गफलत या मिलीभगत? लखनऊ से वापसी में सजायाफ्ता कैदी फरार

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फर्रुखाबाद: जिला जेल में उम्र कैद की सजा काट रहा कैदी नेत्रपाल विगत रात्रि लखनऊ से वापस आते समय फरार हो गया। सुरक्षा में साथ गये दोनो सिपाही बेहोशी की हालत में जीआरपी कासगंज की हिरासत में है।

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फतेहगढ़ स्थित जिला जेल का सिद्ध दोष बंदी नेत्रपाल पुत्र पान सिंह निवासी लभेड़ा अमृतपुर इलाज के लिए मेडिकल कालेज लखनऊ गया था। उसके साथ पुलिस लाइन से दो सिपाही जयकरन व जतिन कुमार गये थे। दोनो सिपाही नेत्रपाल को लेकर छपरा-जयपुर एक्सप्रेस से फर्रुखाबाद लौट रहे थे, कि रास्ते में ही संदिग्ध परिस्थितियों में नेत्रपाल फरार हो गया। दोनो सिपाही नींद बेहोशी की हालत में जीआरपी कासगंज की हिरासत में बताये गये हैं। जिला जेल अधीक्षक कैलाशचन्द्र ने बताया कि नेत्रपाल हत्या के आरोप में 27 नवम्बर 2007 से जिला जेल में निरुद्व था। विगत 24 जनवरी 2011 को उसे आजीवन कारावास की सजा सुनायी गयी थी। नेत्रपाल को कार्डियस डिसफंक्शन (ह्रदय रोग) के इलाज के लिए लखनऊ मेडिकल कालेज भेजा गया था। नेत्रपाल पूर्व में भी कई बार चिकित्सीय उपचार के लिए लखनऊ जा चुका है। प्रतिसार निरीक्षक पुलिस लाइन फतेहगढ़ ने बताया कि बंदी नेत्रपाल के साथ गये कांस्टेबिल जयकरन व जतिन कुमार के जीआरपी कासगंज की हिरासत में होने की सूचना मिली है। सिपाहियों को लाने के लिए पुलिस लाइन से एक उपनिरीक्षक को कासगंज भेज दिया गया है।

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