सांसद खेलकूद प्रतियोगिता का समापन हंगामे की भेंट चढ़ा

फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) फतेहगढ़ स्टेडियम में गुरुवार को आयोजित सांसद खेलकूद प्रतियोगिता का समापन उस समय हंगामे में बदल गया, जब कुछ विजयी खिलाड़ियों ने नकद पुरस्कार न दिए जाने को लेकर विरोध शुरू कर दिया। एक ओर मंच से विजेताओं को प्रशस्ति पत्र, मेडल और ट्रैक सूट वितरित किए जा रहे थे, वहीं दूसरी ओर खिलाड़ी हंगामा करते नजर आए।
समापन समारोह में जिले की पांचों विधानसभा क्षेत्रों से आए विजयी प्रतिभागियों को सम्मानित किया जा रहा था। इसी दौरान अलीगंज विधानसभा क्षेत्र से आई कबड्डी की विजेता टीम सहित कुछ अन्य खिलाड़ियों ने नकद पुरस्कार की मांग शुरू कर दी। खिलाड़ियों का कहना था कि प्रतियोगिता के दौरान उन्हें नकद पुरस्कार दिए जाने की बात कही गई थी और अन्य जनपदों में भी इस तरह के पुरस्कार दिए जा रहे हैं।
सांसद से शिकायत, फिर बढ़ा विवाद
खिलाड़ी अपनी मांग को लेकर सांसद मुकेश राजपूत के पास पहुंचे, लेकिन वहां से हटाए जाने के बाद उन्होंने पंडाल के दूसरी ओर जाकर जमकर हंगामा किया। देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया।
क्रीड़ाधिकारी से धक्का-मुक्की, पुलिस बुलानी पड़ी
हंगामे के दौरान खिलाड़ियों की जिला क्रीड़ा अधिकारी से धक्का-मुक्की हो गई। मामला बढ़ने पर फतेहगढ़ कोतवाली पुलिस को मौके पर बुलाना पड़ा। पुलिस तीन खिलाड़ियों को अपने साथ ले गई। इसी दौरान स्टेडियम परिसर में एक कुर्सी टूट गई। आरोप है कि फतेहगढ़ कोतवाल ने एक खिलाड़ी को थप्पड़ भी मार दिया।
प्रशस्ति पत्र और ट्रैक सूट लौटाने पर अड़े खिलाड़ी
अलीगंज विधानसभा क्षेत्र के कबड्डी खिलाड़ियों ने प्रशस्ति पत्र और ट्रैक सूट लेने से इनकार कर दिया। उन्होंने ट्रैक सूट के ऊपर ही प्रशस्ति पत्र रख दिए। महिला पहलवान खिलाड़ियों का कहना था कि रेफरी द्वारा नकद पुरस्कार देने की बात कही गई थी। जब रेफरी का नाम पूछा गया तो खिलाड़ियों ने उसका नाम भी बताया।
नकद इनाम की कोई व्यवस्था नहीं थी : सांसद
सांसद मुकेश राजपूत ने खिलाड़ियों की बात सुनने के बाद स्पष्ट किया कि प्रतियोगिता में नकद पुरस्कार की कोई व्यवस्था नहीं की गई थी। उन्होंने बताया कि विजेताओं को ट्रॉफी, मेडल, प्रशस्ति पत्र, ट्रैक सूट और टी-शर्ट दिए गए हैं। सांसद ने कहा कि अलीगंज विधानसभा के खिलाड़ियों ने सभी खेलों में अच्छा प्रदर्शन किया है और वे बधाई के पात्र हैं, लेकिन अराजकता करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और किसी को छोड़ा नहीं जाएगा। इस दौरान एक खिलाड़ी द्वारा वीडियो बनाए जाने की बात सामने आई, जिसे बाद में उसके मोबाइल से डिलीट कराया गया।