फतेहगढ़ के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपते हुए उक्त नियम को असंवैधानिक बताते हुए समाप्त करने की मांग की।
अधिवक्ताओं ने कहा कि यूजीसी नियमावली 2026 का नियम 3(C) एकतरफा एवं पक्षपातपूर्ण है, जिसे उन्होंने “काला कानून” करार दिया। चेतावनी दी गई कि यदि यह नियम वापस नहीं लिया गया, तो सभी अधिवक्ता कलेक्ट्रेट परिसर में अनशन करेंगे तथा आवश्यकता पड़ने पर भूख हड़ताल भी की जाएगी, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
ज्ञापन में बताया गया कि नियम 3(C) जातिगत भेदभाव को केवल अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और ओबीसी वर्ग तक सीमित करता है, जबकि सामान्य वर्ग को जातिगत भेदभाव की शिकायत का अधिकार नहीं देता। इससे सवर्ण समाज के साथ भेदभाव किया जा रहा है। अधिवक्ताओं ने यह भी आपत्ति जताई कि नियम में झूठी या गलत शिकायत दर्ज होने पर किसी प्रकार की सजा का प्रावधान नहीं है, जबकि बीएनएस जैसे कानून पहले से मौजूद हैं। इससे छात्रों एवं शिक्षकों के भविष्य और कैरियर पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव पड़ने की आशंका है।
वक्ताओं ने कहा कि यह नियम आरक्षण की तरह एकतरफा नीति है, जो सामाजिक समरसता को नुकसान पहुंचाता है तथा संविधान के मूल ढांचे के भी खिलाफ है। साथ ही यूजीसी द्वारा संसद से अधिकृत हुए बिना कानून की तरह नियम लागू करना समानता के सिद्धांत का उल्लंघन है।
अधिवक्ताओं का आरोप है कि यह नियम सामान्य वर्ग को डिफॉल्ट अपराधी के रूप में प्रस्तुत करता है, जिससे संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 16 और 21 के तहत प्रदत्त मौलिक अधिकारों का स्पष्ट उल्लंघन होता है। उन्होंने कहा कि नियम के कठोर प्रावधानों के कारण लाखों युवाओं में भय व्याप्त है और इसके दुरुपयोग की आशंका भी बढ़ गई है।
इस अवसर पर बार एसोसिएशन अध्यक्ष शशि भूषण दीक्षित, अधिवक्ता संघ अध्यक्ष श्री किशोर मिश्रा, सुधीर चंद शर्मा, दिवाकर द्विवेदी, हेमंत दुबे, दीपक दुबे, बृजेश सिंह चौहान, विपिन कुमार गुप्ता, शिवम शुक्ला, अखिलेश कुमार शुक्ला, अभिषेक गुप्ता, विनीत कुमार दीक्षित, राजेश कुमार अवस्थी, चंद्रेश पांडेय, अमित कुमार, ओमवीर सिंह राठौड़, उपेंद्र कुमार पाठक, अभिषेक पांडे, हरिश्चंद्र तिवारी, शेषनारायण शुक्ला सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।
यूजीसी नियम 3(C) के विरोध में अधिवक्ताओं का प्रदर्शन, कलेक्ट्रेट घेरा



