तहसील सदर में भ्रष्टाचार का आरोप लगा अधिवक्ताओं ने दर्ज कराया आक्रोश

फर्रुखाबाद:(नगर संवाददाता) तहसील सदर में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर अधिवक्ताओं में आक्रोश है आम सभा की बैठक में अधिवक्ताओं ने तहसील बार एसोशिएशन के अध्यक्ष और सचिव के समक्ष समस्याओं को रखा ।
गुरुवार को तहसील सदर बार एसोशिएशन के सभागार में अधिवक्ताओं का दर्द छलका| अधिवक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि तहसील सदर में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है, यहां बिना दक्षिणा के कोई कार्य नहीं होता है, तहसीलदार कार्यालय से लेकर नगर पालिका रजिस्ट्री कार्यालय में अधिकारियों की मनमानी चलती है, जिसका कोपभाजन जनता को बनना पड़ता है ।
तहसील सदर बैनामा दाखिल खारिज की समस्या सबसे बड़ी समस्या है, बैनामा के परवाना कंप्यूटर में फीड नहीं होते हैं और तहसील सदर में अलग-अलग पटलों पर लिपिकों की मनमानी चलती है| कई गांवों की खतौनी अभी तक फीड नहीं हुई है और अगर फीड हुई भी है तो नामों में त्रुटि तथा गलत हिस्सों को चढ़ाया गया है| जिससे किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है ।
आरोप लगाया कि तहसील सदर के उपनिबंधक कार्यालय में सब रजिस्ट्रार द्वारा अधिवक्ताओं से दुर्व्यवहार तथा कार्य में मनमानी की जाती है| रजिस्ट्रार की गलत कार्यशैली के प्रति अगर कोई रोष व्याप्त है| अगर अधिवक्ता विरोध करता है तो रजिस्ट्रार द्वारा उसको दस्तावेज को जांच में भेजने की धमकी दी जाती है । अध्यक्ष अतर सिंह कटियार ने कहा कि अगर अधिवक्ता स्वयं नियम का पालन करे तो कार्य सही से होते रहेंगे। सचिव अतुल मिश्रा ने कहा कि इस प्रकरण में तहसील सदर के दस्तावेज लेखकों से बात करके आगे की रणनीति तय की जाएगी| बैठक में उमाशंकर कटियार, नरेश गुप्ता, मनोज यादव, रविनेश यादव विकास सक्सेना,राहुल दीक्षित, हेमराज राजपूत, रुखमंगल सिंह चौहान, ब्रजेश यादव, प्रदुम्न गुप्ता, वीरेंद्र मिश्रा आदि रहे।