आपातकाल भारतीय लोकतंत्र का काला अध्याय: जयवीर सिंह

फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) बुधवार आपातकाल दिवस के पर जनपद पंहुचे उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री व जिले के प्रभारी मंत्री ठाकुर जयवीर सिंह ने आवास विकास स्थित भाजपा कार्यालय में पंहुचे| उन्होंने कहा की आपातकाल भारतीय लोकतंत्र का काला अध्याय है|
फतेहगढ़ स्थित विकास भवन के कार्यालय में आपातकाल से संबंधित लगाई गई प्रदर्शनी का उद्घाटन एवं अवलोकन करने का कार्य किया। फतेहगढ़ स्थित जेजेआर पैलेस में आपातकाल के संदर्भ में आयोजित सेमिनार को संबोधित किया। प्रभारी मंत्री ठाकुर जयवीर सिंह ने कहा कांग्रेस की सरकार द्वारा 1975 में देश पर लगाए गए आपातकाल का यह 50 वां वर्ष है, आपातकाल भारतीय लोकतंत्र का वह काला अध्याय है, जिसने लोकतंत्र के सभी मजबूत स्तंभों को कुचलने का प्रयास किया था। भारत के इतिहास में यह दिन कभी भुलाया नहीं जा सकता है। तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने एक परिवार विशेष को बचाने के लिए भारत के लोकतंत्र को कमजोर करने का कार्य किया था| कांग्रेस पार्टी ने इस काले अध्याय में न केवल लोकतांत्रिक संस्थाओं को रौंदा बल्कि प्रेस की स्वतंत्रता न्यायपालिका की निष्पक्षता और नागरिकों के मौलिक अधिकारों को कुचलकर यह स्पष्ट कर दिया था, कि जब-जब उनकी सत्ता संकट में होती है वे संविधान और देश की आत्मा को तक पर रखने से पीछे नहीं हटते हैं| आज जो राजनीतिक दल उसे वक्त इंदिरा गांधी की सरकार के खिलाफ थे संविधान की प्रशन हाथ में लेकर संविधान की बड़ी-बड़ी बातें कर रहे हैं| वही राजनीतिक दल उसी कांग्रेस के साथ गलवाहिया कर रहे हैं। 1975 के आपातकाल के बाद 1977 में हुए देश के आम चुनाव में जो लोग इंडिया इज इंदिरा- इंदिरा Kashvi Aesthetics Farrukhabadइज इंडिया का विरोध कर रहे थे वहीं राजनीतिक दल आज कांग्रेस पार्टी के इंडिया गठबंधन में शामिल है। देश में अगर किसी ने लोकतंत्र को मजबूत करने का कार्य किया तो वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार ने किया है 1977 में देश की जनता ने कांग्रेस को उसके लगाए गए आपातकाल का दंड देने का कार्य किया लेकिन कांग्रेस पार्टी को कभी भी आपातकाल के निर्णय पर पछतावा नहीं होता है क्योंकि कांग्रेस पार्टी लोकतंत्र में विश्वास नहीं करती। देश में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी अपनी दादी के काले कारनामों को भूल गए जिन्होंने संविधान की हत्या करने का कार्य किया आज वही राहुल गांधी जब में संविधान की छोटी सी पुस्तक लेकर लोगों को भ्रमित करने का कार्य कर रहे हैं। ऐसे लोगों से सावधान होने की आवश्यकता है जिन्होंने समय पर भारतीय लोकतंत्र को तार- तार करने का कार्य किया।
सांसद मुकेश राजपूत ने कहा भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, लेकिन 1975 में निर्दयी और कूर सरकार ने भारतीय लोकतंत्र को बदनाम कर दिया देश पर आपातकाल का निर्णय लेकर भारतीय लोकतंत्र के चारों स्तंभों पर कुतरघाट किया गया| लोकतंत्र की रक्षा करने वाले लोगों को घरों से उठा उठा कर जेलो में ठूस दिया गया। पत्रकारिता से संबंधित लोगों को कलम चलाने से रोक दिया गया यहां तक की राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया। एक प्रधानमंत्री ने अपनी सत्ता को बचाने के लिए पूरे लोकतंत्र का गला घोट दिया। कार्यक्रम का संचालन जिला उपाध्यक्ष वीरेंद्र कठेरिया ने किया
प्रभारी मंत्री ठाकुर जयवीर सिंह ,सांसद मुकेश राजपूत, जिलाध्यक्ष फतेहचंद वर्मा, लोकतंत्र सेनानी जगदीश चंद्र पांडेय, कैलाश चंद्र गंगवार, राजेंद्र कुमार त्रिपाठी, सतीश चंद्र कटिहार, राकेश कुमार, कटियार, विजय वर्मा आदि को शाल और माला पहनकर सम्मानित किया।
सदर विधायक मेजर सुनील दत्त द्विवेदी, भोजपुरी विधायक नागेंद्र सिंह राठौर, पूर्व विधायक कुलदीप गंगवार, पूर्व विधान परिषद सदस्य मनोज अग्रवाल, कायमगंज विधायक डॉक्टर सुरभि, दुग्ध संघ अध्यक्ष सत्यपाल सिंह, पूर्व जिला अध्यक्ष डॉ भूदेव सिंह राजपूत, पूर्व जिला अध्यक्ष रूपेश गुप्ता, वरिष्ठ नेता डॉ रजनी सरीन, जिला महामंत्री जीएस राठौर, जिला महामंत्री हिमांशु गुप्ता, जिला कोषाध्यक्ष संजीव गुप्ता, शिवांग रस्तोगी, जिला मंत्री अभिषेक बाथम आदि रहे |