फर्रुखाबाद:(दीपक शुक्ला) बीते लगभग 33 साल पूर्व कोतवाली मोहम्मदाबाद के ग्राम लुखरियाई में 30 अक्टूबर 1992 की शाम पुलिसकर्मियों पर किए गए हमले व बंधक बनाने की सनसनीखेज वारदात में न्यायालय ने सभी 10 आरोपियों को दोषी करार दे दिया है। कुल 18 आरोपी थे जिसमे 8 आरोपियों की मुकदमा विचारण के दौरान मौत हो गयी|
दरअसल तत्कालीन सिपाही हरिकिशोर व सिपाही अशोक कुमार चौकी सिढऊपुर पर तैनात थे। उसी दौरान लाला गुप्ता चौकी पहुंचा व बताया कि ग्राम चकरपट्टी में झब्बू सिंह की सुरक्षा में लगे सिपाहियों तथा उसके परिजनों को कुछ ग्रामीणों ने पकड़ लिया है। सूचना पर दोनों कांस्टेबल टॉर्च, सरकारी राइफलें (राइफल नं. 3908 व 567666L) व कारतूसों के साथ मौके पर पहुंचे और समझा-बुझाकर सभी लोगों को छुड़ाया। इसके बाद पुलिसकर्मी व ग्रामीण वापस लौट रहे थे। करीब रात 8 बजे जब पुलिस टीम लुखरियाई गांव के पास पहुंची तो ओमप्रकाश, रामबाबू, रामदीन, सौदान सिंह, बादाम सिंह,तुलाराम, वेदराम, रामचन्द्र, सियाराम, रामरतन, रुकमंगल, रामऔतार, अमर सिंह, रामवीर, देशराज, बरजोर, हरीशचंद व रामनरेश आदि लाठियाँ, रायफल, बंदूक व कट्टों से लैस होकर वहां पहुंच गए।हमलावरों ने गाली-गलौज करते हुए पुलिसकर्मियों को घेर लिया और भारी मारपीट शुरू कर दी। उनकी सरकारी रायफलें, सभी कारतूस, टॉर्चें और हाथ की घड़ियाँ छीन ली गईं। कांस्टेबल हरिकिशोर और मुरलीधर को पकड़कर ओमप्रकाश की बैठक में बंधक बनाकर बंद कर दिया गया। घटनास्थल से कांस्टेबल शेषकुमार तिवारी अपनी राइफल सहित, तथा अशोक कुमार, रामपाल, गुड्डू और राजाराम किसी तरह भागकर बच निकले। सूचना मिलने पर मोहम्मदाबाद पुलिस फोर्स ने मौके पर पहुंचकर दोनों बंदी पुलिसकर्मियों को छुड़ाया। हमले में हरिकिशोर को गंभीर चोटें आईं और वर्दी भी फाड़ दी गई थी। मामले में आरोपियों पर तत्कालीन सिपाही हरीकिशोर नें डकैती, सामूहिक डकैती, लोक सेवक को चोट पंहुचाना, सरकारी कार्य में बाधा, अपमानित करने आदि के मामले में मुकदमा दर्ज किया गया था| पुलिस नें सभी 18 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में मुकदमा दर्ज किया गया था| सुनवाई के दौरान 8 आरोपियों की मौत हो चुकी है, न्यायालय विशेष न्यायाधीश (दस्यु प्रभावी क्षेत्र) शैलेन्द्र सचान नें अभियुक्त रामबाबू, रामदीन, बादाम सिंह, रामरतन, रुकमंगल, अमर सिंह, रामवीर, देशराज, बरजोर व हरीशचंद को दोष सिद्ध किया गया है| सजा पर सुनवाई के लिए 28 नवंबर की तिथि तय की गयी है| आरोपियों की धारा 397 आईपीसी में दोषमुक्त किया है|



