FARRUKHABAD : जनपद में प्राइमरी व प्री प्राइमरी स्कूलों में अवैध वसूली धड़ल्ले से अभिभावकों से की जा रही है। लेकिन इस अवैध वसूली को रोकने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कोई भी प्रयास नहीं किया जा रहा है। इसी अवैध वसूली की शिकायत लेकर अपने बच्चों के साथ पहुंचे एक अभिभावक को जिलाधिकारी ने फटकार लगाते हुए उसे फीस जमा करने के लिए 400 रुपये दिये और कहा कि भविष्य में वह इस तरीके की घटिया शिकायतें न लेकर आयें और बच्चों को ढंग से पढ़ायें।
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शहर कोतवाली क्षेत्र के नगला खैरबंद निवासी कमलेश कुमार शाक्य पुत्र रामचन्द्र अपने तीन बच्चों के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। जहां पर उन्होंने शिकायत की कि उनके तीन बच्चे ठंडी सड़क स्थित विद्या एजूकेशन सेन्टर में पढ़ रहे हैं। जिसमें उसने अभी तक 1800 रुपये फीस जमा कर दी। लेकिन उसने मई जून की फीस नहीं दी। जिससे खिसियाये प्रधानाचार्य ने बच्चों को स्कूल से मारपीट कर भगा दिया।
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जिस पर जिलाधिकारी ने आरोप को झूठा समझते हुए उन्होंने कहा कि इस तरह का आरोप लगाने से पहले बच्चों को वह अच्छी तरह से पढ़ायें और जिलाधिकारी ने फीस जमा करने के लिए उन्हें 400 रुपये नगद धनराशि दिये।
जनपद में एक तो कुकरमुत्तों
की तरह हर गली मोहल्लों मे प्री प्राइमरी व प्राथमिक एजूकेशन सेन्टर खुल गये हैं। झोपड़ी व टीनशेड में पढाई करने वाले स्कूलों तक में अभिभावकों से मान्टेसरी के नाम पर मोटी फीस वसूली जा रही है और इतना ही नहीं आरटीई की धज्जियां उड़ाईं जा रहीं हैं। लेकिन जिम्मेदार अधिकारी व कर्मचारी यह सब जानकार भी अनजान बने हुए हैं जिससे आये दिन इसी तरह से स्कूलों से गरीब बच्चों को फीस के लिए भगाने के मामले आते हैं और थक हार कर फीस न दे पाने वाले अभिभावक अपने बच्चों को इन स्कूलों से ड्राप आउट कर लेते हैं।



