फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) रामानन्द बालिका इंटर कालेज की बर्खास्त प्रधानाचार्य व जिला विद्यालय निरीक्षक से हाईकोर्ट नें जबाब तलब किया है| इसके साथ ही निलंबित को बरकरार रखा गयाहै|
दरअसल स्वामी रामानन्द बालिका इण्टर कालेज रेलवे रोड के प्रबन्धक विनीत अग्निहोत्री नें प्रीती चतुर्वेदी निवासी अवस्थी स्पार्टस लोहाई रोड के खिलाफ मुकदमा 21 मई 2024 दर्ज कराया था| जिसमे कहा कि 
प्रीती चतुर्वेदी साल 2016 से विद्यालय की कार्यवाहक प्रधानाचार्य थीं। वह लगातार वित्तीय अनिमियतताये शिक्षणेत्तर कर्मचारियों से अशिष्ट व्यवहार करती चली आ रही थीं और उन पर अनुशासनहीनता के भी काफी आरोप जब सामने आये तो 21 अप्रैल 2022 को प्रबन्ध समिति द्वारा लिये गये निर्णय के क्रम में उनको छात्र निधि के दुरुपयोग करने व छात्राओं से अभद्र भाषा के उपयोग के आरोपों के कारण निलम्बित कर दिया गया और पत्रावली अनुमोदन के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक के कार्यालय में भेजी दी गयी। जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा बर्खास्त प्रधानाचार्य प्रीती चतुर्वेदी के लगाये गये आरोपों को सही पाते हुए उनके निलंबन का अनुमोदन किया गया था। जिसके बाद निलंबित प्रधानाचार्य को आरोप पत्र प्रेषित किया 
गया| उनके द्वारा दिये गये जबावों में कोई बल न होने के कारण जांच समिति द्वारा जांचोपरान्त उन पर लगे आरोपों की पुष्टि की गयी। प्रबन्ध समिति द्वारा दी गयी रिपोर्ट के आधार पर प्रीती चतुर्वेदी की सेवा समाप्त करने का निर्णय प्रबन्ध समिति द्वारा सर्व सम्मत्ति से लिया गया और उनकी सेवा समाप्ति के अनुमोदन हेतु पत्रावली उत्तर प्रदेश माध्यमिक सेवा चयन बोर्ड प्रयागराज को भेज दी गयी। सचिव उत्तर प्रदेश मध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड प्रयागराज द्वारा दोनों पक्षों को समक्ष बुलाकर अपना अपना पक्ष रखने का मौका देने के उपरान्त सुनवाई पूर्ण करके निर्णय सुरक्षित रख लिया। 10 अगस्त 2023 को सचिव उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड प्रयागराज द्वारा हस्ताक्षरित एक पत्र विद्यालय में प्राप्त हुआ था। जिसके अनुसार प्रबन्ध समिति के सेवा समाप्ति की सारी कार्यवाही को अमान्य कर दिया गया। जब पत्र की जांच की गयी तो वह फर्जी निकला | जिसमें एफआई दर्ज करनें के आदेश दिये| पुलिस नें बर्खास्त प्रधानाचार्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था|यही मामला हाईकोर्ट में चल रहा है| जिसमे जिला विद्यालय निरीक्षक व बर्खास्त प्रधानाचार्य से तीन सप्ताह के भीतर जबाब मांगा है| जिला विद्यालय निरीक्षक की रिपोर्ट पर भी हाई कोर्ट नें टिप्पणी वहीं हाईकोर्ट नें प्रधानाचार्य का निलंबन बरकरार रखा है| इसके साथ ही हाईकोर्ट प्रधानाचार्य की बर्खास्तगी पर सुनवाई करेगा|
हाईकोर्ट ने डीआईओएस व बर्खास्त प्रधानाचार्य से माँगा जबाब



