आम के पेड़ पर जमकर बौर, बागबान की खुशियों का नहीं कोई ठौर

फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) आम की फसल ने इस बार किसानों के चेहरे पर रौनक ला दी है। आम के पेड़ बौर से लदे हुए हैं। बौर की अधिकता से आम की अच्छी फसल के संकेत माने जा रहे हैं। मौसम की मिजाज ठीक रहा तो आम आम लोगों की पंहुच में होगा|
आम के पेड़ बौर से पूरी तरह ढक गए। उम्मीद है कि अप्रैल के अंत तक लोगों को बाजार में देशी कच्चे आम मिलना शुरू हो जाएंगे। मौसम के उतार चढ़ाव के कारण इस बार आम के वृक्ष में बौर समय से पहले ही आना शुरू हो गया है। जिले में आम की फसल करीब 1 लाख 675 हेक्टेयर में है। आम की सबसे ज्यादा बागन कायमगंज व शमसाबाद पहले नम्बर, दूसरे नंबर पर कमालगंज व तीसरे नंबर पर मोहम्मदाबाद आम पैदा करनें वाले विकास खंड में नम्बर आता है| अधिकांश किसानों ने अपने बाग में भारी मात्रा में कलमी, चौसा, लंगड़ा, सफेदा, दशहरी, फजली आदि आम के पौधों को लगाया है। इन क्षेत्रों में वसंत ऋतु के आगमन के बाद से आम के देसी व अन्य प्रजातियों के पेड़ों में बौर लद गया है। क्षेत्र के आम उत्पादक किसान आम के पेड़ पर पर्याप्त बौर होने से संतुष्ट नजर आ रहे हैं। आम के बगीचों में पेड़ों की रखवाली करने के साथ पेड़ों की देखरेख की जा रही है। बागबान पक्षियों को बौर से दूर रख उन्हें भगा रहे हैं| पक्षी पेड़ पर लगे बौर को काटकर झाड़ देते हैं।
जिला उद्यान अधिकारी राघवेन्द्र सिंह नें जेएनआई को बताया कि आम पर बौर बेहतर आया है| अच्छी फसल की उम्मीद है| लेकिन किसान को बगीचे में नमी का ध्यान रखना होगा| पेड़ की जड़ों में नमी कम होनें से फसल को नुकसान होगा| कुछ दिन बाद ही दवा का छिड़काब करना है|