फर्रुखाबाद:(नगर संवाददाता) शहर के आवास विकास स्थित कटियार हॉस्पिटल में इलाज के दौरान एक साल की बच्ची की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गयी। परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही, गलत इंजेक्शन लगाने और दुर्व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए हैं।
थाना कादरीगेट क्षेत्र निवासी अनुराग दीक्षित ने बताया कि उन्होंने अपनी एक वर्षीय पुत्री हृदया को 9 अक्टूबर की सुबह करीब 11:10 बजे कटियार हॉस्पिटल में दवायी लेने आए थे। डॉक्टर ने बच्ची को अस्पताल में भर्ती कर लिया। परिजनों के अनुसार बच्ची को केवल बुखार और सामान्य पेट दर्द की समस्या थी। इलाज का जिम्मा डॉक्टर शिवाशीष उपाध्याय व डॉ. भानु प्रताप कटियार के पास था। दादी मंजू दीक्षित का आरोप है कि डॉक्टरों ने बिना जांच के गलत इंजेक्शन लगा दिया, जिससे बच्ची की हालत बिगड़ गई। उन्होंने बताया कि स्टाफ व डॉक्टरों से जब इलाज के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार किया। इलाज में लापरवाही बरतने के बाद शुक्रवार शाम बच्ची की मौत हो गई।
बच्ची की मौत के बाद अस्पताल प्रशासन ने रिपोर्ट न कराने और मामले को दबाने का प्रयास किया। सूचना पर पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की गई है। मृत बच्ची के पिता अनुराग दीक्षित ने बताया कि परिजनों ने संबंधित डॉक्टरों और स्टाफ के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। चिकित्सक भानू कटियार ने बताया कि जब तक बच्ची अस्पताल में रही। तब तक बच्ची की तबियत में धीरे-धीरे सुधार हो रहा था। परिजन जल्दी बच्ची को सुधार की नाटक दूसरे अस्पताल ले गए। वहां बच्ची की हालत बिगड़ गई। एक बाद ये लोग फिर से अस्पताल ले आए। तब तक बच्ची की मौत हो चुकी थी। पुलिस का कहना है कि तहरीर मिली है। मामले की जांच की जा रही है, रिपोर्ट दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। कादरीगेट थाना प्रभारी राजेश कुमार ने बताया तहरीर मिली है । मौके पर जांच पड़ताल चल रही है। जांच के बाद कारवाई की जाएगी।
डॉक्टर नहीं डायरेक्टर चला रहे अस्पताल
शहर के गलत इलाज से बच्ची की मौत के बाद हंगामा खड़ा हो गया। शनिवार को बड़ी संख्या में अधिवक्ता और स्थानीय लोग अस्पताल पहुंचे और प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए।
मौके पर पहुंचे अधिवक्ताओं ने कहा कि अस्पताल डॉक्टर नहीं, बल्कि डायरेक्टर के इशारे पर चल रहे हैं। उनका आरोप था कि जनपद में सैकड़ों अस्पताल ऐसे हैं जो बिना मानक पूरे किए संचालित हो रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इन अस्पतालों की अनदेखी कर रहे हैं और आंखें मूंदे बैठे हैं।बच्ची की मौत को लेकर परिजनों और अस्पताल प्रबंधन के बीच तीखी बहस हुई। मौके पर पुलिस भी पहुंच गई और स्थिति को नियंत्रित किया। लोगों ने कहा कि अगर स्वास्थ्य विभाग ने समय रहते अमानक अस्पतालों पर कार्रवाई की होती तो ऐसे हादसे टाले जा सकते थे। परिजनों ने अस्पताल संचालक और संबंधित डॉक्टरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। सीएमओ अवनींद्र कुमार ने बताया उन्हें मामले की जानकारी नहीं है। जानकारी होने पर जाँच करायी जायेगी|
डॉक्टर की लापरवाही से बच्ची की मौत का आरोप, परिजनों का हंगामा



