दहेज की भेंट चढ़ी एक और विवाहिता की इलाज के दौरान मौत

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फर्रुखाबाद: शादी के बंधन में बंधने के बाद मायके से अपने पति के नाम की मेहंदी लगाकर कई सपने संजोये ससुराल आने वाली महिलायें जब अपने ही पति के दुर्व्यवहार का शिकार होती हैं तो उनके सपने चकनाचूर हो जाते हैं। दहेज के लोभी ससुरालीजन अत्याचार शुरू कर देते हैं। जिस पर सैकड़ों क्या प्रति वर्ष हजारों की संख्या में महिलाएं दहेज हत्या की भेंट चढ़ जाती हैं। ऐसी ही एक घटना में पति व ससुरालीजनों द्वारा महिला को जलाकर मारने की बात सामने आयी है। महिला की तकरीबन 18 दिन बाद इलाज के दौरान मौत हो गयी। परिजनों ने ससुरालियों पर दहेज हत्या का आरोप लगाया है।

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शहर क्षेत्र के मोहल्ला पलरिया के चोबदारान निवासी रामनिवास ने अपनी पुत्री रीना राठौर का विवाह नबावगंज के ग्राम बरतल में जितेन्द्र राठौर के साथ किया था। जितेन्द्र राठौर नबावगंज में चाट इत्यादि बेचने का काम करता है। तकरीबन ढाई साल पहले चार जुलाई 2010 को रीना राठौर का विवाह हुआ और उसके कुछ समय बाद से ही जितेन्द्र व उसके परिजन रीना के साथ दुर्व्यवहार करने लगे। रीना के पिता रामनिवास ने बताया कि अक्सर रीना पति के उत्पीड़न की बजह से हमारे पास ही रहती थी। जब जितेन्द्र ने रीना के साथ मारपीट का सिलसिला ज्यादा ही बढ़ा दिया तो मजबूरन 9 माह पूर्व अदालत के आदेश पर दहेज उत्पीड़न का मुकदमा पंजीकृत कराया गया। लेकिन मुकदमा दर्ज होने के बाद जितेन्द्र के परिवार वालों ने कह सुनकर समझौते की स्थिति बनायी और दोनो के बीच में समझौता हो गया। लेकिन 7 अक्टूबर को रीना का पुनः फोन उसके पिता के पास आया और उसने जितेन्द्र द्वारा मारने पीटने की बात कही। जिस पर उसके पिता रामनिवास ने उसे मायके बुला लेने का आश्वासन दिया।

रामनिवास ने आरोप लगाया कि 8 अक्टूबर को उसकी पुत्री रीना राठौर अपने कमरे को अंदर से बंद करके सो रही थी। कमरे की खिड़की से जितेन्द्र ने मिट्टी का तेल डालकर रीना को आग के हवाले कर दिया। छटपटाहट में रीना कमरा खोलकर बाहर भागी तो उन लोगों ने उसे पुनः पकड़कर घर में ही गिरा दिया। वहीं जली हुई हालत में जितेन्द्र ने रीना को नाला मछरट्टा स्थित एक अस्पताल में भर्ती कराया। जहां मायके पक्ष के लोग पहुंच गये। मायके पक्ष को आया देख जितेन्द्र व उसके परिजन अस्पताल से खिसक लिये। रीना के पिता रामनिवास ने दो दिन तक उसका इलाज प्राइवेट अस्पताल में करवाया लेकिन जब जेब ने जबाव दे दिया तो 11 अक्टूबर को उसे लोहिया अस्पताल में भर्ती किया गया। जहां उपचार के दौरान 25 अक्टूबर को उसकी मौत हो गयी।

सूचना पर आईटीआई चौकी इंचार्ज जितेन्द्र सिंह चंदेल ने लोहिया अस्पताल में पहुंचकर रीना के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया।

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