फर्रुखाबाद:(नगर संवाददाता) भगवान विष्णु के अवतार कहे जाने वाले भगवान परशुराम जन्मोत्सव के मौके पर ब्राह्मण समाज सेवा समिति के बैनर तले महावीर गंज स्थित ब्राह्मण धर्मशाला में हवन यज्ञ एवं गोष्ठी का आयोजन हुआ बड़ी तादाद में ब्रह्मण समाज के लोगों ने हवन में आहुतियां दी और भगवान परशुराम के बताये हुए रास्ते पर चलने का संकल्प दोहराया।
गोष्ठी में कहां गया कि भगवान परशुराम व चाणक्य की आज भी आवश्यक है। चाणक्य नीति और परशुराम का उत्साह मिलकर काम करेंगे तो राष्ट्रहित में होगा। गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए संगठन के अध्यक्ष रमेश चंद्र त्रिपाठी ने कहा कि राष्ट्र पर जब भी कोई विपत्ति आती है, तो सर्वप्रथम ब्रह्मण समाज आन्दोलित होता है, क्योंकि वह परशुराम का वंशज हैं, वह चाणक्य का वंशज है, मंगल पांडेय का वंशज है, वह चंद्रशेखर आजाद का वंशज है वह अटल बिहारी वाजपेयी का वंशज है, जिन्होंने राष्ट्र के लिए सर्वस्व निछावर कर दिया। उन्होंने कहा कि भ्रांतियां फैलाई गई कि भगवान परशुराम क्षत्रिय समाज के विरोधी थे बल्कि सत्य यह है कि परशुराम आतंकवादियों के विरोधी थे उन्होंने अताई सहस्त्रबाहु से सत्ता छीन कर महर्षि कश्यप के माध्यम से पुनः सत्ता क्षत्रियों को ही समर्पित कर दी उन्हें सत्ता का मोह नहीं था। 
अताताई रावण जो कि सर्वकालिक उच्च ब्राह्मण कुल में हुए उनका का वध क्षत्रिय वंश के भगवान श्री राम द्वारा कराया गया कहने का मतलब यह कि विरोध अत्याचार का है किसी समाज धर्म या जाति विशेष का नहीं। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्तर के कवि डॉ. संतोष पांडेय अपनी कविताओं के माध्यम से राष्ट्र की वर्तमान परिस्थितियों में परशुराम को प्रासंगिक बताया| उन्होंने कहा कि संगठन के रूप में परशुराम 
बनकर देश की सीमाओं की रक्षा करने की जरूरत है। इससे पूर्व सुबह से हवन हुआ पंडित शांति स्वरूप त्रिपाठी ने हवन कराया ब्राह्मण समाज सेवा समिति के अध्यक्ष रमेश चंद्र त्रिपाठी, महामंत्री लालाराम दुबे कोषाध्यक्ष गिरीश चंद्र दुबे व अन्य लोगों ने आहुतियां दी| कार्यक्रम का संचालन हिंदूवादी नेता सौरभ मिश्रा ने किया। अभय शंकर द्विवेदी, सभासद विपुल शंकर दुबे, कैलाश मिश्रा, दीपक सारस्वत, ज्योति स्वरूप अग्निहोत्री, कृष्णकांत त्रिपाठी अक्षर, उपकार मणि मिश्र “उपकार ” कार्यक्रम प्रभारी आदित्य दीक्षित , पहलवान मिश्रा, सुरेंद्र पांडेय मौजूद रहे।




भगवान परशुराम के रास्ते पर चलने का लिया संकल्प



