अग्निबाण लगते ही धराशायी हुआ लंकापति रावण

फर्रुखाबाद:(राजेपुर संवाददाता) अन्याय, अत्याचार, अनीति व अहंकार का प्रतीक रावण मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के हाथों मारा गया। लम्बे युद्ध के बाद जैसे ही भगवान राम ने विभीषण के इशारे पर रावण की नाभि में तीर मारा, रावण धराशायी होकर गिर गया।
राजेपुर कस्बे में हनुमान मंदिर रामलीला मैदान में मंचन में दिखाया गया कि अशोक वाटिका में बैठी माता सीता युद्ध के परिणाम को लेकर चिंतित हैं। वहीं वानरों व राक्षसों की सेना में भयंकर युद्ध होने लगा। मेघनाद द्वारा मारी गई शक्ति से लक्ष्मण मूर्छित हो जाते हैं। हनुमानजी संजीवनी बूटी लेने द्रोणागिरी पर्वत पर गए। वहां बूटी की पहचान न कर पाने पर पूरा पर्वत ही उठा लाए। सुषेण वैद्य ने संजीवनी बूटी लक्ष्मण को पिलाई। इसके बाद लक्ष्मण उठ खड़े हुए। इसके बाद मेघनाद को पराजित कर दिया। इसके बाद श्रीराम व रावण का भीषण युद्ध हुआ। राम ने अग्निबाण मारकर रावण का वध किया। जय श्रीराम के जयकारों से पूरा रामलीला मैदान गूंजने लगता है। राम-लक्ष्मण व रावण का युद्ध चला| रामलीला कमेटी अध्यक्ष से सुरेंद्र सिंह फौजी, उमेश सिंह, नितिन अग्निहोत्री, शिब्बू कुमार, गौरव सिंह, अजय कुमार, पंकज रहे| राजेपुर थानाध्यक्ष सुदेश कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर डटे रहे|