
फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) पांचाल घाट तट पर साधु संतों के साथ गृहस्थों के पहुंचने से राम नगरिया लगने सजने लगी है। जिससे राम नगरीयामें कल्पवास करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने लगी है। दूर दराज के लोग भी कल्पवास को आते हैं। कल्पवास के साथ 

ही नियमित होने वाले सत्संग व कीर्तन में भागीदारी करने के लिए भी लोग आते हैं । पूरे महीने यहां पर भंडारा चलता है। रामनगरिया की लोकप्रियता को देखते हुए उसके क्षेत्रफल को 200 मीटर और बढाया गया है| 
कंपकपा देने वाली ठंड, उस पर बर्फीली हवा से होती सिहरन। इसकी परवाह किए बिना अध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर मां गंगा के भक्त पांचालघाट पर कल्पवास को बढ़े चले जा रहे थे। ब्रह्म मुहूर्त से पहले ही ‘जय गंगा मइया’ व ‘हर-हर गंगे’ का घोष कोहरे व ठंड पर भारी पड़ने लगा है। माघ मेला रामनगरिया स्नान-दान, जप-तप के अनुष्ठान से गुलजार हो रहा है। मैनपुरी, शाहजहांपुर, बदायूं, बरेली, इटावा, हरदोई के श्रद्धालु कल्पवास के लिए मेला परिसर में अपनी झोपडी बनाने में जुटे है| उधर जिला प्रशासन की तरफ से सभी व्यवस्थाओं को दुरस्त करनें के लिए पूरी ताकत लगा दी गयी है| पूर्व में मेला पौने दो किलोमीटर में लगाया गया था| इस बाद मेले का क्षेत्रफल 200 मीटर बढ़ा दिया गया है|
मेला व्यवस्थापक संदीप दीक्षित नें बताया की इस बाद मेला का क्षेत्रफल 200 मीटर बढ़ाया गया है|
रामनगरिया का क्षेत्रफल 200 मीटर बढ़ा
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