FARRUKHABAD : बीते तीन दिनों से राज्य कर्मचारियों की 16 सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल की जा रही है। गुरुवार को भी हड़ताल जारी रही, जिससे सरकारी विभागों में अब काम काज ठप हो गया है। दूर दराज से आने वाले पीड़ितों व जरूरतमंदों को बैरंग लौटना पड़ रहा है। आरटीओ विभाग, कोषागार व कलेक्ट्रेट में आने वाले जरूरतमंदों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन प्रशासन द्वारा इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
गुरुवार को राज्य कर्मचारियों ने सबसे पहले विकास भवन के समस्त विभागों में काम काज बंद कराया। जिसके बाद कलेक्ट्रेट व अन्य विभागों में काम काज बंद कराकर कार्यालयों में ताला डाल दिये गये। राज्य कर्मचारी एक जुट होकर नारेबाजी करते हुए सीएमओ कार्यालय के सामने दरी बिछाकर धरने पर बैठ गये।
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कर्मचारी संयुक्त परिषद एवं राज्य कर्मचारी महासंघ के साझा मंच द्वारा राज्य कर्मचारी अधिकार मंच के प्रदेश नेतृत्व के आहवान पर राज्य कर्मचारी अपनी विभिन्न 16 सूत्रीय मांगों को लेकर अपनी अनिश्चितकालीन हडताल पर है। जिसमें स्वास्थ्य विभाग, राजस्व विभाग, खण्ड विकास कार्यालय, नलकूप विभाग, अमीन संघ एवं लेखपाल संघ आदि सहित सभी राज्य कर्मचारियों ने अपने कार्यालय बंद कर दिये और अपने अपने सरकारी कार्यों से विरत रहे।
कर्मचारी नेताओ ने कहा कि सरकार द्वारा प्रशासन से कर्मचारियों पर दबाब बनाने की कोशिश की जा रही है। कर्मचारी उनके (प्रशासन की) भ्रम पैदा करने की स्थिति में नहीं आयेंगे। वहीं इस हडताल में 16 नबम्वर तक आवश्यक आपत्ति कालीन सेवाओं को हडताल से बाहर रखा गया है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि 16 नबम्वर तक हमारी मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई न की गयी तो ऐसी स्थिति पर 17 नबम्वर से सभी आवश्यक सेवाएं भी ठप्प कर दी जायेगी। आन्दोलन में सभी विभागों के राज्य कर्मचारी शामिल रहे। राज्य कर्मचारी संघ के दो बडे संगठनों की अनिश्चितकालीन हडताल को देखते हुये पुलिस प्रशासन अलर्ट हो गया है।



