फर्रुखाबाद: वाल पुष्टाहार विभाग की आज उस समय पोल खुल गयी जब मासूमों के निबाले के लिए आयी पंजीरी की ३९ बोरिया दूध डेरी से बरामद हुईं| इस छापे की जानकारी मिलते ही जिला कार्यक्रम अधिकारी वाल-विकास परियोजना अधिकारी, सुपरवाईजर, कार्यकर्ती एवं सहायिकाओं में हडकंप मच गया|
ख़ास सूचना मिलने पर उप जिलाधिकारी रवींद्र वर्मा ने आज अपरान्ह कोतवाली फतेहगढ़ के मोहल्ला हांथीखाना में महेश चन्द्र पाल की दूध डेरी पर छापा मारा गया| महेश की वृद्ध माँ ने दरबाजा खोला तलाशी के दौरान एक कमरे में छिपाई गयी पंजीरी की ३९ भरी बोरियां व अनेकों प्रतिबंधित इंजेक्शन बरामद हुए|
कानूनी कार्रवाई करने के लिए एसडीएम ने जिला कार्यक्रम कार्यालय के लिपिक रहीश बाबू तथा कोतवाली फतेहगढ़ के इंस्पेक्टर को बुलाया| छापे की सूचना मिलने पर महेश चन्द्र पाल भूमिगत हो गया|
केंद्र व प्रदेश सरकार लाखों रुपये खर्च करके बच्चों के निबाले के लिए प्रत्येक आंगनबाडी केंद्र पर करीब डेढ़ दर्जन बोरियां मुफ्त में उपलब्ध कराई जाती हैं| आला अधिकारियों की सांठ-गाँठ से अनेक कार्यकर्तियाँ करीब सभी बोरियों को बाजार में १७५ रुपये प्रति बोरी के भाव में बेंच देती हैं| जबकि सरकारी खरीद में प्रत्येक बोरी की लागत करीब ६०० रुपये होती है| आयेदिन जिले में आगनबाडी केन्द्रों के बंद रहने की शिकायतें मिलती हैं|


