फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) बसंत पंचमी के पावन अवसर पर मां सरस्वती महामृत्युंजय समाज सेवा समिति के बैनर तले आयोजित सामूहिक विवाह समारोह सामाजिक समरसता और संस्कारों का जीवंत उदाहरण बना। समारोह का आयोजन मां सरस्वती के पुजारी व मुख्य संयोजक राजकिशोर शुक्ला के नेतृत्व में भव्यता और श्रद्धा के साथ संपन्न हुआ, जिसमें कुल छब्बीस जोड़ों ने वैवाहिक जीवन में प्रवेश किया।
विवाह समारोह की शुरुआत पंडा बाग मंदिर से हुई, जहां से सभी दूल्हे घोड़ी पर सवार होकर पारंपरिक बारात के रूप में निकले। रास्ते में मठिया देवी मंदिर में दोपहर के समय पुजारी रामकिशोर शुक्ला ने सभी दूल्हों का विधिवत अभिनंदन किया। इसके पश्चात बारात गुड़गांव देवी मंदिर पहुंची, जहां समिति अध्यक्ष पवन शुक्ला एवं मां सरस्वती के भक्तों द्वारा बारात का भव्य स्वागत किया गया।
मंदिर प्रांगण में बने मंच पर सभी छब्बीस वर-वधुओं ने एक-दूसरे को जयमाला पहनाकर अपने जीवनसाथी के रूप में स्वीकार किया। तत्पश्चात निर्धारित मंडपों में विद्वान पंडितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान से सभी विवाह संपन्न कराए गए। समारोह के दौरान घराती और बारातियों के लिए सामूहिक भोज की भी सुंदर व्यवस्था रही।
सायंकाल भावुक माहौल में सभी नवविवाहित जोड़ों को नई गृहस्थी की शुरुआत हेतु आवश्यक गृहस्थी सामग्री व दहेज प्रदान कर विदा किया गया। आयोजन में सहयोग, अनुशासन और सेवा भाव देखते ही बन रहा था।
सामूहिक विवाह में जिन वर-वधुओं का विवाह संपन्न हुआ, उनमें प्रमुख रूप से- अरुण कुमार-रिया सागर, विशाल-अंशिका, पवन-दिव्या, अमन-दिव्या, रमाकांत-भाग्यश्री, सौरभ-सलोनी, किशन-सलोनी, कृष्णा-सोनिया, अनुज-हेमा, शोभित-प्रीति, राजकुमार-मुस्कान, अभय-उपासना, अनिकेत-खुशबू, आदित्य-करिश्मा, दुर्वेश-रुचि, बलवीर-शिवानी, सचिन-मोहिनी, गौरव-रानी, अशोक कुमार-राधा, सत्यम-काजल, जदुवीर-खुशबू, रोहित-अन्नू, शिवेंद्र कुमार-काजल, अनिल-रूबी, अर्जुन-गुंजा देवी तथा राज-तनु शामिल रहे।
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