निकाय चुनाव टिकट में सबके पत्ते देखकर भाजपा चलेगी अपना दांव

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लखनऊ: निकाय चुनाव के लिए सपा और बसपा ने कुछ उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं लेकिन कांग्रेस अभी पीछे है। भाजपा ने अभी अपने पत्ते नहीं खोले हैं। जिस तरह से भाजपा ने वार्ड स्तर तक की सूची पर राज्य मुख्यालय में बैठकर मंथन किया है उससे यही लगता है कि सभी दलों को आजमाने के बाद भाजपा अपने उम्मीदवारों की सूची जारी हो सकती है। भाजपा चुनाव समिति की तीन दिनों से चल रही क्षेत्रवार बैठकों में महापौर, पार्षद और पालिका अध्यक्ष पद के उम्मीदवारों का नाम भले तय हो गए हों लेकिन गुरुवार को सूची जारी नहीं की जा सकी। शायद भाजपा विपक्षी दलों का दांव समझने की कोशिश कर रही है। टिकट पर मंथन के दावेदारों के समर्थक और आका अपनों के लिए जोर लगाते भी दिखे।

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तीन दिन मंथन का फैसला सुरक्षित
अब समझा जा सकता है कि शुक्रवार को संभवतः भाजपा पहले चरण की सूची जारी कर सकती है। गुरुवार को भाजपा मुख्यालय में प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडेय की अध्यक्षता में चुनाव समिति की बैठक संपन्न हुई। इसमें प्रदेश प्रभारी ओमप्रकाश माथुर, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व डॉ. दिनेश शर्मा, केंद्रीय मंत्री शिवप्रताप शुक्ल, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही समेत संबंधित क्षेत्रों अध्यक्ष व संगठन मंत्री समेत कई प्रमुख लोग शामिल रहे। इस बैठक के शुरू में ब्रज क्षेत्र, शाम को पश्चिम क्षेत्र और रात में अवध क्षेत्र के प्रत्याशी चयन पर चर्चा की गई। भाजपा के वरिष्ठ नेता जिताऊ और लोकप्रिय उम्मीदवारों के नामों के पैनल में से किसी एक के लिए मंथन करते देखे गए। इससे पहले दो दिन गोरखपुर और काशी क्षेत्र के नामों पर मंथन हुआ था।

तीन दिनों में 16 नगर निगम महापौर और 1300 वार्ड पार्षद और नगर पालिका के 198 अध्यक्ष पद उम्मीदवारों के नाम समेत करीब पांच हजार दावेदारों पर मंथन चला। उल्लेखनीय है कि भाजपा ने हर सीट के लिए तीन-तीन नामों के पैनल पर विमर्श का फार्मूला बनाया था मगर क्षेत्रीय और जिला इकाइयों की ओर से औसत चार से पांच नाम आए।

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