फर्रुखाबाद:लखनऊ स्पेशल टाक फ़ोर्स ने आरमोरर व पुलिस लाइन के सिपाही सहित तीन को सरकारी कारतूस बेचने के मामले में दबोच लिया है| एसटीएफ ने उनके पास से 150 कारतूस भी बरामद किये है|
पुलिस लाइन अलीगढ़ में तैनात आर मोरर रजनेश पाण्डेय निवासी कमलपुर भोगांव मैनपुरी, पुलिस लाइन फतेहगढ़ में तैनात सिपाही अनुज वर्मा पुत्र लाल बहादुर निवासी जसमापुर गजनेर कानपुर देहात व 25 वर्षीय प्रभात मिश्रा पुत्र ज्ञानेद्र चन्द्र मिश्रा निवासी जगन्नाथपुर खिखडी भदोई को सरकारी कारतूसो की बिक्री करने में लखनऊ एसटीएफ संदीप मिश्रा ने भोलेपुर हनुमान मन्दिर के निकट से गिरफ्तार किया गया है| घटना के सम्बन्ध में कोतवाली फतेहगढ़ में मुकदमा पंजीकृत किया जा रहा है|कोतवली के सिपाही दिनेश चन्द्र ने सभी का लोहिया अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया| एसटीएफ को पूंछताछ में आर मोरर रजनेश पाण्डेय ने बताया की 10 मई 2015 को बसपा के पूर्व विधायक उदयभान सिंह के दिल्ली पेशी के दौरान इटावा स्टेशान पर उनके गुर्गो को 200 कारतूस थे|
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक मुम्बई में हुये एक गैंगवार के दौरान मिले कारतूसो को जाँच के दौरान यूपी पुलिस का पाया गया था| जिसके बाद जाँच लखनऊ एसटीएफ को दी गयी थी| तभी से लखनऊ एसटीएफ कारतूसो के कारोबारी की तलाश कर रही थी| एसटीएफ को सटीक सूचना मिली की कारतूसो का आरमोरर फतेहगढ़ में है| जिस पर एसटीएफ उसके पीछे लग गयी| आर मोरर ने पुलिस लाइन में तैनात सिपाही अनुज वर्मा व एक पूर्व बसपा विधायक के गुर्गे प्रभात मिश्रा को भोलेपुर में कारतूस बिक्री करने के लिये बुलाया| एसटीएफ ने पहले से ही अपना तानावाना बुन रखा था| जैसे ही कारतूसो की खरीद शुरू हुई एसटीएफ ने उन्हें मौके से दबोच लिया| उनके पास से 38 बोर के 120 कारतूस व थ्री नाट थ्री के 29 कारतूस बरामद कर लिये| जिससे पूरे नेटवर्क का भंडा फुट गया| पुलिस पकड़े गये आरोपियों से पूंछताछ कर रही है|
पुलिस अधीक्षक विजय यादव ने बताया की आरोपी सिपाही अनुज वर्मा को निलम्बित कर जाँच के आदेश दे दिये है|


