वाराणसी : शीतला घाट पर धमाका होने के लगभग सात घंटे बाद प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती नगर में पहुंचीं। रात लगभग एक बजे वह एअरपोर्ट पहुंचीं जहां से उनका काफिला सीधे नगर के लिए रवाना हुआ। इस दौरान उन्होंने अफसरों से घायलों व घटना के बारे में विस्तार से जानकारी ली। पुलिस अधिकारियों से अब तक की खोजबीन व घटना के कारणों की जानकारी ली।
सीएम के पहुंचने से लगभग एक घंटा पहले ही उनके आने की खबर मंडलीय अस्पताल पहुंच गई जिसका नतीजा यह हुआ समूचा अस्पताल मानो सोते से जाग उठा। चिकित्सक आला उतारकर बिजली के झूले तारों व स्विचबोर्ड को ठीक करने लगे। वार्ड ब्वाय व अन्य पैरामेडिकल स्टाफ ट्यूबलाइट बदलने में लग गए।
चंद मिनटों के भीतर अस्पताल का हर कोना रोशन हो उठा। कोने-अतरे की गंदगी को पर्दे से ढंक दिया गया। कुछ ऐसा ही आलम शहर की सड़कों पर देखने को मिला। रात के सन्नाटे में मुख्यमंत्री की नजर कही सड़क किनारे पसरी गंदगी पर न पड़ जाय इसके लिए नगर निगम भी सोते से जाग उठा। जिन रास्तों से मुख्यमंत्री को गुजरना था उन रास्तों के साथ-साथ शहर के अन्य मुख्य मार्गो के दोनों किनारों को भी रातोरात चूने से ढंक दिया गया।
उधर मुख्यमंत्री के घाट पर पहुंचने की सूचना से लगभग आधा घंटा पूर्व सूबे के स्वास्थ्य मंत्री अनंत कुमार मिश्र, पंचायती राज मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य, मुख्य सचिव, गृह सचिव समेत जिले के समस्त बड़े अधिकारी घाट पर पहुंच गए। बसपा के अधिकांश छोटे-बड़े नेता भी कार्यकर्ताओं के साथ मुख्यमंत्री की अगवानी के लिए घाट पर मौजूद रहे।
घायलों का हाल जानने बनारस पहुंचीं मुख्यमंत्री
[adrotate banner="3"]
[adrotate banner="2"]


