अबैध कब्जो से नही मिल रही फारियादियों को निजात

फर्रुखाबाद: सूबे में जब योगी सरकार आयी तो आम व गरीबकमजोरो को यह भरोसा था कि उन्हें अब दबंगो के द्वारा कब्जा की गयी उनकी भूमि वापस मिलेगी| बिना सिफारिस व अबैध बसूली के उनका कार्य सरकारी तंत्र करेगा| लेकिन यह सपना पूरा नही हुआ| तहसील दिवस के आंकड़ो पर यदि नजर डाले तो पता चलता है कि सर्वाधिक शिकायते अबैध कब्जे की आ रही है|पीड़ित कई-कई बार शिकायत कर चुका इसके बाद भी कोई उनकी शिकायत पर जाँच कराने का भरोसा देकर टरका दिया जाता है |

सदर तहसील में गढिया ढीलाबल निवासी मोनू कुमार पुत्र विनोद कुमार ने तहसील दिवस में शिकायत कर कहा कि उन्होंने तहसील दिवस में पूर्व में दो शिकायते गाँव में सरकारी भूमि पर अबैध कब्जा हटाए जाने के सम्बन्ध में की थी| शिकायत के दो दिन बाद ही उसके पास समस्या निस्तारण का संदेश मोबाइल में आ गया| जब उसने पता किया तो यथा स्थिति थी| सोनू ने एडीएम आरबी सोनकर से शिकायत कर नाप ठीक से कराये जाने की मांग की| मधु पत्नी नरेन्द्र कुमार, ब्रजराज सिंह पुत्र देवेन्द्र सिंह निवासी भोलेपुर, शकर दास पुत्र गयादीन ककौली, सतेन्द्र सिंह पुत्र रवेन्द्र सिंह, सुनीता देवी पत्नी ब्रह्मानन्द की तरफ से अबैध कब्जे से सम्बन्धित ही शिकायत की गयी| अफसरों ने जाँच कर सम्बन्धित अधिकारी को कार्यवाही के लिये लिखा|

तहसील दिवस में कुल 95 समस्या आयी| जिसमे से 26 का निस्तारण किया गया| मजे की बात यह है कि जिस समय तहसील दिवस चल रहा था उस समय बरामदा पूरी पूरी तरह से फरियादियों से भरा हुआ था| लेकिन सरकारी आंकड़ो में केबल 95 फरियादियों की शिकायते दर्ज की गयी| जिससे सबाल खड़े होते है कि सरकारी आंकड़ो में फरियादियो की संख्या कम करने के लिये बहुत सी शिकायते दर्ज नही की जा रही है|एएसपी त्रिभुवन सिंह, एसडीएम अजीत सिंह, तहसीलदार आदि मौजूद रहे|