चैट ऐप्स से भारत की जासूसी कर रहा है चीन!

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नई दिल्ली।। क्या फ्री चैट ऐप्स के जरिए आपकी सारी जानकारी चीन को मिल रही है? द हैकर्स कॉन्फ्रेंस में साइबर सिक्यूरिटी रिसर्चर ने यह आरोप लगाया कि हाल ही में इंडिया में पॉप्युलर चैट ऐप्स से चीन सरकार भारतीय लोगों की जासूसी कर रही है। उनका डेटा बेस चुरा रही है और उनके वॉइस सैंपल भी।
दिलचस्प यह है कि जब कॉन्फ्रेंस में इस चैट ऐप्स के डेटा बेस इन्क्रिप्शन को तोड़कर यह दिखाया गया कि उसके जरिए कैसे लोगों की जीपीएस लोकशन को ट्रैक किया जा रहा है और वॉयस सैंपल चीन भेजे जा रहे हैं, उस वक्त चीन की इस कंपनी के इंडिया प्रतिनिधि भी कॉन्फ्रेंस में मौजूद थे। दिल्ली में दूसरी बार ‘द हैकर्स कॉन्फ्रेंस’ आयोजित की गई। जिसमें कई देशों के साइबर सिक्यूरिटी एक्सपर्ट्स और हैकर्स शामिल हुए। कॉन्फ्रेंस के टेक्निकल सेशन में साइबर सिक्यूरिटी रिसर्चर जितेन जैन ने चीन की कंपनी की फ्री चैट ऐप्स का  इन्क्रिप्शन तोड़कर दिखाया। बताया कि किस तरह चीन के सर्वर पर चैट ऐप्स यूज करने वालों की सारी जानकारी जा रही है। यह भारत की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा हो सकता है। हैकर्स कॉन्फ्रेंस के को-ऑर्गनाइजर मोहित कुमार ने बताया कि किस तरह मैसेजिंग ऐप्स और ऐंड्रॉयड गेम्स का इस्तेमाल स्पाइंग के लिए किया जाता है। उन्होंने बताया कि ऐप्लिकेशन डाउनलोड करते वक्त ये जो परमिशन मांगते हैं, उस आधार पर यूजर का डेटा कॉपी कर सकते हैं, फोटो ले सकते हैं और मोबाइल में स्टोर सारी इन्फर्मेशन चुरा सकते हैं। एक्सपर्ट्स ने बताया कि स्मार्ट फोन में लोग कई ऐप्स डाउनलोड करते हैं और वही ऐप्स उनकी जासूसी करने का हथियार बन जाती है।
इसलिए कोई भी ऐप्स डाउनलोड करने से पहले देखलें कि वह क्या-क्या परमिशन मांग रहा है। जितना मुमकिन हो मोबाइल पर कम से कम पर्सनल डेटा रखें। अमेरिकी हैकर्स ने सबसे सेफ समझे जाने वाली एसएसएल लेयर का इन्क्रिप्शन ब्रेक करके दिखाया। माना जाता है कि एसएसएल लेयर पर कोई सेंध नहीं लगा सकता। इसका इस्तेमाल सभी बैंक और ईमेल कंपनियां सेफ कम्यूनिकेशन के लिए करती हैं। लेकिन हैकर्स ने इसे महज 30 सेकंड में ब्रेक कर दिखाया। सिंगापुर से आए रिसर्चर ने उन सॉफ्टवेयर की जानकारी दी, जिनके जरिए मोबाइल ऐप्लिकेशन की जांच की जा सकती है कि कहीं उनके जरिए कोई जासूसी तो नहीं कर रहा। श्रीलंका के हाई कमिश्नर प्रसाद करियावासम ने कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन करते हुए साउथ एशियन देशों के बीच साइबर सिक्यूरिटी कोऑपरेशन पर जोर दिया। उन्होंने भारतीय हैकर्स और सिक्यूरिटी रिसर्चर्स को कोलंबो आने का न्योता दिया और साइबर सिक्यूरिटी पर जानकारी शेयर करने को कहा।

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