68 खाद दुकानों पर छापा, चार के लाइसेंस निलम्बित

फर्रुखाबाद:(जेएनआई ब्यूरो) किसानों को गुणवत्तायुक्त एवं निर्धारित मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिले में शनिवार को बड़े स्तर पर छापेमारी अभियान चलाया गया। जिलाधिकारी के आदेशानुसार कृषि विभाग सहित अन्य विभागों के कुल 14 अधिकारियों की संयुक्त टीमें सभी विकासखंडों में सक्रिय रहीं। जिला कृषि अधिकारी बी.के. सिंह के निर्देशन में यह अभियान संचालित हुआ। अधिकारियों की टीमों ने बढ़पुर, कमालगंज, नवाबगंज, मोहम्मदाबाद, कायमगंज, शमसाबाद और राजेपुर विकासखण्डों में अलग-अलग दुकानों पर निरीक्षण किया। जांच के दौरान 68 उर्वरक बिक्री केंद्रों पर छापे मारे गए, जहां से गुणवत्ता परीक्षण हेतु कुल 18 नमूने एकत्र किए गए। नमूनों को प्रदेश की मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं में परीक्षण के लिए भेजा जाएगा। अमानक पाए जाने पर संबंधित विक्रेताओं के विरुद्ध लाइसेंस निरस्तीकरण के साथ विधिक कार्यवाही भी की जाएगी।
छापेमारी के दौरान कई दुकानें बिना सूचना के बंद मिलीं। इस पर जिला कृषि अधिकारी ने तत्काल प्रभाव से चार उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित कर दिए। इनमें किसान सेवा केन्द्र नरायनपुरगढ़िया, जय बजरंगबली खाद भण्डार नरायनपुरगढ़िया, श्री जी खाद एवं बीज भण्डार भरतामऊ तिराहा तथा दिवाकर खाद भण्डार मॉडल शंकरपुर शामिल हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि संतोषजनक स्पष्टीकरण न मिलने पर इनका लाइसेंस निरस्त कर कानूनी कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।
उर्वरकों की उपलब्धता को लेकर जिला प्रशासन ने बताया कि जनपद में उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण है। नवंबर 2025 तक यूरिया का लक्ष्य 22,672 मैट्रिक टन के मुकाबले 33,349 मैट्रिक टन उपलब्ध है। इसी प्रकार डीएपी, एमओपी , एनपीके तथा एसएसपी उपलब्धता के साथ लक्ष्य से कहीं अधिक मात्रा में मौजूद है। सहकारी समितियों एवं निजी विक्रेताओं के माध्यम से निरंतर आपूर्ति कराई जा रही है, जिससे किसानों को किसी प्रकार की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे आवश्यकता अनुसार ही उर्वरक क्रय करें तथा किसी भी प्रकार की समस्या होने पर विभागीय अधिकारियों को अवगत कराएं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि घटिया उर्वरक बेचने एवं अनियमितता मिलने पर कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।