सीमा विवाद में फंसे दो सौ परिवार,राहत सामिग्री के लिये तरस रहे ग्रामीण

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फर्रुखाबाद:(कंपिल) दो जनपदों के बीच बाढ़ में फंसे ग्रामीणों को राहत सामिग्री उपलब्ध कराने के लिये गेंद दोनों जिलों का प्रशासन एक दुसरे की गोद में फेंक रहा है| 200 परिवार वाला गांव सीमा रेखा के चक्कर में बाढ़ के पानी में तड़प रहा है
जनपद फर्रुखाबाद और जनपद बदायूं के मध्य एक गांव जटा जिसमें करीब 200 परिवार रहते हैं| भीषण बारिश और बाढ़ के चलते गंगा के किनारे बसा गांव जटा की हालत बेहद नाजुक है| ग्रामीणों को 2 किलोमीटर पानी में ही चलकर बाजार के लिए आना पड़ता है कई घरों में पानी भरा हुआ है ना ही इस गांव की ओर जनपद बदायूं का प्रशासन ध्यान दे रहा है और ना ही फर्रुखाबाद का| अब ऐसे में यह लोग यह आस लगाए हुए बैठे हैं कि किस जनपद का प्रशासन उनकी तरफ कोई ध्यान दे देता है। ग्रामीणों की खेती जनपद फर्रुखाबाद में है जो कि जलमग्न हो चुकी है और गांव जनपद बदायूं में बसा हुआ है|
बदायूं की तरफ से भी ग्रामीणों को कोई राहत सामग्री या राहत बचाव कार्य के लिए कोई भी इंतजाम नहीं किया गया है| और ना ही दवाई आज के लिए कोई डॉक्टर की टीम उस गांव में नजर आई है। ग्रामीण इसरार, समीर,शमशाद आदि ने बताया कि गंगा के कटान में गांव के 12 घर कट चुके हैं।
एसडीएम ने बांटी राहत सामिग्री
कंपिल के पथरामयी,पलीतपुरा,गढ़ी,हमीरपुर मजरा, जात ,मंतपुरा ,चौडेरा सहित इकलहरा, शेखपुर में भी बाढ़ का पानी पहुंच चुका है। शुक्रवार को एसडीएम अनिल कुमार ने ग्राम पथरा मई के प्राथमिक विद्यालय में पहुंचकर बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री बांटी| ग्राम समाज की जगह में 50 परिवारों को पॉलिथीन दिलवाकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की व्यवस्था की। ग्रामीणों की मांग पर दो नावों की व्यवस्था की गईं। इस दौरान नायब तहसीलदार पवन गुप्ता, जिला पंचायत सदस्य किशनपाल सिंह यादव,ग्राम प्रधान अवधेश यादव किशनू चतुर्वेदी ,सुदेश राजपूत आदि लोग रहे|

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