फर्रुखाबाद:(जहानगंज संवाददाता) थाना क्षेत्र के गांव कोरीखेड़ा निवासी चंद्र प्रकाश गुप्ता के 10 वर्षीय पुत्र आशुतोष की नृशंस हत्या का मामला एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी पुलिस के लिए अब तक एक पहेली बना हुआ है। 14 दिसंबर को मासूम का शव गांव के बाहर स्थित आलू के खेत में मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी। घटना के बाद से परिजन सदमे में हैं और उनका रो-रोकर बुरा हाल है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी हरिश्चंद्र ने थाना पुलिस को तीन दिन के भीतर हत्याकांड का खुलासा करने के निर्देश दिए थे, लेकिन निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बावजूद पुलिस किसी ठोस नतीजे तक नहीं पहुंच सकी है।
बताया गया कि आशुतोष खेत से घर लौटते समय अचानक लापता हो गया था। काफी देर तक जब वह घर नहीं पहुंचा तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। कुछ दिनों बाद गांव के बाहर आलू के खेत में उसका शव मिलने से हड़कंप मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस द्वारा गांव और आसपास के इलाकों में पूछताछ की गई तथा कई संदिग्धों से भी जानकारी जुटाई गई। इसके साथ ही सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल कॉल डिटेल खंगालने की बात कही जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लग सका है। जांच की गति को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। इधर, हत्याकांड का खुलासा न होने से परिजनों के साथ-साथ ग्रामीणों में भी भारी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि इतने दिनों बाद भी पुलिस का खाली हाथ रहना बेहद चिंताजनक है। ग्रामीणों ने जल्द से जल्द हत्यारों की गिरफ्तारी कर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है। थानाध्यक्ष राजेश राय ने बताया कि पुलिस लगातार प्रयास कर रही है। अभी तक कोई ठोस सुराग नहीं मिला है, लेकिन जांच विभिन्न बिंदुओं पर जारी है और जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।
एक सप्ताह बाद भी आशुतोष हत्याकांड अनसुलझा, पुलिस के हाथ खाली



