लखनऊ:उत्तर प्रदेश पुलिस का अगला मुखिया कौन होगा? यह सवाल इस समय राज्य की नौकरशाही से लेकर राजनीतिक गलियारों तक चर्चा का विषय बना हुआ है|वर्तमान में कार्यवाहक डीजीपी प्रशांत कुमार 31 मई 2025 को रिटायर हो रहे हैं| प्रशांत कुमार लंबे समय से प्रदेश की कानून-व्यवस्था को संभालते रहे है|
राज्य सरकार पिछले वर्ष डीजीपी के चयन के लिए पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश (उत्तर प्रदेश के पुलिस बल प्रमुख) चयन एवं नियुक्ति नियमावली 2024 को मंजूरी जरूर दी थी,पर उसके तहत अब तक समिति का गठन भी नहीं हो सका है। इन परिस्थितियों में प्रदेश में लगातार पांचवीं बार कार्यवाहक डीजीपी बनाए जाने की ही संभावना अधिक नजर आ रही है।प्रशांत कुमार के सेवा विस्तार की भी अटकलें लगाई जा रही हैं। वर्ष 2017 में भाजपा सरकार के गठन के बाद नियुक्त किए गए पहले डीजीपी सुलखान सिंह को सेवा विस्तार प्रदान किया जा चुका है।
1990 बैच के आईपीएस अधिकारी प्रशांत कुमार के अलावा डीजी जेल के पद पर तैनात इसी बैच के आईपीएस अधिकारी पीवी रामाशास्त्री व डीजी टेलीकॉम डॉ. संजय एम. तरडे का सेवाकाल भी 31 मई को पूरा हो जाएगा।प्रदेश के अगले डीजीपी के रूप में 1991 बैच के आईपीएस अधिकारी केंद्र में डीजी एसपीजी के पद पर तैनात आलोक शर्मा व डीजी विजिलेंस राजीव कृष्ण को भी प्रबल दावेदार माना जा रहा है।
उत्तर प्रदेश पुलिस को अगले मुखिया की तलाश!
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