लघु सिंचाई विभाग में करोड़ों के घोटाला, एफआईआर की तैयारी

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FARRUKHABAD : जनपद में लघु सिंचाई विभाग के अन्तर्गत किये गये करोड़ों के घोटाले व गोलमाल के मामले में अब कलई खुलती नजर आ रही है। जिलाधिकारी द्वारा मुख्य विकास अधिकारी आईपी पाण्डेय से जांच करवायी गयी है। जांच में अभिलेख नदारद होने पर अब सम्बंधित दोषियों के खिलाफ एफआईआर का ताना बाना बुना जा रहा है।

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विदित हो कि समाजवादी पार्टी के मंत्री शिव कुमार बेरिया द्वारा जनपद में 1264 ट्यूबेल लघु सिंचाई योजना के अन्तर्गत दिये गये थे। लेकिन सम्बंधित अधिकारियों की मिलीभगत से इन सभी 1264 ट्यूबेलों की रकम डकार ली गयी। कहीं भी कोई ट्यूबेल नहीं लगवाया गया, मात्र कागजों पर ही पुराने ट्यूबेलों को नया दिखाकर शासन को 10 दिन के latterअंदर रिपोर्ट भेज कर सारी रकम डकार ली गयी। इतना ही नहीं इस गोरखधन्धे में सिंचाई अभियंताओं को भी मुहं मांगी रकम दी गयी। यहां तक कि कुछ सपा नेताओं ने विभागीय मंत्रियों के साथ-साथ सत्तासीन लोगों तक इसकी शिकायत की। जिसके बाद जिलाधिकारी पवन कुमार ने पूरे प्रकरण की जांच कराने के आदेश दिये।

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सीडीओ आई पी पाण्डेय ने लघु सिंचाई विभाग के अन्तर्गत इतने बड़े घोटाले की जांच की तो मामला सामने आ गया। मात्र 10 दिन की कार्यवाही में सभी ट्यूबेलों की रिपोर्ट शासन को बखूबी भेजकर पूरा पैसा डकार लिया गया।जांच के दौरान लघुसिंचाई विभाग में नि:शुल्‍क बोरिंग के संबंध में सीडीओं को कोई अभिलेख ही मौजूद नहीं मिले।  सीडीओ ने सम्बंधित दोषी अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर कराने के लिए भी ताना बाना बना लिया है। जिससे अब करोड़ों के इस घोटाले में कई उच्चाधिकारियों के भी फंसने की पूरी संभावना है।

जबिक अब जांच के घेरे में आ रहे विभागीय अधिकारी व कर्मचारी प्रकरण में स्‍थानीय उच्‍चाधिकारियों की मिली भगत का भी दबी जुबान से उल्‍लेख कर रहे हैं।

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