फर्रुखाबादः बेसिक शिक्षा विभाग में समायोजन स्थानांतरण के नाम पर वसूली और उगाही का सिलसिला काफी पुराना है। इस बार भी विभागीय कर्मचारियों और दलालों ने समायोजन में मनमाफिक तैनाती का झांसा देकर शिक्षकों से लाखों रुपये की वसूली कर रखी है। परंतु इस बार समायोजन पूर्ण होनेे से पूर्व ही बेसिक शिक्षा अधिकारी भगवत पटेल की लाइन हाजिरी का आदेश आ जाने के चलते पांसा पलट गया। अब शिक्षकों से वसूली गयी धनराशि को हड़पने के लिये सूची निरस्त हो जाने की अवफाहों को अफवाह दी जा रही है।
वदित है कि बेसिक शिक्षा विभाग में हर वर्ष शिक्षकों के रिटायरमेंट, प्रोन्नति और छात्रसंख्या में परिवर्तन के चलते समायोजन स्थानांतरण की प्रक्रिया अपनायी जाती है। इसमें मनमाफिक तैनाती पाने के लिये मोटा वेतन पाने वाले अध्यापक अक्सर मोटी रिश्वत देने से नहीं कतराते हैं। विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के लिये यह आमदनी की एक वार्षिक मद है। इस बार भी शिक्षकों से समायोजन के नाम पर अच्छी खासी रकम वसूली गयी थीं। परंतु समायोजन पर्ण होने से पूर्व ही बीएसए का तबादला हो गया और दलालों की उम्मीदे धरी की धरी रह गयीं। अब इस वसूली की धनराशि को हड़पने के लिये सूची बनने व निरस्त हो जाने की अफवाहें उड़ाई जा रही हैे।
हकीकत यह है कि अभी कोई सूची बनी ही नहीं है। सहायक बेसिक शिक्षा निदेश विनय कुमार गिल ने बताया कि कोई सूची उनको जनपद फर्रुखाबाद से प्राप्त ही नहीं हुई है। जब सूची बनी ही नही ंतो निरस्तीकरण कहां से हो गया। नियमानुसार समायोजन की अंतिम तिथि 22 अगस्त थी। जो निकल चुकी है। अब समायोजन के लिये सचिव बेसिक शिक्षा की अनुमति लेनी होगी। बहर हाल नये बेसिक शिक्षा अधिकारी नरेंद्र कुमार शर्मा फिलहाल चार्ज लेने के बाद स्थानांतरण अवकाश पर चले गये हैं। प्रभारी के तौर पर कार्य देख रहे सहायक बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रवीण शुक्ला विभागीय बैठक में भाग लेने कानपुर गये है। इस लिये इस संबंध में उनसे वार्ता नहंी हो सकी।
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वसूली का पैसा हड़पने को उड़ाई समायोजन सूची निरस्तीकरण की अफवाह
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