नही खुला विशाल की मौत का राज, आखिर कैसे हुई मौत?

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फर्रुखाबाद: बीती रात बाइक चोरी के आरोप में पकड़े गये आरोपी की मौत का राज फ़िलहाल पोस्टमार्टम में भी नही खुल सका| जिससे उसकी मौत की गुत्थी उलझ गयी है| वही पुलिस मामले की जाँच कर रही है|

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थाना राजेपुर के बमियारी रामपुर निवासी विशाल पाठक पुत्र चन्द्रमोहन पाठक उर्फ़ रामू को बाइक चोरी करने के आरोप में पकड़ने के बाद डायल 100 के द्वारा सुरक्षित लाना और फिर कोतवाली की हवालात में बंद करने के बाद उसकी मौत हवालात में फांसी लगाने से होना कई सबाल खड़े करता है| एक बड़ा सबाल यह की जिस सरकारी कंबल को पुलिस फाड़कर फांसी लगाने की बात आकर रही थी वह किसी भी हालत में फट नही सकता| लेकिन पुलिस ने अपना संकट काट कर पहले विशाल के खिलाफ बाइक मालिक फौजी विकास कुमार पुत्र ज्वाला प्रसाद निवासी ठिउरिया पिपरगाँव मोहम्मदाबाद से तहरीर ली| सूत्रों की माने तो पुलिस ने आरोपी के मरने के बाद विशाल के खिलाफ बाइक चोरी करने का मुकदमा दर्ज किया| लेकिन मुकदमा में समय मरने के पहले का अंकित किया गया|

जिससे पुलिस को फौजी को आरोपी बनाने में आसानी हो गयी| वही प्रतीक गर्ग सहित सात अन्य लोगो के खिलाफ हत्या का मुकदमा यह दिखाकर दर्ज कराया की बाइक चोरी के दौरान उसके साथ मारपीट की गयी| पुलिस ने किसी विवाद से बचने के लिये बीती देर रात 2 बजे मृतक आरोपी विकास का पोस्टमार्टम कराया| पोस्टमार्टम दो चिकित्सको के पैनल डॉ० प्रदीप सिंह व डॉ० सुमित कुमार ने किया| सूत्रों की माने से विकास के शव का पोस्टमार्टम करने के दौरान उसकी मौत का कारण साफ़ ना होने पर बिसरा सुरक्षित कर दिया गया| उसमे फांसी लगाने की पुष्टी नही हुई| वही पोस्टमार्टम की वीडियो ग्राफी करायी गयी| उसके सिर के पीछे हल्की एक चोट मिली और नाक के ऊपर भी एक चोट मिली|

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