कवियों ने काव्य पाठ से हिंदी व साहित्य के प्रति संकल्प दोहराया

फर्रुखाबाद:(नगर संवाददाता) विश्व हिंदी दिवस के अवसर पर आध्यात्मिक चिंतक एवं वरिष्ठ कवि स्वर्गीय सत्यनारायण मिश्रा ‘नारायण’ की जयंती पर उनके पुराने कोठा पार्चा स्थित निवास पर एक गरिमामय कवि गोष्ठी का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय स्तर के कवि डॉ. शिव ओम अंबर के निर्देशन में आयोजित इस गोष्ठी में स्थानीय एवं बाहर से आए कवियों ने राष्ट्रभाषा हिंदी को नमन करते हुए अपने काव्य पाठ के माध्यम से साहित्य जगत की जाग्रत चेतना कविवर नारायण को स्मरण किया।
स्व. नारायण जी के ज्येष्ठ पुत्र साहित्यिक चिंतक एवं समाजसेवी योगेश नारायण मिश्र के संयोजन में यह साहित्यिक अनुष्ठान अत्यंत आत्मीय और पारिवारिक वातावरण में संपन्न हुआ। कवि गोष्ठी की अध्यक्षता वरिष्ठ गीतकार रामशंकर अवस्थी ‘अबोध’ ने की, जबकि संचालन उपकार मणि उपकार ने किया। विशिष्ट कवि के रूप में पाली (हरदोई) से आए गीतकार सुखदेव पाण्डेय ‘सरल’ ने अपने मधुर गीतों व नए प्रतीकों से सजे मुक्तकों के माध्यम से माता-पिता को नमन किया, जिसे श्रोताओं ने खूब सराहा।
कवि गोष्ठी में वरिष्ठ कवयित्री डॉ. गरिमा पाण्डेय, दिनेश अवस्थी, दीप संस्था के अध्यक्ष निमिष टंडन, योगेश नारायण मिश्र, उपकार मणि उपकार सहित अध्यक्ष कवि रामशंकर अवस्थी ‘अबोध’ ने भी काव्य पाठ किया। इस अवसर पर डॉ. शिव ओम अंबर ने कहा कि हिंदी विश्व भाषा बनने की ओर अग्रसर है और विश्व हिंदी दिवस पर हम सभी को यह संकल्प लेना चाहिए कि हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिए निरंतर प्रयास करते रहेंगे। उन्होंने छोटे-छोटे साहित्यिक आयोजनों की उपयोगिता पर बल देते हुए रचनाकारों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन दिनेश मिश्रा ‘दिन्नू’ ने किया। इस अवसर पर व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष सदानंद शुक्ला, इंद्रा पाण्डेय, विजय मिश्रा, मनोज मिश्रा, तन्मय मिश्रा, अभय मिश्रा सहित अनेक आदि रहे|